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75 बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाएगी स्माइल ट्रेन
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संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में आयोजित कैंप में बच्चों का पंजियन कराते लोग।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बुधवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जन्म से कटे होंठ व तालू वाले बच्चों का पंजीकरण किया गया। स्माइल ट्रेन संस्था द्वारा आयोजित इस शिविर में 75 बच्चों का पंजीकरण किया गया। जिनमें से पहली बार में 35 बच्चों को लखनऊ निशुल्क ऑपरेशन के लिए भेजा गया है। शेष बच्चों को अगले सप्ताह ले जाया जाएगा। जहां इनके आने जाने व रहने खाने की व्यवस्था निशुल्क की जाएगी।
सीएमओ डॉ. अर्जुन प्रसाद भार्गव ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों में जागरूकता फैलाना तथा गरीब बच्चों व परिवारीजनों को उनके चेहरे पर नई मुस्कान देना है। शिविर में इलाज के लिए चयनित बच्चों का ऑपरेशन व संपूर्ण इलाज लखनऊ स्थित सिप्स अस्पताल में निशुल्क किया जाएगा। चयनित मरीजों को इलाज के लिए जिले में संस्था की एंबुलेंस लखनऊ लेकर जाती है। एंबुलेंस न मिल पाने की दशा में अभिभावक को आने-जाने का किराया भी संस्था द्वारा दिया जाता है।
डीआईसी मैनेजर प्रतीक शाक्य ने बताया है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रसव केंद्रों पर प्रशिक्षित स्टाफ व अन्य जन्मे बच्चों का गृह भ्रमण के दौरान आशा द्वारा परीक्षण किया जा रहा है। बच्चों में कटे, फटे होठ व तालू की जन्म जाति दोषों का सुनियोजित एवं संपूर्ण उपचार किया जाता है। इसके साथ ही डीआईसी सेंटर के माध्यम से बच्चों में जन्म जात बीमारियों का भी निशुल्क इलाज किया जाता है। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय नाथ गौतम, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. जेता सिंह, प्लास्टिक सर्जन डॉ. रितेश पुरवार आदि मौजूद रहे।
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सीएमओ डॉ. अर्जुन प्रसाद भार्गव ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों में जागरूकता फैलाना तथा गरीब बच्चों व परिवारीजनों को उनके चेहरे पर नई मुस्कान देना है। शिविर में इलाज के लिए चयनित बच्चों का ऑपरेशन व संपूर्ण इलाज लखनऊ स्थित सिप्स अस्पताल में निशुल्क किया जाएगा। चयनित मरीजों को इलाज के लिए जिले में संस्था की एंबुलेंस लखनऊ लेकर जाती है। एंबुलेंस न मिल पाने की दशा में अभिभावक को आने-जाने का किराया भी संस्था द्वारा दिया जाता है।
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डीआईसी मैनेजर प्रतीक शाक्य ने बताया है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रसव केंद्रों पर प्रशिक्षित स्टाफ व अन्य जन्मे बच्चों का गृह भ्रमण के दौरान आशा द्वारा परीक्षण किया जा रहा है। बच्चों में कटे, फटे होठ व तालू की जन्म जाति दोषों का सुनियोजित एवं संपूर्ण उपचार किया जाता है। इसके साथ ही डीआईसी सेंटर के माध्यम से बच्चों में जन्म जात बीमारियों का भी निशुल्क इलाज किया जाता है। इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदय नाथ गौतम, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. जेता सिंह, प्लास्टिक सर्जन डॉ. रितेश पुरवार आदि मौजूद रहे।
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