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Shravasti News: एसएनसीयू का स्टेबलाइजर जला, सेवाएं ठप
Tue, 12 Dec 2023 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Tue, 12 Dec 2023 11:56 PM IST
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श्रावस्ती। एसएनसीयू (सिक एंड न्यू बोर्न केयर यूनिट) का स्टेबलाइजर सोमवार शाम को जल गया। जिसके बाद यहां की सभी मशीनें बंद हो गईं। कुछ उपकरण भी जल गए। मशीनें बंद होने की वजह से दो अति गंभीर नवजात को छोड़ कर सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया। इस यूनिट में 22 बेड हैं, जो हमेशा भरे रहते हैं।
जिले में कुपोषण के मामले अधिक हैं। यहां अतिकुपोषित की संख्या अन्य जिलों के सापेक्ष ज्यादा है। इसका सबसे अधिक प्रभाव जन्म के समय नवजातों में देखने को मिलता है। इसके लिए नवजात को तत्काल एसएनसीयू की आवश्यकता पड़ती है। नवजातों के लिए जिला अस्पताल के मेटरनिटी विंग में 22 बेड का एसएनसीयू स्थापित किया गया है। सभी बेड पर रेडियंट वाॅर्मर व ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की व्यवस्था है।
सोमवार शाम को एसएनसीयू को संचालित करने वाला स्टेबलाइजर जल गया। इससे यहां की सभी मशीनों को बंद कर दिया गया। साथ ही सभी बेडों पर भर्ती नवजातों को भी डिस्चार्ज कर दिया गया। केवल अति गंभीर दो नवजातों को ऑक्सीजन सिलिंडर के माध्यम से ऑक्सीजन दिया जा रहा है। इसके साथ ही केवल एक रेडियंट वाॅर्मर को चलाया जा रहा है।
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इस यूनिट में प्रतिदिन वेटिंग की स्थिति बनी रहती है। लेकिन घटना के चौबीस घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी यहां न तो अभी तक स्टेबलाइजर को ठीक किया गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
इस संबंध में सीएमएस डाॅ राम गोपाल ने बताया कि एसएनसीयू में लगा स्टेबलाइजर 15 किलोवाट का है। इसे बनने के लिए बहराइच भेजा गया है। बुधवार दोपहर तक यूनिट फिर से काम करने लगेगी।
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जिले में कुपोषण के मामले अधिक हैं। यहां अतिकुपोषित की संख्या अन्य जिलों के सापेक्ष ज्यादा है। इसका सबसे अधिक प्रभाव जन्म के समय नवजातों में देखने को मिलता है। इसके लिए नवजात को तत्काल एसएनसीयू की आवश्यकता पड़ती है। नवजातों के लिए जिला अस्पताल के मेटरनिटी विंग में 22 बेड का एसएनसीयू स्थापित किया गया है। सभी बेड पर रेडियंट वाॅर्मर व ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की व्यवस्था है।
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सोमवार शाम को एसएनसीयू को संचालित करने वाला स्टेबलाइजर जल गया। इससे यहां की सभी मशीनों को बंद कर दिया गया। साथ ही सभी बेडों पर भर्ती नवजातों को भी डिस्चार्ज कर दिया गया। केवल अति गंभीर दो नवजातों को ऑक्सीजन सिलिंडर के माध्यम से ऑक्सीजन दिया जा रहा है। इसके साथ ही केवल एक रेडियंट वाॅर्मर को चलाया जा रहा है।
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इस यूनिट में प्रतिदिन वेटिंग की स्थिति बनी रहती है। लेकिन घटना के चौबीस घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी यहां न तो अभी तक स्टेबलाइजर को ठीक किया गया और न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
इस संबंध में सीएमएस डाॅ राम गोपाल ने बताया कि एसएनसीयू में लगा स्टेबलाइजर 15 किलोवाट का है। इसे बनने के लिए बहराइच भेजा गया है। बुधवार दोपहर तक यूनिट फिर से काम करने लगेगी।