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श्रावस्ती से चार शहरों के लिए भरेंगे उड़ान
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श्रावस्ती एयरपोर्ट
- फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत श्रावस्ती में एयरपोर्ट के निर्माण का काम लगभग पूरा है। उड्डयन मंत्रालय ने इस एयरपोर्ट से उड़ान भरने के लिए लाइसेंस जारी कर दिया है। पहले चरण में यहां से चार शहरों को जोड़ा जाएगा। गुड़गांव की कंपनी यहां से 19 सीटर विमान उड़ाएगी।
श्रावस्ती में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत 2018 में एयरपोर्ट का निर्माण शुरू हुआ था। यह एयरपोर्ट बनकर तैयार हो गया है। यहां से हवाई सेवा प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण व राज्य सरकार के बीच ओएमयू भी कई माह पहले हो गया था। इसके बाद से ही लाइसेंसी प्रक्रिया तेज हो गई थी। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ने गुड़गांव कीएक कंपनी को श्रावस्ती से 19 सीटर विमान उड़ाने का लाइसेंस जारी कर दिया है। प्रथम चरण में लखनऊ से श्रावस्ती, श्रावस्ती से वाराणसी, श्रावस्ती से प्रयागराज व कानपुर से श्रावस्ती के बीच अप-डाउन सीधी सेवाएं शुरू होंगी। इसकी पूरी तैयारी जिले में हो चुकी है।
रोजगार के मिलेंगे अवसर
जिले से हवाई सेवा शुरू हो जाने से यहां के लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। साथ ही बौद्ध स्थली घूमने आने वाले बौद्ध अनुयायियों को भी अब बस से चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। विभिन्न देशों के अनुयायी हवाई यात्रा कर बौद्ध स्थली श्रावस्ती पहुंच सकेंगे।
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एयरपोर्ट का सफर
श्रावस्ती एयरपोर्ट की आधारशिला 1993 में तत्कालीन राज्यपाल मोतीलाल बोरा ने रखी थी। उस समय 1525 मीटर लंबा व 60 मीटर चौड़ा रनवे बनाने के लिए स्वीकृति मिली थी। 1325 मीटर रनवे का काम पूरा होने के बाद 23 सितंबर, 1995 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने यहां से लखनऊ, बोध गया, कुशीनगर व सारनाथ के लिए नियमित उड़ान शुरू करने की घोषणा कर दी थी। रनवे छोटा होने के कारण इस घोषणा को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। इसके बाद 22 मई, 1997 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने श्रावस्ती एयरपोर्ट पर टर्मिनल भवन का लोकार्पण किया। इसी के बाद रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत इस एयरपोर्ट का विस्तार किया जाने लगा।
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श्रावस्ती में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत 2018 में एयरपोर्ट का निर्माण शुरू हुआ था। यह एयरपोर्ट बनकर तैयार हो गया है। यहां से हवाई सेवा प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण व राज्य सरकार के बीच ओएमयू भी कई माह पहले हो गया था। इसके बाद से ही लाइसेंसी प्रक्रिया तेज हो गई थी। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ने गुड़गांव कीएक कंपनी को श्रावस्ती से 19 सीटर विमान उड़ाने का लाइसेंस जारी कर दिया है। प्रथम चरण में लखनऊ से श्रावस्ती, श्रावस्ती से वाराणसी, श्रावस्ती से प्रयागराज व कानपुर से श्रावस्ती के बीच अप-डाउन सीधी सेवाएं शुरू होंगी। इसकी पूरी तैयारी जिले में हो चुकी है।
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रोजगार के मिलेंगे अवसर
जिले से हवाई सेवा शुरू हो जाने से यहां के लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। साथ ही बौद्ध स्थली घूमने आने वाले बौद्ध अनुयायियों को भी अब बस से चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। विभिन्न देशों के अनुयायी हवाई यात्रा कर बौद्ध स्थली श्रावस्ती पहुंच सकेंगे।
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एयरपोर्ट का सफर
श्रावस्ती एयरपोर्ट की आधारशिला 1993 में तत्कालीन राज्यपाल मोतीलाल बोरा ने रखी थी। उस समय 1525 मीटर लंबा व 60 मीटर चौड़ा रनवे बनाने के लिए स्वीकृति मिली थी। 1325 मीटर रनवे का काम पूरा होने के बाद 23 सितंबर, 1995 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने यहां से लखनऊ, बोध गया, कुशीनगर व सारनाथ के लिए नियमित उड़ान शुरू करने की घोषणा कर दी थी। रनवे छोटा होने के कारण इस घोषणा को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। इसके बाद 22 मई, 1997 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने श्रावस्ती एयरपोर्ट पर टर्मिनल भवन का लोकार्पण किया। इसी के बाद रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत इस एयरपोर्ट का विस्तार किया जाने लगा।