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थाना समाधान दिवस में फरियादियों को नहीं मिल पा रहा न्याय
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श्रावस्ती। जिले के थानों में शनिवार समाधान दिवस का आयोजन हुआ। जहां आने वाले 90 फीसदी फरियादी सिर्फ आश्वासन लेकर लौट गए। मात्र 10 फीसदी मामलों का ही मौके पर निस्तारण हुआ। ऐसा तब हो रहा है जब सरकार इसे अपनी शीर्ष प्राथमिकता में शामिल कर चुकी है।
जिले के थानों व तहसीलों में आयोजित होने वाले समाधान दिवस पर फरियादियों को त्वरित न्याय मिलना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। हर बार फरियादी समस्या लेकर आते हैं और पीठासीन अधिकारी जांच के बाद कार्रवाई करने का निर्देश देकर अपने दायित्वों से मुक्ति पा लेते हैं। ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी मामले में पीठासीन स्वयं मौके पर जाकर इसकी जांच करे। जिससे पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके। ऐसे में मातहत भी रटे रटाए अल्फाज में जांच की जाएगी कह कर फरियादियों को वापस भेज देते हैं। जिससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता।
कई मामलों में हलका लेखपाल घर बैठे अथवा किसी तीसरे व्यक्ति को भेज कर निस्तारण की रिपोर्ट लगा देते हैं। भिनगा कोतवाली व मल्हीपुर थाने में आयोजित समाधान दिवस की अध्यक्षता डीएम नेहा प्रकाश ने की। यहां एसपी की उपस्थिति में आए 90 प्रतिशत मामलों का एक सप्ताह में निस्तारण करने का निर्देश देकर अधिकारी वापस लौट गए। यही स्थिति सिरसिया, गिलौला, इकौना व नवीन मॉडर्न थाने की भी रही। जहां 10 प्रतिशत मामले भी निस्तारित नहीं हो सके। समूचे जिले में कुल 108 शिकायतें आईं। इनमें से मात्र नौ मामलों का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
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जिले के थानों व तहसीलों में आयोजित होने वाले समाधान दिवस पर फरियादियों को त्वरित न्याय मिलना दूर की कौड़ी साबित हो रहा है। हर बार फरियादी समस्या लेकर आते हैं और पीठासीन अधिकारी जांच के बाद कार्रवाई करने का निर्देश देकर अपने दायित्वों से मुक्ति पा लेते हैं। ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी मामले में पीठासीन स्वयं मौके पर जाकर इसकी जांच करे। जिससे पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके। ऐसे में मातहत भी रटे रटाए अल्फाज में जांच की जाएगी कह कर फरियादियों को वापस भेज देते हैं। जिससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता।
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कई मामलों में हलका लेखपाल घर बैठे अथवा किसी तीसरे व्यक्ति को भेज कर निस्तारण की रिपोर्ट लगा देते हैं। भिनगा कोतवाली व मल्हीपुर थाने में आयोजित समाधान दिवस की अध्यक्षता डीएम नेहा प्रकाश ने की। यहां एसपी की उपस्थिति में आए 90 प्रतिशत मामलों का एक सप्ताह में निस्तारण करने का निर्देश देकर अधिकारी वापस लौट गए। यही स्थिति सिरसिया, गिलौला, इकौना व नवीन मॉडर्न थाने की भी रही। जहां 10 प्रतिशत मामले भी निस्तारित नहीं हो सके। समूचे जिले में कुल 108 शिकायतें आईं। इनमें से मात्र नौ मामलों का ही मौके पर निस्तारण हो सका।
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