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विज्ञान मेले में स्टाल लगाकर छात्रों ने दिखाई प्रतिभा
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इकौना के लार्ड बुद्धा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीरपुर में तीन दिवसीय विज्ञान मेले का आयोजन किया गया है, जिसके दूसरे दिन गुरुवार को विद्यालय के छात्रों ने स्टाल लगाकर विज्ञान के प्रति अपनी रुचि व प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य जनार्दन राजभर ने कहा कि विज्ञान का अर्थ वृहद ज्ञान है, जिसकी कोई सीमा नहीं होती। अच्छा वैज्ञानिक वही है, जिसके अंदर नई कल्पना और सूक्ष्म दृष्टि हो। विज्ञान मेले में शिशु, बाल, किशोर, तरुण वर्ग के छात्रों ने विज्ञान प्रदर्शनी, गणित प्रदर्शनी, पत्रावाचन एवं प्रयोग, विज्ञान प्रश्नमंच, वैदिक गणित प्रश्नमंच, अंग्रेजी प्रश्नमंच, संस्कृत सहित विभिन्न स्पर्धाओं का स्टाल लगाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। शिशु वर्ग में शामिल बच्चों ने संतुलित आहार, स्वच्छ परिवेश में हमारी भूमिका, सरल मशीन, गणित प्रदर्शन, संगणक प्रदर्शन एवं नवाचार को प्रदर्शित किया। बाल वर्ग के बच्चों ने जल प्रदूषण नियंत्रण, फसल उत्पादन एवं प्रबंधन, आपदा प्रबंधक, प्रकाश के परावर्तन के लाभ और हानि, नवाचार के बारे में स्टाल के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
वहीं किशोर वर्ग के बच्चों ने पराश्रव्य, ध्वनि एवं उसके उपयोग, विद्युतधारा के चुंबकीय प्रभाव, गंदे जल का शोधन, कोयला का संरक्षण पर प्रदर्शनी लगाई। कोऑर्डिनेटर मेहंदी हसन ने कहा कि जल ही जीवन है। शरीर को गहराई तक जलयोजन हाइड्रेट करता है। शरीर तथा रक्त से अम्लीय तत्वों को बाहर करता है। रक्त को पतला कर रक्तचाप एवं रक्त सकरा को नियंत्रित करता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इस मौके पर जगतराम, अमीर आलम, दिनेश सिंह, राजदीप श्रीवास्तव, छात्रा रुचि पांडेय, कामिनी, आस्था, आफरीन बानो, रोशनी गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य जनार्दन राजभर ने कहा कि विज्ञान का अर्थ वृहद ज्ञान है, जिसकी कोई सीमा नहीं होती। अच्छा वैज्ञानिक वही है, जिसके अंदर नई कल्पना और सूक्ष्म दृष्टि हो। विज्ञान मेले में शिशु, बाल, किशोर, तरुण वर्ग के छात्रों ने विज्ञान प्रदर्शनी, गणित प्रदर्शनी, पत्रावाचन एवं प्रयोग, विज्ञान प्रश्नमंच, वैदिक गणित प्रश्नमंच, अंग्रेजी प्रश्नमंच, संस्कृत सहित विभिन्न स्पर्धाओं का स्टाल लगाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। शिशु वर्ग में शामिल बच्चों ने संतुलित आहार, स्वच्छ परिवेश में हमारी भूमिका, सरल मशीन, गणित प्रदर्शन, संगणक प्रदर्शन एवं नवाचार को प्रदर्शित किया। बाल वर्ग के बच्चों ने जल प्रदूषण नियंत्रण, फसल उत्पादन एवं प्रबंधन, आपदा प्रबंधक, प्रकाश के परावर्तन के लाभ और हानि, नवाचार के बारे में स्टाल के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
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वहीं किशोर वर्ग के बच्चों ने पराश्रव्य, ध्वनि एवं उसके उपयोग, विद्युतधारा के चुंबकीय प्रभाव, गंदे जल का शोधन, कोयला का संरक्षण पर प्रदर्शनी लगाई। कोऑर्डिनेटर मेहंदी हसन ने कहा कि जल ही जीवन है। शरीर को गहराई तक जलयोजन हाइड्रेट करता है। शरीर तथा रक्त से अम्लीय तत्वों को बाहर करता है। रक्त को पतला कर रक्तचाप एवं रक्त सकरा को नियंत्रित करता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इस मौके पर जगतराम, अमीर आलम, दिनेश सिंह, राजदीप श्रीवास्तव, छात्रा रुचि पांडेय, कामिनी, आस्था, आफरीन बानो, रोशनी गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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