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श्रावस्ती एयरपोर्ट से एक माह में उड़ान भरेंगे जहाज
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श्रावस्ती। एक माह के भीतर श्रावस्ती एयरपोर्ट से विमान उड़ान भरना शुरू कर देंगे। यह आदेश जिला भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने दिए थे। हवाई अड्डे का निर्माणकार्य तकरीबन पूरा हो चुका है सिर्फ नेटवर्किंग का काम बचा है।
‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ करने सोमवार को श्रावस्ती आए मुख्यमंत्री ने एक माह में हवाई अड्डे को तैयार करने का निर्देश दिया। यह परियोजना रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत नो फ्रिल्स एयरपोर्ट के रूप में तैयार की जा रही है। इसकी स्वीकृति 2018 में हुई थी। उस समय इसकी लागत 2045.62 लाख रुपये थी।
अब इसकी लागत बढ़ कर 2471.44 लाख रुपये हो गई हैं। परियोजना पर अब तक कार्र्यदायी संस्था 2348.00 लाख रुपये जारी कर चुकी है, जिसमें से 1947.00 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। यह परियोजना नौ मई 2022 तक पूरी की जानी है। इसके बनने से बौद्ध पर्यटन स्थल आपस में हवाई सेवा से जुड़ जाएंगे। इसके साथ ही दिल्ली व लखनऊ सहित कई अन्य एयरपोर्ट से भी सेवाएं प्रारंभ होंगी।
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रनवे सहित टैक्सी-वे का कार्य, टर्मिनल भवन में रेनोवेशन का काम, बाउंड्रीवाल 3605.52 रनिंग मीटर, अप्रोच रोड, अग्निशमन सेवा, वॉच टावर व स्ट्रीट लाइट सहित अन्य कार्य जिसमें से मिट्टी भराई का कार्य चल रहा है। बाकी काम पूरे हो चुके हैं।
रीजनल कनेक्टिविटी से बनने वाले इस एयरपोर्ट से बौद्ध पर्यटन स्थल तो जुड़ेंगे ही साथ ही अन्य धार्मिक स्थल व महानगर भी जुड़ेंगे। इससे अभी तक लखनऊ उतरने वाले पर्यटक सीधे श्रावस्ती उतरेंगे। इसका लाभ बौद्ध पर्यटन के विकास के रूप में होगा।
श्रावस्ती एयरपोर्ट का काम 90 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है। जो कार्य अवशेष है वह कार्यदायी संस्था ने नौ मई तक पूरा करने को कहा है। उम्मीद है कि इसी के बाद यहां से हवाई सेवाएं प्रारंभ हो सकेंगी।
- ईशान प्रताप सिंह, सीडीओ
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‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ करने सोमवार को श्रावस्ती आए मुख्यमंत्री ने एक माह में हवाई अड्डे को तैयार करने का निर्देश दिया। यह परियोजना रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत नो फ्रिल्स एयरपोर्ट के रूप में तैयार की जा रही है। इसकी स्वीकृति 2018 में हुई थी। उस समय इसकी लागत 2045.62 लाख रुपये थी।
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अब इसकी लागत बढ़ कर 2471.44 लाख रुपये हो गई हैं। परियोजना पर अब तक कार्र्यदायी संस्था 2348.00 लाख रुपये जारी कर चुकी है, जिसमें से 1947.00 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। यह परियोजना नौ मई 2022 तक पूरी की जानी है। इसके बनने से बौद्ध पर्यटन स्थल आपस में हवाई सेवा से जुड़ जाएंगे। इसके साथ ही दिल्ली व लखनऊ सहित कई अन्य एयरपोर्ट से भी सेवाएं प्रारंभ होंगी।
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रनवे सहित टैक्सी-वे का कार्य, टर्मिनल भवन में रेनोवेशन का काम, बाउंड्रीवाल 3605.52 रनिंग मीटर, अप्रोच रोड, अग्निशमन सेवा, वॉच टावर व स्ट्रीट लाइट सहित अन्य कार्य जिसमें से मिट्टी भराई का कार्य चल रहा है। बाकी काम पूरे हो चुके हैं।
रीजनल कनेक्टिविटी से बनने वाले इस एयरपोर्ट से बौद्ध पर्यटन स्थल तो जुड़ेंगे ही साथ ही अन्य धार्मिक स्थल व महानगर भी जुड़ेंगे। इससे अभी तक लखनऊ उतरने वाले पर्यटक सीधे श्रावस्ती उतरेंगे। इसका लाभ बौद्ध पर्यटन के विकास के रूप में होगा।
श्रावस्ती एयरपोर्ट का काम 90 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है। जो कार्य अवशेष है वह कार्यदायी संस्था ने नौ मई तक पूरा करने को कहा है। उम्मीद है कि इसी के बाद यहां से हवाई सेवाएं प्रारंभ हो सकेंगी।
- ईशान प्रताप सिंह, सीडीओ