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बालिकाओं की शिक्षा के लिए शिक्षकों को दिया प्रशिक्षण
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डायट में आयोजित कार्यशाला में मौजूद शिक्षक।
- फोटो : SRAWASTI
कटरा (श्रावस्ती)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) इकौना में बालिकाओं की शिक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए शिक्षकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया गया। मीना मंच, जीवन कौशल व शिक्षा की सुगमकर्ताओं का यह दो दिवसीय प्रशिक्षण शनिवार को संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण के आखिरी दिन नोडल अधिकारी संत कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रशिक्षण में जिले के सभी 54 न्याय पंचायतों के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्हें उच्च प्राथमिक विद्यालयों की छात्राओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करने व अभिव्यक्ति की क्षमता का संवर्धन करने के टिप्स दिए गए।
शिक्षकों को बताया गया कि छात्राओं में कौशल विकसित करने के लिए मीना मंच का गठन किया जाता है। इसमें छात्राएं मंच के माध्यम से गांव में जाकर अभिभावकों को बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करती हैं।
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मीना मंच के सदस्य विद्यालय के सभी योजनाओं में शामिल होकर उसका प्रचार प्रसार करते हैं। मीना मंच में 20 छात्राएं सदस्य होती हैं। इसमें से पांच छात्राओं की कार्यकारिणी समिति गठित होती है। उसमें से एक अध्यक्ष, एक सचिव, एक कोषाध्यक्ष एवं दो सदस्य होते हैं।
कार्यकारिणी समिति का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। इसमें उन्हीं बालिकाओं का चयन किया जाता है। जो नियमित विद्यालय आती है। मीना मंच को एक किट भी दी जाती है। इसमें कुछ किताबें व लघु नाटक के अलावा बच्चों को जागरूक करने के सामान होते हैं। मौके पर धनीराम गुप्ता, दीपक केसरवानी, संजीवनी सिंह, हर्षिता श्रीवास्तव मौजूद रहीं।
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प्रशिक्षण के आखिरी दिन नोडल अधिकारी संत कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रशिक्षण में जिले के सभी 54 न्याय पंचायतों के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्हें उच्च प्राथमिक विद्यालयों की छात्राओं में नेतृत्व क्षमता का विकास करने व अभिव्यक्ति की क्षमता का संवर्धन करने के टिप्स दिए गए।
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शिक्षकों को बताया गया कि छात्राओं में कौशल विकसित करने के लिए मीना मंच का गठन किया जाता है। इसमें छात्राएं मंच के माध्यम से गांव में जाकर अभिभावकों को बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करती हैं।
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मीना मंच के सदस्य विद्यालय के सभी योजनाओं में शामिल होकर उसका प्रचार प्रसार करते हैं। मीना मंच में 20 छात्राएं सदस्य होती हैं। इसमें से पांच छात्राओं की कार्यकारिणी समिति गठित होती है। उसमें से एक अध्यक्ष, एक सचिव, एक कोषाध्यक्ष एवं दो सदस्य होते हैं।
कार्यकारिणी समिति का कार्यकाल एक वर्ष का होता है। इसमें उन्हीं बालिकाओं का चयन किया जाता है। जो नियमित विद्यालय आती है। मीना मंच को एक किट भी दी जाती है। इसमें कुछ किताबें व लघु नाटक के अलावा बच्चों को जागरूक करने के सामान होते हैं। मौके पर धनीराम गुप्ता, दीपक केसरवानी, संजीवनी सिंह, हर्षिता श्रीवास्तव मौजूद रहीं।