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राप्ती का जलस्तर घटने के साथ गांवों में भी घटने लगा पानी
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श्रावस्ती। नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हुई बारिश के चलते बीते कई दिनों से राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ रहा था। इस वजह से नदी के किनारे बसे कई गांव पानी से घिर गये। कुछ गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश भी कर गया। हालांकि, सोमवार को नदी का जलस्तर घटने से गांवों में भी पानी घट गया जिससे ग्रामीणों को राहत मिली।
राप्ती नदी बरसात के दिनों में रौद्र रूप धारण कर लेती है। इसके चलते नदी के तट पर बसे करीब 72 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है। नेपाल के पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण रविवार को जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान 127.70 सेंटीमीटर को पार कर 127.80 सेंटीमीटर पर पहुंच गया था। इस बढ़े जलस्तर के कारण जमुनहा विकास क्षेत्र का सलारु पुरवा, बरंगा, वीरपुर, शिकारी, पिपरहवा, घुरहा, हरिहरपुर महराज नगर व गुरुदत्त पुरवा सहित कई अन्य गांव पानी से घिर गये थे। खेत-खलिहान में भी पानी भर गया था।
वहीं, शाहपुर कला व सलारुपुरवा में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में भी घुस गया था। पिपरहवा कोठी में संविलयन विद्यालय सहित कई अन्य विद्यालयों में भी पानी प्रवेश कर गया था। इस वजह से सोमवार को बच्चे विद्यालय नहीं आए। हालांकि, सोमवार शाम करीब पांच बजे नदी का जलस्तर घटकर 127.60 सेंटीमीटर पर पहुंच गया। इस वजह से गांवों के चारों तरफ जमा पानी भी कम हो गया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वहीं, सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों व चौकी पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। सभी नोडल अधिकारी व उपजिलाधिकारी भी अपने क्षेत्रों में निगरानी रख रहे हैं। साथ ही बाढ़ कंट्रोल रूम नंबर 8429321551 व 7395045570 को सक्रिय कर दिया गया है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्य कर रहा है।
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राप्ती नदी बरसात के दिनों में रौद्र रूप धारण कर लेती है। इसके चलते नदी के तट पर बसे करीब 72 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है। नेपाल के पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण रविवार को जमुनहा के राप्ती बैराज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान 127.70 सेंटीमीटर को पार कर 127.80 सेंटीमीटर पर पहुंच गया था। इस बढ़े जलस्तर के कारण जमुनहा विकास क्षेत्र का सलारु पुरवा, बरंगा, वीरपुर, शिकारी, पिपरहवा, घुरहा, हरिहरपुर महराज नगर व गुरुदत्त पुरवा सहित कई अन्य गांव पानी से घिर गये थे। खेत-खलिहान में भी पानी भर गया था।
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वहीं, शाहपुर कला व सलारुपुरवा में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में भी घुस गया था। पिपरहवा कोठी में संविलयन विद्यालय सहित कई अन्य विद्यालयों में भी पानी प्रवेश कर गया था। इस वजह से सोमवार को बच्चे विद्यालय नहीं आए। हालांकि, सोमवार शाम करीब पांच बजे नदी का जलस्तर घटकर 127.60 सेंटीमीटर पर पहुंच गया। इस वजह से गांवों के चारों तरफ जमा पानी भी कम हो गया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वहीं, सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों व चौकी पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है। सभी नोडल अधिकारी व उपजिलाधिकारी भी अपने क्षेत्रों में निगरानी रख रहे हैं। साथ ही बाढ़ कंट्रोल रूम नंबर 8429321551 व 7395045570 को सक्रिय कर दिया गया है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्य कर रहा है।
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