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वाद विवाद में सुमन व ऋतु अव्वल
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वाद विवाद प्रतियोगिता में अव्वल आई छात्राए पुरस्कार के साथ व मौजूद छात्राएं।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। स्व. श्यामता प्रसाद चौधरी महिला महाविद्यालय खरगौरा बस्ती में शनिवार को राष्ट्रीय ऊर्जा संवर्धन दिवस मनाया गया। इस दौरान ऊर्जा संवर्धन में अक्षय ऊर्जा की भूमिका पर वाद विवाद प्रतियोगिता हुई। इसमें महाविद्यालय की सुमन, ऋतु व खुशबू अव्वल रहीं।
प्रतियोगिता के निर्णायकों में प्रवक्ता संजय कुमार, वेद प्रकाश द्विवेदी व पावर कॉर्पोरेशन के सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रेम नाथ शुक्ला शामिल रहे। उन्होंने प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहीं 11 छात्राओं के विचारों को सुनकर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय विजेताओं की घोषणा की। प्रतियोगिता में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा सुमन पटेल ने कहा कि बिजली की बढ़ती खपत को देखते हुए अक्षय ऊर्जा की भूमिका से आज इन्कार नहीं किया जा सकता। अक्षय ऊर्जा हमारे पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है।
एमए प्रथम वर्ष की छात्रा खुशबू वर्मा ने कहा कि अक्षय ऊर्जा एक ऊर्जा का विकल्प ही नहीं है बल्कि यह वरदान है। बढ़ती आबादी को समुचित रोशनी तभी पहुंच पाएगी जब हम अक्षय ऊर्जा के केंद्रों का बड़े पैमाने पर निर्माण करेंगे। सरकार को चाहिए कि एक योजना बनाकर समस्त ग्रामों को सौर ऊर्जा से आच्छादित करे। इसी प्रकार अन्य छात्राओं ने भी स्वीकार किया कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। नेडा जैसी तमाम संस्थाएं इसमें आगे आयें और भारत को विद्युत आत्म निर्भर देश बनाने में मदद करें।
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प्रेमनाथ शुक्ला ने कहा कि आज अक्षय ऊर्जा का सदुपयोग हमारी अनिवार्यता बन गयी है। हम भी जापान इत्यादि देशों की भांति सौर ऊर्जा संयंत्रों का विकास कर अपनी विद्युत आवश्यकताओं को पूरा कर सकते है। प्रतियोगिता में बीए द्वितीय वर्ष की सुमन पटेल प्रथम, बीए द्वितीय वर्ष की ऋतु चौधरी द्वितीय व एमए प्रथम वर्ष की खुशबू वर्मा को तृतीय स्थान मिला। जिन्हें अतिथियों व प्राचार्य डॉ. सिम्मी तिवारी ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस मौके पर नरेंद्र जायसवाल, रामसागर द्विवेदी, अरूण चौधरी, नीलम मौर्या, प्रियंका जायसवाल, शैनलता, अल्फिया परवीन, सोमपाल सिंह, अजय प्रकाश, प्रमोद कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।
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प्रतियोगिता के निर्णायकों में प्रवक्ता संजय कुमार, वेद प्रकाश द्विवेदी व पावर कॉर्पोरेशन के सेवानिवृत्त कर्मचारी प्रेम नाथ शुक्ला शामिल रहे। उन्होंने प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहीं 11 छात्राओं के विचारों को सुनकर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय विजेताओं की घोषणा की। प्रतियोगिता में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा सुमन पटेल ने कहा कि बिजली की बढ़ती खपत को देखते हुए अक्षय ऊर्जा की भूमिका से आज इन्कार नहीं किया जा सकता। अक्षय ऊर्जा हमारे पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है।
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एमए प्रथम वर्ष की छात्रा खुशबू वर्मा ने कहा कि अक्षय ऊर्जा एक ऊर्जा का विकल्प ही नहीं है बल्कि यह वरदान है। बढ़ती आबादी को समुचित रोशनी तभी पहुंच पाएगी जब हम अक्षय ऊर्जा के केंद्रों का बड़े पैमाने पर निर्माण करेंगे। सरकार को चाहिए कि एक योजना बनाकर समस्त ग्रामों को सौर ऊर्जा से आच्छादित करे। इसी प्रकार अन्य छात्राओं ने भी स्वीकार किया कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। नेडा जैसी तमाम संस्थाएं इसमें आगे आयें और भारत को विद्युत आत्म निर्भर देश बनाने में मदद करें।
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प्रेमनाथ शुक्ला ने कहा कि आज अक्षय ऊर्जा का सदुपयोग हमारी अनिवार्यता बन गयी है। हम भी जापान इत्यादि देशों की भांति सौर ऊर्जा संयंत्रों का विकास कर अपनी विद्युत आवश्यकताओं को पूरा कर सकते है। प्रतियोगिता में बीए द्वितीय वर्ष की सुमन पटेल प्रथम, बीए द्वितीय वर्ष की ऋतु चौधरी द्वितीय व एमए प्रथम वर्ष की खुशबू वर्मा को तृतीय स्थान मिला। जिन्हें अतिथियों व प्राचार्य डॉ. सिम्मी तिवारी ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस मौके पर नरेंद्र जायसवाल, रामसागर द्विवेदी, अरूण चौधरी, नीलम मौर्या, प्रियंका जायसवाल, शैनलता, अल्फिया परवीन, सोमपाल सिंह, अजय प्रकाश, प्रमोद कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।