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Shravasti News: नेपाल से सटे गांवों में सन्नाटा, चप्पे-चप्पे पर नजर
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बेटी की शादी का कार्ड देने जाने से रोके जाने के कारण दुखी लाल मोहम्मद। - संवाद
श्रावस्ती। भारतीय सीमा से सटे नेपाली गांवों तक हिंसा का असर पहुंच गया है। मंगलवार देर रात अराजक तत्वों ने नोमैंसलैंड से लगभग एक किमी दूर नेपाल के नरैनापुर गांव के पंचायत भवन को आग के हवाले कर दिया। वहां रखे सभी प्रपत्र व विभिन्न रिकॉर्ड जल गए। इस घटना के बाद से सीमावर्ती गांवों के लोग सहमे हुए हैं।
पड़ोसी देश नेपाल से श्रावस्ती जिले की लगभग 62 किमी लंबी खुली सीमा जुड़ती है। इस सीमा के दोनों तरफ घनी आबादी है। कुछ गांव नोमैंसलैंड से सटे हुए हैं। यहां भारत-नेपाल में अंतर कर पाना भी मुश्किल है।
नेपाल में हिंसा की घटनाओं के कारण बुधवार को भारतीय क्षेत्र के घरदोरिया, तुरुसमा, रोशनगढ़, असनारिया, भरथा गांवों में सन्नाटा रहा।नेपाली क्षेत्र के नरैनापुर, कोड़िया, बहाऊपुरवा, रोशनगढ़ में भी बुधवार को कम ही लोग दिखे।
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नेपालियों को सिर्फ सामान खरीदने की छूट
नेपाल में जारी हिंसा को देखते हुए नोमैंसलैंड व पगडंडी रास्तों पर एसएसबी व पुलिस जवान चेक पोस्ट बनाकर सघन जांच कर रहे हैं। नेपाल जाने वाले भारतीयों को घर वापस किया जा रहा है। नेपाल से भारतीय क्षेत्र आने वाले लोगों को भी पहचान पत्र दिखाने के बाद भी आने की अनुमति दी जा रही है।
किसानों की भी कड़ी निगरानी
सुरक्षा को लेकर नोमैंसलैंड के आसपास बसे गांवों में भी जांच की जा रही है। खेत जाने वाले किसानों का भी एसएसबी जवान पहचान पत्र देख रहे हैं। बुधवार को फसल देखने जा रहे ककरदरी निवासी रहमान, शमशेर, जाकिर आदि को रोकर एसएसबी जवान पूछताछ करते दिखे।
13 को बेटी की शादी, कार्ड तक नहीं बांट पाए
जमुनहा के बालापुर गांव निवासी लाल मोहम्मद ने बताया कि बेटी की शादी नेपाल के बांके जिला के नेपालगंज बढ़ाईपुरवा निवासी सुलेमान हलवाई के बेटे से तय है। 13 सितंबर को निकाह मुकर्रर है। ऐसे में नेपाल में हुई हिंसा के बाद निकाह को लेकर संशय है। बुधवार को वह नेपाल के भोज भगवानपुर व मटेहिया निवासी रिश्तेदारों को शादी का कार्ड देने जा रहे थे, लेकिन एसएसबी जवानों ने सुरक्षा कारणों से उन्हें ककरदरी से लौटा दिया।
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पड़ोसी देश नेपाल से श्रावस्ती जिले की लगभग 62 किमी लंबी खुली सीमा जुड़ती है। इस सीमा के दोनों तरफ घनी आबादी है। कुछ गांव नोमैंसलैंड से सटे हुए हैं। यहां भारत-नेपाल में अंतर कर पाना भी मुश्किल है।
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नेपाल में हिंसा की घटनाओं के कारण बुधवार को भारतीय क्षेत्र के घरदोरिया, तुरुसमा, रोशनगढ़, असनारिया, भरथा गांवों में सन्नाटा रहा।नेपाली क्षेत्र के नरैनापुर, कोड़िया, बहाऊपुरवा, रोशनगढ़ में भी बुधवार को कम ही लोग दिखे।
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नेपालियों को सिर्फ सामान खरीदने की छूट
नेपाल में जारी हिंसा को देखते हुए नोमैंसलैंड व पगडंडी रास्तों पर एसएसबी व पुलिस जवान चेक पोस्ट बनाकर सघन जांच कर रहे हैं। नेपाल जाने वाले भारतीयों को घर वापस किया जा रहा है। नेपाल से भारतीय क्षेत्र आने वाले लोगों को भी पहचान पत्र दिखाने के बाद भी आने की अनुमति दी जा रही है।
किसानों की भी कड़ी निगरानी
सुरक्षा को लेकर नोमैंसलैंड के आसपास बसे गांवों में भी जांच की जा रही है। खेत जाने वाले किसानों का भी एसएसबी जवान पहचान पत्र देख रहे हैं। बुधवार को फसल देखने जा रहे ककरदरी निवासी रहमान, शमशेर, जाकिर आदि को रोकर एसएसबी जवान पूछताछ करते दिखे।
13 को बेटी की शादी, कार्ड तक नहीं बांट पाए
जमुनहा के बालापुर गांव निवासी लाल मोहम्मद ने बताया कि बेटी की शादी नेपाल के बांके जिला के नेपालगंज बढ़ाईपुरवा निवासी सुलेमान हलवाई के बेटे से तय है। 13 सितंबर को निकाह मुकर्रर है। ऐसे में नेपाल में हुई हिंसा के बाद निकाह को लेकर संशय है। बुधवार को वह नेपाल के भोज भगवानपुर व मटेहिया निवासी रिश्तेदारों को शादी का कार्ड देने जा रहे थे, लेकिन एसएसबी जवानों ने सुरक्षा कारणों से उन्हें ककरदरी से लौटा दिया।