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Shravasti News: जयंती पर मठ में हुआ कबीर प्रतिमा का अनावरण
Tue, 30 Jun 2026 12:01 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 30 Jun 2026 12:01 AM IST
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प्रतिमा का अनावरण करते संत निर्मल सागर।
कटरा। कबीर जयंती पर श्री 108 कबीर मठ परिसर में सोमवार को कबीर प्रतिमा का अनावरण किया गया। संत निर्मल सागर करुणा बाबा ने पूजन-अर्चन कर प्रतिमा का अनावरण किया। मंदिर का निर्माण चक्र भंडार निवासी भूखन शुद्धि द्वारा कराया गया है। इस दौरान संत निर्मल सागर ने कहा कि कबीर जयंती संत कबीर दास के विचारों और ज्ञान का उत्सव है। यह दिन हमें सत्य, धार्मिक एकता और प्रेम का संदेश याद दिलाता है।
उन्होंने कहा कि कबीर ने जाति, वर्ग और पाखंड के बंधनों को तोड़कर समतावादी समाज बनाने का दृष्टिकोण दिया। कबीर दास ने जाति-पाति, अंधविश्वास और धार्मिक पाखंड का कड़ा विरोध किया था। उनका उद्देश्य समाज में सभी धर्मों और वर्गों के बीच समानता और भाईचारे को बढ़ावा देना था। कबीर के दोहे जीवन जीने का सही तरीका और व्यावहारिक ज्ञान सिखाते हैं। उनकी शिक्षाएं आज भी नैतिक शक्ति का स्रोत हैं। कबीर निर्गुण ब्रह्म के उपासक थे। उन्होंने सिखाया कि ईश्वर कण-कण में मौजूद हैं और उन्हें पाने के लिए सच्चे मन व प्रेम की आवश्यकता होती है। इस दौरान बाबा जवाहर दास, राम समझ वर्मा, जीवनलाल वर्मा, मंसाराम आर्य, विनायक दुबे, रामराज आर्य, विजय वर्मा, बाबूराम, संतराम मौर्य, पहलाद मौर्य आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि कबीर ने जाति, वर्ग और पाखंड के बंधनों को तोड़कर समतावादी समाज बनाने का दृष्टिकोण दिया। कबीर दास ने जाति-पाति, अंधविश्वास और धार्मिक पाखंड का कड़ा विरोध किया था। उनका उद्देश्य समाज में सभी धर्मों और वर्गों के बीच समानता और भाईचारे को बढ़ावा देना था। कबीर के दोहे जीवन जीने का सही तरीका और व्यावहारिक ज्ञान सिखाते हैं। उनकी शिक्षाएं आज भी नैतिक शक्ति का स्रोत हैं। कबीर निर्गुण ब्रह्म के उपासक थे। उन्होंने सिखाया कि ईश्वर कण-कण में मौजूद हैं और उन्हें पाने के लिए सच्चे मन व प्रेम की आवश्यकता होती है। इस दौरान बाबा जवाहर दास, राम समझ वर्मा, जीवनलाल वर्मा, मंसाराम आर्य, विनायक दुबे, रामराज आर्य, विजय वर्मा, बाबूराम, संतराम मौर्य, पहलाद मौर्य आदि मौजूद रहे।
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