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बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं की देखभाल रखना आईसीडीएस की जिम्मेदारी
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श्रावस्ती। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों व गर्भवती को समय से पुष्टाहार देने व उनके स्वास्थ्य की देखभाल की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की है। उन्हें यह ख्याल रखना होगा कि गांव का कोई भी बच्चा व गर्भवती बाल विकास विभाग की योजनाओं से वंचित न रहे। इसमें लापरवाही मिलने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित मुख्य सेविका व संबंधित सीडीपीओ पर कार्रवाई होगी।
यह जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह ने बताया कि कलेक्ट्रेट सभागार में राज्य पोषण मिशन की जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई थी। बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों के घरों का सर्वेक्षण कराया जाएगा। जिन क्षेत्रों में लाल बच्चों की संख्या अधिक है उनको स्वस्थ बनाने के लिए स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस विभाग आपस में सामंजस्य बनाकर कारगर कदम उठाएंगे ताकि कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न होने पाए।
उन्होंने बताया कि गांव में तैनात नोडल अधिकारी गांव जाकर एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से ऐसे बच्चों की सूची लेकर उनके अभिभावकों से बात करेंगे। इसके साथ ही उन्हें स्वस्थ बनाने के लिए पौष्टिक आहार के टिप्स भी देंगे। डीपीओ ने बताया कि जिले में सैम बच्चों की संख्या 2937 एवं मैम बच्चों की संख्या 4585 है। सैम व मैम बच्चों को लक्षित करते हुए इनोवेशन प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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डीपीओ ने आगे बताया कि सिरसिया व जमुनहा में कुपोषण की समस्या अधिक है। इसलिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सिरसिया के 164 व जमुनहा के 177 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए इनोवेशन प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में लक्षित 50 आंगनबाड़ी केंद्र के भवनों के सापेक्ष 12 प्लिंथ स्तर, 10 लिंटेल स्तर, तीन आंगनबाड़ी केंद्र छत स्तर पर निर्माणाधीन है। 25 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण कार्य आरंभ नहीं हुआ है जिसे जल्द ही आरंभ कराया जाएगा।
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यह जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह ने बताया कि कलेक्ट्रेट सभागार में राज्य पोषण मिशन की जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई थी। बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों के घरों का सर्वेक्षण कराया जाएगा। जिन क्षेत्रों में लाल बच्चों की संख्या अधिक है उनको स्वस्थ बनाने के लिए स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस विभाग आपस में सामंजस्य बनाकर कारगर कदम उठाएंगे ताकि कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न होने पाए।
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उन्होंने बताया कि गांव में तैनात नोडल अधिकारी गांव जाकर एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से ऐसे बच्चों की सूची लेकर उनके अभिभावकों से बात करेंगे। इसके साथ ही उन्हें स्वस्थ बनाने के लिए पौष्टिक आहार के टिप्स भी देंगे। डीपीओ ने बताया कि जिले में सैम बच्चों की संख्या 2937 एवं मैम बच्चों की संख्या 4585 है। सैम व मैम बच्चों को लक्षित करते हुए इनोवेशन प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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डीपीओ ने आगे बताया कि सिरसिया व जमुनहा में कुपोषण की समस्या अधिक है। इसलिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सिरसिया के 164 व जमुनहा के 177 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए इनोवेशन प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में लक्षित 50 आंगनबाड़ी केंद्र के भवनों के सापेक्ष 12 प्लिंथ स्तर, 10 लिंटेल स्तर, तीन आंगनबाड़ी केंद्र छत स्तर पर निर्माणाधीन है। 25 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण कार्य आरंभ नहीं हुआ है जिसे जल्द ही आरंभ कराया जाएगा।