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जीवन में सच से अधिक कुछ नहीं होता : बुद्ध
Fri, 05 Dec 2025 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Fri, 05 Dec 2025 12:13 AM IST
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तपोस्थली में प्रार्थना करते कंबोडिया के अनुयायी। -संवाद
कटरा। कंबोडिया के 40 अनुयायियों का दल दर्शन-पूजन के लिए बृहस्पतिवार को बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती पहुंचा। अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में कौशाम कुटी पर पारंपरिक तरीके से दर्शन-पूजन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि जीवन में सच से अधिक कुछ नहीं होता है, यह पाठ भगवान बुद्ध ने सभी को पढ़ाया। बचपन में ही वो सत्य की खोज में निकल गए और भोग-विलासिता को छोड़ दिया।
भिक्षु देवानंद ने आगे बताया कि भगवान बुद्ध को नगर-नगर भटकना पड़ा और रास्ते में अनेक कठिनाइयां भी आईं, लेकिन उन्होंने सच की खोज जारी रखी। उनकी कठिन तपस्या के बाद 35 वर्ष की आयु में उन्होंने बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन अर्जित ज्ञान को लोगों तक पहुंचाने में लगा दिया।
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सभा के बाद अनुयायियों ने तपोस्थली का भ्रमण किया।
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बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि जीवन में सच से अधिक कुछ नहीं होता है, यह पाठ भगवान बुद्ध ने सभी को पढ़ाया। बचपन में ही वो सत्य की खोज में निकल गए और भोग-विलासिता को छोड़ दिया।
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भिक्षु देवानंद ने आगे बताया कि भगवान बुद्ध को नगर-नगर भटकना पड़ा और रास्ते में अनेक कठिनाइयां भी आईं, लेकिन उन्होंने सच की खोज जारी रखी। उनकी कठिन तपस्या के बाद 35 वर्ष की आयु में उन्होंने बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन अर्जित ज्ञान को लोगों तक पहुंचाने में लगा दिया।
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सभा के बाद अनुयायियों ने तपोस्थली का भ्रमण किया।