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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष का कारावास
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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 वर्ष का कारावास
सिद्धार्थनगर। अपर सत्र न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने बुधवार को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि न जमा करने पर छह वर्ष अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। पांच वर्ष बाद बेटी को न्याय और दुष्कर्मी को सजा मिलने से पीड़ित परिवार के लोगों को तसल्ली मिली।
उसका बाजार थाना क्षेत्र एक गांव निवासी व्यक्ति ने तहरीर देकर बताया था कि 24 अप्रैल 2017 को रात में घर से बाहर निकली उसकी 13 वर्षीय बहन से बगल में रहने वाले व्यक्ति ने दुष्कर्म किया। बहन के चिल्लाने पर वह वहां गया और आरोपी को पकड़ लिया, लेकिन वह उसे धकेलकर फरार हो गया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य आरोप में केस दर्ज करकेे मामले की जांच कर चार्जशीट को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था।
इस मामले में सुनवाई चल रही थी। न्यायालय की ओर से मामले का संज्ञान लेकर विचारण प्रारंभ किया गया। विचारण के बाद प्रमोद कुमार सिंह विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने साक्ष्यों और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर घनश्याम को दुष्कर्म का दोषी पाया। मामले में सुनवाई करते हुए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर 10 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई। 20 हजार अर्थदंड लगाया। अभियोजन की पैरवी विशेष अधिवक्ता पॉक्सो एक्ट पवन कुमार कर पाठक कर रहे थे।
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सिद्धार्थनगर। अपर सत्र न्यायालय पॉक्सो एक्ट ने बुधवार को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की राशि न जमा करने पर छह वर्ष अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। पांच वर्ष बाद बेटी को न्याय और दुष्कर्मी को सजा मिलने से पीड़ित परिवार के लोगों को तसल्ली मिली।
उसका बाजार थाना क्षेत्र एक गांव निवासी व्यक्ति ने तहरीर देकर बताया था कि 24 अप्रैल 2017 को रात में घर से बाहर निकली उसकी 13 वर्षीय बहन से बगल में रहने वाले व्यक्ति ने दुष्कर्म किया। बहन के चिल्लाने पर वह वहां गया और आरोपी को पकड़ लिया, लेकिन वह उसे धकेलकर फरार हो गया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट सहित अन्य आरोप में केस दर्ज करकेे मामले की जांच कर चार्जशीट को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था।
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इस मामले में सुनवाई चल रही थी। न्यायालय की ओर से मामले का संज्ञान लेकर विचारण प्रारंभ किया गया। विचारण के बाद प्रमोद कुमार सिंह विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने साक्ष्यों और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर घनश्याम को दुष्कर्म का दोषी पाया। मामले में सुनवाई करते हुए गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर 10 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई। 20 हजार अर्थदंड लगाया। अभियोजन की पैरवी विशेष अधिवक्ता पॉक्सो एक्ट पवन कुमार कर पाठक कर रहे थे।
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