फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   The villagers made the workers hostage

ग्रामीणों ने मजदूरों को बनाया बंधक

Sat, 20 Jul 2019 11:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jul 2019 11:39 PM IST
विज्ञापन
The villagers made the workers hostage
गिलौला (श्रावस्ती)। क्षेत्र में स्थापित गोशाला की स्थिति बदहाल है। यहां गोवंशों के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को गोंड़ारी में मरे दो गोवंशों को मजदूरों के सहयोग से नहर में फेंकने के लिए ले जाया जा रहा था। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मजदूरों को बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची गिलौला पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। बाद में गोवंशों को गोशाला परिसर में ही दफन करवाया गया।
विज्ञापन

गिलौला क्षेत्र के गोंड़ारी गांव में बनी गोशाला में गोवंशो के मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। यहां चिलचिलाती धूप व खुले आसमान के नीचे बंधी 80 गायों के खाने की व्यवस्था नहीं है। इससे यहां गाय बीमार होकर दम तोड़ रही हैं। ग्रामीणों की मानें तो यहां अक्सर गोवंशों की मौत हो रही है। जिन्हें ठेले में लादकर सड़क के किनारे फेंक दिया जाता है।
विज्ञापन

इससे उठने वाली दुर्गंध से उस ओर से निकलना भी दुश्वार हो गया है। शुक्रवार को एसडीएम इकौना व खंड विकास अधिकारी गिलौला ने गोशाला का निरीक्षण किया था। इस दौरान दो गाय मृत मिली थी, जबकि एक गाय कीचड़ में फंसी दिखी थी। उसे निकालकर किसी तरह बाहर किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

मृत गायों को देर शाम कुछ मजदूर ठेले पर लादकर पड़ोसी मलावां गांव के पास नहर में फेंकने के लिए ले जा रहे थे। जिन्हें देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। ग्रामीणों ने मजदूरों को बंधक बना लिया। प्रधान प्रतिनिधि की सूचना पर पहुंची गिलौला पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया। बाद में मृत गायों को वापस लाकर गोशाला में दफन किया गया।
इस बारे में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दर्शनलाल यादव ने बताया कि मजदूरों को मजदूरी न मिलने के कारण गायों के देखभाल की व्यवस्था नहीं हो पाती। वहीं खंड विकास अधिकारी आरपी शर्मा ने गायों के मरने का कारण अधिक धूप और बरसात होना बताया।

उन्होंने कहा कि मजदूरों के लिए अलग से कोई भी मजदूरी देने की व्यवस्था नहीं है। प्रति गाय 30 रुपये चारे के लिए आता है। उसी में सब कुछ किया जाता है। मजदूरों के साथ हुई अभद्रता की हमें कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed