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बोले शिक्षामित्र: याचना नहीं, अब रण होगा
Updated Tue, 01 Aug 2017 10:47 PM IST
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सिद्धार्थनगर। समायोजन को लेकर सरकार के रुख स्पष्ट करने के बाद शिक्षा मित्रों का आंदोलन तेज हो गया है। जिले के शिक्षा मित्र मंगलवार को भी धरने पर डटे रहे। बीएसए कार्यालय के बाहर सैकड़ों शिक्षा मित्रों ने धरना देकर सरकार विरोधी नारे लगाए। शिक्षा मित्रों ने कहा कि अब वह याचना नहीं करेंगे, आर-पार की लड़ाई का ऐलान होगा। धरनास्थल पहुंचे इटवा विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी और शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने शिक्षा मित्रों को लड़ाई में सहयोग देने का आश्वासन दिया। उनकी मांग को सरकार तक मजबूती से पहुंचाने की भी बात कही।
सुप्रीम कोर्ट के समायोजन रद्द करने के फैसले के बाद से आंदोलित शिक्षा मित्रों को सरकार से बड़ी उम्मीद थी। सबकी निगाहें संघ और शासन के प्रतिनिधियों से होने वाली वार्ता पर टिकी थी। सोमवार की देर शाम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पालन को लेकर सरकार के रुख स्पष्ट करने के बाद अधिकांश शिक्षा मित्रों की उम्मीद टूट गई है। अब तक शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करते आ रहे जिले के शिक्षा मित्र अब आंदोलन तेज करने की तैयारी में जुट गए हैं। मंगलवार को धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भाजपा को सूबे की सत्ता दिलाने में 1.72 हजार शिक्षा मित्रों का भी अहम रोल रहा है। इस वर्ग के हितों की अनदेखी कर सरकार नहीं चल सकेगी। उन्होंने ऐलान किया कि अगर सेवा नियमावली में संशोधन कर सरकार शिक्षा मित्रों का दोबारा समायोजन नहीं करती तो संघ आर-पार की लड़ाई के लिए मजबूर होगा, इसकी पूरी जवाबदेही शासन-सरकार की होगी। उधर, विधायक डॉ.सतीश द्विवेदी व ध्रुव कुमार त्रिपाठी मंगलवार को शिक्षा मित्रों के धरने मेें पहुंचे। शिक्षा मित्रों के प्रति सहानुभूति जताई। कहा कि प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में शिक्षा मित्रों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। उनकी मांग को सरकार तक वह मजबूती से पहुंचाएंगे। पूरी कोशिश होगी कि सरकार सार्थक फैसला ले। धरने में शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधारमण त्रिपाठी, शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत यादव, हेमंत शुक्ला, श्यामबिहारी चौधरी, कृपाशंकर राय, जसवंत सिंह, अरुण कुमार, रिंकू चौधरी, राजेंद्र यादव, अमित सिंह, सत्यभामा मिश्रा, विजय पांडेय, राकेश गुप्ता, ओमप्रकाश, गोरख प्रसाद, रामराज गुप्ता, बागेश्वरी मिश्रा, लक्ष्मी विश्वकर्मा, किसलावती गुप्ता, रूपा, निधि गुप्ता, अशोक यादव, पूर्णिमा यादव, अवनीश पांडेय, राम सजीवन यादव, शांति देवी, सुनीता सिंह, संगीत सिह, प्रियंका सिह, शशि सिंह, प्रमिला देवी, पूनम, रीता, अनिता पांडेय, सुनीता मिश्रा, राम शरन, चंद्रावती, चंद्रमोहन, मुक्तनाथ, घनश्याम यादव, नंदलाल, दीपनारायन पाल, हरिश्चंद चौधरी, अभिषेक श्रीवास्तव और शोभा रानी आदि मौजूद रहे।
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सुप्रीम कोर्ट के समायोजन रद्द करने के फैसले के बाद से आंदोलित शिक्षा मित्रों को सरकार से बड़ी उम्मीद थी। सबकी निगाहें संघ और शासन के प्रतिनिधियों से होने वाली वार्ता पर टिकी थी। सोमवार की देर शाम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पालन को लेकर सरकार के रुख स्पष्ट करने के बाद अधिकांश शिक्षा मित्रों की उम्मीद टूट गई है। अब तक शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करते आ रहे जिले के शिक्षा मित्र अब आंदोलन तेज करने की तैयारी में जुट गए हैं। मंगलवार को धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भाजपा को सूबे की सत्ता दिलाने में 1.72 हजार शिक्षा मित्रों का भी अहम रोल रहा है। इस वर्ग के हितों की अनदेखी कर सरकार नहीं चल सकेगी। उन्होंने ऐलान किया कि अगर सेवा नियमावली में संशोधन कर सरकार शिक्षा मित्रों का दोबारा समायोजन नहीं करती तो संघ आर-पार की लड़ाई के लिए मजबूर होगा, इसकी पूरी जवाबदेही शासन-सरकार की होगी। उधर, विधायक डॉ.सतीश द्विवेदी व ध्रुव कुमार त्रिपाठी मंगलवार को शिक्षा मित्रों के धरने मेें पहुंचे। शिक्षा मित्रों के प्रति सहानुभूति जताई। कहा कि प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में शिक्षा मित्रों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। उनकी मांग को सरकार तक वह मजबूती से पहुंचाएंगे। पूरी कोशिश होगी कि सरकार सार्थक फैसला ले। धरने में शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधारमण त्रिपाठी, शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत यादव, हेमंत शुक्ला, श्यामबिहारी चौधरी, कृपाशंकर राय, जसवंत सिंह, अरुण कुमार, रिंकू चौधरी, राजेंद्र यादव, अमित सिंह, सत्यभामा मिश्रा, विजय पांडेय, राकेश गुप्ता, ओमप्रकाश, गोरख प्रसाद, रामराज गुप्ता, बागेश्वरी मिश्रा, लक्ष्मी विश्वकर्मा, किसलावती गुप्ता, रूपा, निधि गुप्ता, अशोक यादव, पूर्णिमा यादव, अवनीश पांडेय, राम सजीवन यादव, शांति देवी, सुनीता सिंह, संगीत सिह, प्रियंका सिह, शशि सिंह, प्रमिला देवी, पूनम, रीता, अनिता पांडेय, सुनीता मिश्रा, राम शरन, चंद्रावती, चंद्रमोहन, मुक्तनाथ, घनश्याम यादव, नंदलाल, दीपनारायन पाल, हरिश्चंद चौधरी, अभिषेक श्रीवास्तव और शोभा रानी आदि मौजूद रहे।
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