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40 हजार महिलाओं के किचेन में पहुंचेगी उज्ज्वला
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श्रावस्ती। तराई वाले इस जिले में बजट से एक अमला खुश है तो दूसरा अमला असंतुष्ट है। इस असंतुष्टता का कारण बजट में श्रावस्ती डुमरियागंज रेलवे लाइन पर पैसा न मिलने के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइसों की महंगाई है। तो दूसरी ओर उज्ज्वला गैस कनेक्शन संख्या बढ़ने की उम्मीद व सोने के भाव में आंशिक गिरावट महिलाओं को गदगद किए हुए है। वहीं कोविड-19 वैक्सीन में ज्यादा इनवेस्टमेंट को लेकर भी लोग खुश हैं। मिलाजुला कर देखा जाए तो पेंशनर्स सहित आम लोगों के लिए यह बजट बेहतर बताया जा रहा है। आम बजट पेश तो दिल्ली में हुआ लेकिन उसकी महक श्रावस्ती में भी महसूस की गई।
नीति आयोग के तहत घोषित आकांक्षी जनपद में विकास की उम्मीदें इस बजट से लोगों में जगी है। सबसे ज्यादा खुशी तो महिलाओं में देखी जा रही है। इसका कारण है कि महिलाओं को न केवल इस बजट में उज्ज्वला कनेक्शन की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं सोने चांदी के जेवरातों के दामों में कमी की गई है। लेकिन डीजल व पेट्रोल पर क्रमश: 2.5 व 4 रुपये के कृषि सेस से उहापोह की स्थिति है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बजट में तो यह कर कंपनियों से वसूलने की बात कहीं गई है। यदि कंपनी कर देगी तो उपभोक्ताओं से वसूल जरूर करेगी। ऐसे में इसका अत्यंत भार आम लोगों के साथ ही किसानों पर भी पड़ेगा।
उज्जवला की बढ़ोत्तरी से धुंए से मिलेगी राहत
श्रावस्ती में वित्तीय वर्ष 2016-17 से लेकर 18-19 तक कुल तीन वर्ष यह योजना चलाई गई थी। इस योजना के तहत कुल 130325 गैस कनेक्शन जारी किए गए थे। इसके लिए जिले में बीस एजेंसियां नामित की गई थीं। इतना कनेक्शन जारी होने के बावजूद करीब 40 हजार और ऐसे परिवार थे जो इस योजना से वंचित रह गए थे। बजट में उज्ज्वला का लक्ष्य बढ़ाने से संभावना है कि इन चालीस हजार गरीबों को योजना का लाभ मिल जाए।
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उज्जवला योजना जब चल रही थी। उस समय हम लोग संयुक्त परिवार में थे। बाद में बटवारा हो गया। योजना बंद होने के कारण नया कनेक्शन नहीं मिला चूल्हे पर ही खाना बनता है। उम्मीद है कि इस बजट में उज्जवला का कनेक्शन मिल जाए। -कृष्णा देवी गृहणी
कबाड़ नीति से सड़कों पर वाहनों की संख्या होगी कम
श्रावस्ती में करीब 16335 वाहन ऐसे हैं जो पांच वर्ष से अधिक कार्यकाल व्यतीत कर चुके हैं। इसमें से कुछ वाहन ऐसे हैं जो दिल्ली सहित अन्य महानगरों से हटाए जाने के बाद यहां आकर चल रहे हैं। इस स्क्रैप नीति से ऐसे वाहनों से निजात मिलेगी। या फिर उनकी स्थिति सुधरेगी। -अशोक कुमार पाठक
आम बजट में इस बार घोषित टैक्स स्लैब में कुछ नया नहीं है। पांच लाख तक को पहले ही टैक्स फ्री किया जा चुका है। इसमें भी वहीं प्राविधान है। वहीं टैक्स को बचाने के लिए किए जाने वाला सेविंग अब कम होगा। इसका कारण बजट में टैक्स बचत के लिए 80सी के प्राविधान को हटाना है। इस बजट के कारण घरेलू निवेश पर फर्क पड़ेगा। -शशि भूषण गुप्ता
पूरे बजट में किचेन में उपयोग होने वाले सामानों पर कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा है। इसके साथ ही टैक्स स्लैब में महिलाओं के लिए अलग से प्राविधान नहीं किया गया है। लेकिन उज्ज्वला गैस की घोषणा व सोने में टैक्स की कमी से बजट मे दम आया। इसलिए पूरा बजट मिलाजुला कर ठीक ही कहा जा सकता है। -कोमल शुक्ला
