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लाल हुआ सूरज, आग उगल रही किरणें
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भीषण गर्मी के चलते भिनगा नई बाजार में पसरा सन्नाटा
- फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज पूरी तरह से गर्म है। लाल हो चुके सूरज के कारण उसकी किरणें सुबह से ही आग बरसा रही हैं। इसके साथ ही चलने वाले गर्म लू के थपेड़ों व तपती धरती लोगों को बेचैन कर रही है। इस बीच बढ़ी उमस के कारण जनजीवन पूरी तरह से बेहाल हो चुका है। इससे इंसान ही नहीं पशु-पक्षी भी बेहाल हैं। ऐसे में राहत के लिए हर कोई बरसात की आस में आसमान को निहार रहा है।
जिले में मौसम का पारा 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। जेठ माह की तपती दोपहरी में चलने वाले लू के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं। इससे बचने के लिए लोग घरों में दुबकने को मजबूर है। सुबह से ही आग बरसा रही सूरज की किरणें व भीषण उमस भरी गर्मी ने लोगों को घरों में भी बेचैन कर रखा है। भीषण उमस व गर्मी के कारण लोगों को न तो घरों में चैन मिल रहा है। और न ही घर के बाहर। इतना ही नहीं घरों में लगे विद्युत उपकरण भी लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दिला पाने में अक्षम साबित हो रहे हैं। सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक चलने वाली गर्म पछुआ हवा लोगों को झुलसा रही हैं। ऐसे में इंसान ही नहीं पशु पक्षी भी बेहाल हैं। इस समस्या से निजात क लिए अब हर किसी को बरसात का ही सहारा है। फिलहाल बरसात की कोई संभावना नजर न आने के कारण हर कोई बेहाल है।
धूल भरी हवा ने दिलाई राहत तो बादलों ने किया मायूस
जिले में शनिवार शाम चली तेज धूल भरी हवाओं के कारण मौसम का मिजाज रात में नर्म पड़ गया था। इस दौरान आसमान पर छाए काले बादलों को देख लोग झमाझम बरसात की संभावनाओं को लेकर आशान्वित नजर आए। लेकिन कुछ ही देर बाद मौसम सामान्य हो जाने से लोग मायूस हो गए। रविवार सुबह एक बार पुन: आसमान पर बादल छा जाने से लोगों में दोबारा उम्मीद तो जगी लेकिन उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। आसमान निर्मल हो जाने के कारण लोग जहां मायूस हुए। वहीं बढ़ी उमस के कारण लोग बेचैन नजर आ रहे हैं।
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जिले में मौसम का पारा 43 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। जेठ माह की तपती दोपहरी में चलने वाले लू के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं। इससे बचने के लिए लोग घरों में दुबकने को मजबूर है। सुबह से ही आग बरसा रही सूरज की किरणें व भीषण उमस भरी गर्मी ने लोगों को घरों में भी बेचैन कर रखा है। भीषण उमस व गर्मी के कारण लोगों को न तो घरों में चैन मिल रहा है। और न ही घर के बाहर। इतना ही नहीं घरों में लगे विद्युत उपकरण भी लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दिला पाने में अक्षम साबित हो रहे हैं। सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक चलने वाली गर्म पछुआ हवा लोगों को झुलसा रही हैं। ऐसे में इंसान ही नहीं पशु पक्षी भी बेहाल हैं। इस समस्या से निजात क लिए अब हर किसी को बरसात का ही सहारा है। फिलहाल बरसात की कोई संभावना नजर न आने के कारण हर कोई बेहाल है।
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धूल भरी हवा ने दिलाई राहत तो बादलों ने किया मायूस
जिले में शनिवार शाम चली तेज धूल भरी हवाओं के कारण मौसम का मिजाज रात में नर्म पड़ गया था। इस दौरान आसमान पर छाए काले बादलों को देख लोग झमाझम बरसात की संभावनाओं को लेकर आशान्वित नजर आए। लेकिन कुछ ही देर बाद मौसम सामान्य हो जाने से लोग मायूस हो गए। रविवार सुबह एक बार पुन: आसमान पर बादल छा जाने से लोगों में दोबारा उम्मीद तो जगी लेकिन उम्मीद पूरी नहीं हो सकी। आसमान निर्मल हो जाने के कारण लोग जहां मायूस हुए। वहीं बढ़ी उमस के कारण लोग बेचैन नजर आ रहे हैं।
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