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चार नदियों का ही हो पाया संगम, टेल तक नहीं पहुंचा पानी

Sat, 18 Dec 2021 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 18 Dec 2021 10:45 PM IST
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Water stopped after traveling 125.6 km in Saryu project
श्रावस्ती। दावे के इतर सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना में अभी तक पांच नदियों का संगम नहीं हो पाया है। फिलहाल पूरी परियोजना चार नदियों के संगम से मिलने वाले पानी से चलते हुए आगे के पड़ाव का इंतजार कर रही है।
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इसके चलते ही इस परियोजना में पानी 125.6 किलोमीटर तक का ही सफर तय करने के बाद थम गया है। इससे परियोजना से जुड़ी नहरों व सहायक टनल में टेल तक पानी न पहुंच पाने से वह सूखी पड़ी है। इसके लिए सहायक नहर की कैंपियरगंज शाखा का कार्य पूर्ण न हो पाने को कारण बताया जा रहा है। इसके अधूरा रहने से ही 62.105 किलोमीटर में पानी पहुंचने पर संकट बना हुआ है।
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तराई क्षेत्र में असिंचित जमीन को सिंचित बनाने के लिए हुए भागीरथी प्रयास के तहत तैयार सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना का लोकार्पण पीएम मोदी ने बीते दिनों ही बलरामपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में किया था।
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पीएम के लोकार्पण के बाद राप्ती मुख्य नहर में पानी दौड़ने लगा था। यह पानी धीरे धीरे तराई की भूमि की प्यास बुझाते हुए आगे तो बढ़ा लेकिन 125.6 किलोमीटर का सफर पूरा करने के बाद टेल तक पहुंचने से पहले ही सिद्धार्थनगर के धनौरा मुस्तफा गांव के पास थम गया।
कैंपियरगंज शाखा से जुड़ा कार्य अभी पूरा न हो पाने के कारण टेल तक पानी पहुंचने का यह सफर 62.105 किमी पहले रुक गया। इसके चलते ही यह परियोजना अभी तक अपने अंतिम मुकाम तक नहीं पहुंच पाई है।
गोरखपुर के कैंपियरगंज क्षेत्र में टेल (आखिरी छोर) तक पानी पहुंचाने के लिए बस्ती-मेंहदावल-कैंपियरगंज-तमकुही (बीएमसीटी) मार्ग के दोनों ओर नहर बनाई गई है। लेकिन अभी तक इस मार्ग पर पुल का निर्माण नहीं हो सका है। पुल का निर्माण पूरा किए बिना टेल तक पानी नहीं पहुंचाया जा सकेगा। फिलहाल वहां विभाग वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कर रहा है। ताकि मुख्य सड़क को काट कर पानी को आगे बढ़ाया जा सके।
सरयू परियोजना का प्रारंभ केंद्र घाघरा नदी पर स्थित गिरिजा बैराज है। यहां यह 47.135 किलोमीटर का सफर पूरा करके सरयू नदी पर बनाए गए सरयू बैराज पर पहुंचती है। इसी के बाद इस बैराज से 63.15 किलोमीटर का सफर पूरा करके पानी राप्ती बैराज पहुंचता है।

इसके बीच 21.4 किलोमीटर पर गोंडा व बस्ती बांच है। वास्तव में यही वह स्थान है जहां अभी इस प्रणाली से सिंचाई सुविधा मिल रही है। राप्ती बैराज से 125.682 किलोमीटर का सफर पूरा करके पानी बाणगंगा बैराज पहुंचता है। इसी के आगे परियोजना ब्लाक है।
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