यह वर्ष देश में जीवित रहने का है। कोरोना की वैक्सीन जीवन के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। यह वैक्सीन आम लोगों तक पहुंचे इसके लिए जरूरी था कि बजट में इसको अतिरिक्त पैसा मिले। ऐसा हुआ भी। जिले के बारह लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा। -प्रवीण कुमार बौद्ध व्यापारी
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नीति आयोग के तहत घोषित आकांक्षी जनपद में विकास की उम्मीदें इस बजट से लोगों में जगी है। सबसे ज्यादा खुशी तो महिलाओं में देखी जा रही है। इसका कारण है कि महिलाओं को न केवल इस बजट में उज्ज्वला कनेक्शन की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं सोने चांदी के जेवरातों के दामों में कमी की गई है। लेकिन डीजल व पेट्रोल पर क्रमश: 2.5 व 4 रुपये के कृषि सेस से उहापोह की स्थिति है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बजट में तो यह कर कंपनियों से वसूलने की बात कहीं गई है। यदि कंपनी कर देगी तो उपभोक्ताओं से वसूल जरूर करेगी। ऐसे में इसका अत्यंत भार आम लोगों के साथ ही किसानों पर भी पड़ेगा।
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उज्जवला की बढ़ोत्तरी से धुंए से मिलेगी राहत
श्रावस्ती में वित्तीय वर्ष 2016-17 से लेकर 18-19 तक कुल तीन वर्ष यह योजना चलाई गई थी। इस योजना के तहत कुल 130325 गैस कनेक्शन जारी किए गए थे। इसके लिए जिले में बीस एजेंसियां नामित की गई थीं। इतना कनेक्शन जारी होने के बावजूद करीब 40 हजार और ऐसे परिवार थे जो इस योजना से वंचित रह गए थे। बजट में उज्ज्वला का लक्ष्य बढ़ाने से संभावना है कि इन चालीस हजार गरीबों को योजना का लाभ मिल जाए।
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उज्जवला योजना जब चल रही थी। उस समय हम लोग संयुक्त परिवार में थे। बाद में बटवारा हो गया। योजना बंद होने के कारण नया कनेक्शन नहीं मिला चूल्हे पर ही खाना बनता है। उम्मीद है कि इस बजट में उज्जवला का कनेक्शन मिल जाए। -कृष्णा देवी गृहणी
कबाड़ नीति से सड़कों पर वाहनों की संख्या होगी कम
श्रावस्ती में करीब 16335 वाहन ऐसे हैं जो पांच वर्ष से अधिक कार्यकाल व्यतीत कर चुके हैं। इसमें से कुछ वाहन ऐसे हैं जो दिल्ली सहित अन्य महानगरों से हटाए जाने के बाद यहां आकर चल रहे हैं। इस स्क्रैप नीति से ऐसे वाहनों से निजात मिलेगी। या फिर उनकी स्थिति सुधरेगी। -अशोक कुमार पाठक
आम बजट में इस बार घोषित टैक्स स्लैब में कुछ नया नहीं है। पांच लाख तक को पहले ही टैक्स फ्री किया जा चुका है। इसमें भी वहीं प्राविधान है। वहीं टैक्स को बचाने के लिए किए जाने वाला सेविंग अब कम होगा। इसका कारण बजट में टैक्स बचत के लिए 80सी के प्राविधान को हटाना है। इस बजट के कारण घरेलू निवेश पर फर्क पड़ेगा। -शशि भूषण गुप्ता
पूरे बजट में किचेन में उपयोग होने वाले सामानों पर कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा है। इसके साथ ही टैक्स स्लैब में महिलाओं के लिए अलग से प्राविधान नहीं किया गया है। लेकिन उज्ज्वला गैस की घोषणा व सोने में टैक्स की कमी से बजट मे दम आया। इसलिए पूरा बजट मिलाजुला कर ठीक ही कहा जा सकता है। -कोमल शुक्ला
यह वर्ष देश में जीवित रहने का है। कोरोना की वैक्सीन जीवन के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। यह वैक्सीन आम लोगों तक पहुंचे इसके लिए जरूरी था कि बजट में इसको अतिरिक्त पैसा मिले। ऐसा हुआ भी। जिले के बारह लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा। -प्रवीण कुमार बौद्ध व्यापारी