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जबरन नहर की पटरी बनाने पर गुस्साए ग्रामीण
Thu, 20 Dec 2018 10:56 PM IST
राकेश पांडेय
siddharthnagar
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 20 Dec 2018 10:56 PM IST
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बढ़नी क्षेत्र के जिगनिहवा उर्फ धनौरी में विरोध जताते ग्रामीण। अमर उजाला
- फोटो : विरोध
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परसा। बढ़नी ब्लॉक के जिगनिहवा उर्फ धनौरी में ग्रामीणों के कई बार नहर की पटरी बनाने का विरोध करने के बावजूद 19 दिसंबर की रात सरयू नहर परियोजना के जिम्मेदारों द्वारा जबरन नहर की पटरी पर मिट्टी डालकर ऊंचा किया जा रहा था। इससे नाराज ग्रामीणों ने विभाग की जेसीबी, ट्रैक्टर और मशीनें आदि कब्जे में लेकर नारेबाजी की और साइफन व पुलिया बनाने की मांग की।
बता दें कि बढ़नी ब्लॉक के जिगनिहवा उर्फ धनौरी में ग्रामीणों ने कई बार नहर की पटरी बनाने का विरोध किया। इसके बावजूद 19 दिसंबर की रात सरयू नहर परियोजना के जिम्मेदारों द्वारा जबरन नहर की पटरी पर मिट्टी डालकर ऊंचा किया जा रहा था। मामले की जानकारी लगी तो गुरुवार की सुबह नाराज ग्रामीणों ने विभाग के वाहनों व मशीनों को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद नारेबाजी करते हुए साइफन व पुलिया बनाने की जोर दार मांग करने लगे। ग्रामीण राममिलन, वलीउल्लाह, रामतीरथ, श्यामसुंदर ने बताया कि सरयू नहर विभाग ने गांव के बाहर बन रही नहर पर पटरी बनवा दिया। पटरी बनने के कारण गांव में बारिश के मौसम में बाढ़ का पानी घुस जाता है। जिससे खेतों की फसलें नष्ट हो जाती हैं। घरों में पानी घुस जाता है। वसीउल्लाह, शहंशाह, हकीमुलाह, रमन जायसवाल ने बताया कि खेतों और गांव के बीच मेें नहर बन रहा है। पुलिया न होने के कारण हमें तीन किलोमीटर चलकर बढनी होकर खेतों में जाना पड़ता है। ढेबरुआ के एसओ आरबी सिंह ने बताया कि इस प्रकार के मामले की कोई जानकारी नहीं है और न ही संबंधित विभाग द्वारा इसकी कोई सूचना दी गई है।
जलजमाव से 15 अगस्त को स्कूल में नहीं हो सका था ध्वजारोहण
बीडीसी सदस्य मो. अयूब, पूर्व बीडीसी अब्दुल रज्जाक, आशाराम, जगलाल, रामकुमार, बदरे आलम ने बताया कि लगातार दो साल से 15 अगस्त को प्राथमिक विद्यालय में जलजमाव के कारण झंडा नहीं फहराया जा सका। विद्यालय की बाउंड्री भी गिर गई है। अगर साइफन नहीं बना तो अबकी बार मात्र 15 मिनट में ही बाढ़ का पानी गांव में तबाही मचा देगा। प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष व प्रधान प्रतिनिधि कमर आलम, राम बेलास, करम हुसैन, अताउल्लाह, हन्नान, राजेन्द्र, अफजल, इसरार आदि का कहना है कि नहर पर पुल व साइफन बनाने को लेकर ग्रामीणों ने डीएम व विभाग के अधिकारियों से कई बार मांग भी कर चुके हैं।
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बता दें कि बढ़नी ब्लॉक के जिगनिहवा उर्फ धनौरी में ग्रामीणों ने कई बार नहर की पटरी बनाने का विरोध किया। इसके बावजूद 19 दिसंबर की रात सरयू नहर परियोजना के जिम्मेदारों द्वारा जबरन नहर की पटरी पर मिट्टी डालकर ऊंचा किया जा रहा था। मामले की जानकारी लगी तो गुरुवार की सुबह नाराज ग्रामीणों ने विभाग के वाहनों व मशीनों को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद नारेबाजी करते हुए साइफन व पुलिया बनाने की जोर दार मांग करने लगे। ग्रामीण राममिलन, वलीउल्लाह, रामतीरथ, श्यामसुंदर ने बताया कि सरयू नहर विभाग ने गांव के बाहर बन रही नहर पर पटरी बनवा दिया। पटरी बनने के कारण गांव में बारिश के मौसम में बाढ़ का पानी घुस जाता है। जिससे खेतों की फसलें नष्ट हो जाती हैं। घरों में पानी घुस जाता है। वसीउल्लाह, शहंशाह, हकीमुलाह, रमन जायसवाल ने बताया कि खेतों और गांव के बीच मेें नहर बन रहा है। पुलिया न होने के कारण हमें तीन किलोमीटर चलकर बढनी होकर खेतों में जाना पड़ता है। ढेबरुआ के एसओ आरबी सिंह ने बताया कि इस प्रकार के मामले की कोई जानकारी नहीं है और न ही संबंधित विभाग द्वारा इसकी कोई सूचना दी गई है।
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जलजमाव से 15 अगस्त को स्कूल में नहीं हो सका था ध्वजारोहण
बीडीसी सदस्य मो. अयूब, पूर्व बीडीसी अब्दुल रज्जाक, आशाराम, जगलाल, रामकुमार, बदरे आलम ने बताया कि लगातार दो साल से 15 अगस्त को प्राथमिक विद्यालय में जलजमाव के कारण झंडा नहीं फहराया जा सका। विद्यालय की बाउंड्री भी गिर गई है। अगर साइफन नहीं बना तो अबकी बार मात्र 15 मिनट में ही बाढ़ का पानी गांव में तबाही मचा देगा। प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष व प्रधान प्रतिनिधि कमर आलम, राम बेलास, करम हुसैन, अताउल्लाह, हन्नान, राजेन्द्र, अफजल, इसरार आदि का कहना है कि नहर पर पुल व साइफन बनाने को लेकर ग्रामीणों ने डीएम व विभाग के अधिकारियों से कई बार मांग भी कर चुके हैं।
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