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Shravasti News: तुम रसभरी गुझिया, हम झूरि-झूरि पापड़...
Mon, 17 Mar 2025 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Mon, 17 Mar 2025 12:10 AM IST
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इकौना के रामलीला मैदान में रचना पढ़तीं कवयित्री व मंच पर मौजूद लोग।
इकौना (श्रावस्ती)। इकौना के रामलीला मैदान में शनिवार को होली मिलन समारोह व राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। विधायक रामफेरन पांडेय व एसडीएम ओम प्रकाश ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। होली मिलन समारोह में लोगों ने एक दूसरे को गुलाल का टीका लगाकर होली की बधाई दी।
राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में हरदोई से आईं कवयित्री पल्लवी मिश्रा ने मां सरस्वती की वंदना कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। रायबरेली से आए कवि मधुप श्रीवास्तव नर कंकाल ने अपनी हास्य रचनाओं से सबका मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि तुम रसभरी गुझिया, हम झूरि-झूरि पापड़, हम तुम्हरे काटी चुटकी, तुम हमको देव झापड़। जिले के कवि सुरेश सैनिक ने तीन रंग से वंदे मातरम लिख दी नभ की छाती पर, नजर नोच लें बुरी पड़े जो भारत मां की माटी पर... पढ़कर सम्मेलन में ओज की ऊर्जा भर दी। कवि मनीष पांडेय ने पकड़कर हाथ तेरा छोड़ देगा, हवा का रुख बदलकर मोड़ देगा... कविता सुनाकर वाहवाही बटोरी। इसी तरह से कवि मनोज कप्तान ने अपनी रचना पढ़ी कि हर रिश्ता जब तार-तार हो जाता है, दुराचार ही समाचार हो जाता है, जब धरती करती है त्राहिमाम भगवन, निराकार तब नराकार हो जाता है। इसी क्रम में कवि देवेंद्र आग, बलरामपुर जिले की कवयित्री ऋचा मिश्रा ने भी अपनी रचनाओं से लोगों को खूब गुदगुदाया। कार्यक्रम का संचालन राम किशोर तिवारी ने किया। इस मौके पर होली महा समिति अध्यक्ष कन्हैया कसौधन, आशुतोष पांडेय, दिवाकर पांडेय, संजय कसौंधन, अजय जायसवाल, ज्ञान वर्मा आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में हरदोई से आईं कवयित्री पल्लवी मिश्रा ने मां सरस्वती की वंदना कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। रायबरेली से आए कवि मधुप श्रीवास्तव नर कंकाल ने अपनी हास्य रचनाओं से सबका मन मोह लिया। उन्होंने कहा कि तुम रसभरी गुझिया, हम झूरि-झूरि पापड़, हम तुम्हरे काटी चुटकी, तुम हमको देव झापड़। जिले के कवि सुरेश सैनिक ने तीन रंग से वंदे मातरम लिख दी नभ की छाती पर, नजर नोच लें बुरी पड़े जो भारत मां की माटी पर... पढ़कर सम्मेलन में ओज की ऊर्जा भर दी। कवि मनीष पांडेय ने पकड़कर हाथ तेरा छोड़ देगा, हवा का रुख बदलकर मोड़ देगा... कविता सुनाकर वाहवाही बटोरी। इसी तरह से कवि मनोज कप्तान ने अपनी रचना पढ़ी कि हर रिश्ता जब तार-तार हो जाता है, दुराचार ही समाचार हो जाता है, जब धरती करती है त्राहिमाम भगवन, निराकार तब नराकार हो जाता है। इसी क्रम में कवि देवेंद्र आग, बलरामपुर जिले की कवयित्री ऋचा मिश्रा ने भी अपनी रचनाओं से लोगों को खूब गुदगुदाया। कार्यक्रम का संचालन राम किशोर तिवारी ने किया। इस मौके पर होली महा समिति अध्यक्ष कन्हैया कसौधन, आशुतोष पांडेय, दिवाकर पांडेय, संजय कसौंधन, अजय जायसवाल, ज्ञान वर्मा आदि मौजूद रहे।
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