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एक कमरे में पढ़ रहे 124 बच्चे
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 13 Sep 2016 10:42 PM IST
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विस्कोहर के प्राथमिक विद्यालय में एक कक्षा में बड़ी संख्या में पढ़ रहे बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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इटवा। भनवापुर विकास क्षेत्र के बिस्कोहर कस्बे में स्थित प्राथमिक विद्यालय द्वितीय में भवन के अभाव में मात्र एक कक्ष में ही सभी कक्षाएं संचालित की जा रही रही है। इससे जहां बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, वहीं तंग जगह में 124 बच्चे दुश्वारियां भी झेलने को विवश हैं।
वर्ष 2004 में 1.40 लाख की लागत से बिस्कोहर कस्बे के चकरोड पर प्राथमिक विद्यालय द्वितीय भवन का निर्माण कराया गया था। उस दौरान ग्रामीणों ने भवन प्रभारी पर निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप भी लगाया था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। नतीजा 5 नवंबर 2013 को रात्रि में यह विद्यालय भवन अचान क भरभरा कर छत समेत भवन ढह कर जमींदोज हो गया। घटना रात्रि में हुई वरना बड़ा हादसा हो सकता था। तभी से यहां न तो भवन का निर्माण हुआ और न ही भवन प्रभारी पर ठोस कार्रवाई।
तब से कक्षा 1 से 5 तक की सभी कक्षाएं एक कमरे में संचालित करने को अध्यापक मजबूर हैं। विषय व कक्षावार पढ़ाई में परेशानी होती है। अभिभाक निर्मला देवी, पार्वती, अकालमती, मधुसूदन गुप्ता, घिसनी विश्वकर्मा, मंजू, दीपा आदि ने विभाग से भवन निर्माण की मांग की है। लोगों का कहना है कि विद्यालय का हैंडपंप भी खराब है। मध्याह्न भोजन के लिए रसोइयां दूर स्थित दूसरे के घर से पानी लाती है तो बच्चे भोजन करने के बाद पानी पीने घर जाते हैं। शौचालय भी पूरी तरह ध्वस्त है।
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विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाचार्य मीरा सिंह कहती हैं कि असुविधा को ध्यान में रखकर समस्या से 20 दिन पूर्व बीईओ भनवापुर को लिखित रुप से अवगत कराया जा चुका है। इस संबंध में बीईओ भनवापुर ज्ञानचंद मिश्र ने कहा कि अभी जल्द ही हमें यहां का चार्ज मिला है। मामले की जानकारी नहीं थी। जांच कर समस्या के समाधान का हर संभव प्रयास करेंगे।
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वर्ष 2004 में 1.40 लाख की लागत से बिस्कोहर कस्बे के चकरोड पर प्राथमिक विद्यालय द्वितीय भवन का निर्माण कराया गया था। उस दौरान ग्रामीणों ने भवन प्रभारी पर निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप भी लगाया था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। नतीजा 5 नवंबर 2013 को रात्रि में यह विद्यालय भवन अचान क भरभरा कर छत समेत भवन ढह कर जमींदोज हो गया। घटना रात्रि में हुई वरना बड़ा हादसा हो सकता था। तभी से यहां न तो भवन का निर्माण हुआ और न ही भवन प्रभारी पर ठोस कार्रवाई।
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तब से कक्षा 1 से 5 तक की सभी कक्षाएं एक कमरे में संचालित करने को अध्यापक मजबूर हैं। विषय व कक्षावार पढ़ाई में परेशानी होती है। अभिभाक निर्मला देवी, पार्वती, अकालमती, मधुसूदन गुप्ता, घिसनी विश्वकर्मा, मंजू, दीपा आदि ने विभाग से भवन निर्माण की मांग की है। लोगों का कहना है कि विद्यालय का हैंडपंप भी खराब है। मध्याह्न भोजन के लिए रसोइयां दूर स्थित दूसरे के घर से पानी लाती है तो बच्चे भोजन करने के बाद पानी पीने घर जाते हैं। शौचालय भी पूरी तरह ध्वस्त है।
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विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाचार्य मीरा सिंह कहती हैं कि असुविधा को ध्यान में रखकर समस्या से 20 दिन पूर्व बीईओ भनवापुर को लिखित रुप से अवगत कराया जा चुका है। इस संबंध में बीईओ भनवापुर ज्ञानचंद मिश्र ने कहा कि अभी जल्द ही हमें यहां का चार्ज मिला है। मामले की जानकारी नहीं थी। जांच कर समस्या के समाधान का हर संभव प्रयास करेंगे।