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समय से इलाज न हो पाने के कारण होती है मौत
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श्रावस्ती। क्षय रोग उन्मूलन को लेकर बुधवार विकास भवन सभागार में कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस दोरान सीएमओ ने क्षय रोग उन्मूलन के लिए होने वाले कार्यों की जानकारी दी। इसके साथ ही आए हुए विशेषज्ञों ने इससे बचाव के बारे में बताया।
कार्यशाला के दौरान सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि सक्रिय रोगी खोज अभियान के तहत जिले में 2,67,695 मरीजों की स्क्रीनिंग कर उनसे क्षय रोग के लक्षणों के बारे में बताया गया। जिसमें से 907 संभावित मरीजों की जांच की गई। इनमें से 67 मरीज चिह्नित हुए हैं। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संत कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में जिले में 2043 सक्रिय क्षय रोगी हैं। जिनमें से 1896 मरीजों की एचआईवी जांच की गई है।
विश्व क्षय रोग दिवस से ही क्षय रोगियों को खोजने के लिए विशेष अभियान शुरू हो गया था। स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में यह अभियान 13 अप्रैल तक चलेगा। इसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) संभालेंगे। अभियान के दौरान जिले में विभिन्न गतिविधियों के जरिए लोगों को क्षय रोग के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। अभियान के दौरान टीबी के संभावित लोगों की एचआईवी और ब्लड शुगर की जांच होगी।
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नमूनों की माइक्रोस्कोपी सेंटर से जांच कर 24 घंटे में रिपोर्ट दी जाएगी। टीबी की पुष्टि होने पर रोगी को तत्काल ही सात दिन की दवा दे दी जाएगी। सीएचओ, आशा टीबी मरीज को हर माह दवाएं देंगी और लगातार मॉनिटरिंग करेंगी। पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मुकेश मातनहेलिया ने कहा कि जनपद में नियमित टीकाकरण से छूटे 2 साल तक के बच्चों और गर्भवती को टीके से प्रतिरक्षित करने के लिए मिशन इंद्रधनुष अभियान 4.0 चलाया जा रहा है। उन्होंने अपील की है कि टीकाकरण में स्वास्थ्यकर्मियों की मदद करें और बीमारियों को दूर भगाएं। कार्यशाला को विश्व स्वास्थ्य संगठन एसएमओ डॉ. सिजाय ने भी संबोधित किया।
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कार्यशाला के दौरान सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि सक्रिय रोगी खोज अभियान के तहत जिले में 2,67,695 मरीजों की स्क्रीनिंग कर उनसे क्षय रोग के लक्षणों के बारे में बताया गया। जिसमें से 907 संभावित मरीजों की जांच की गई। इनमें से 67 मरीज चिह्नित हुए हैं। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संत कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में जिले में 2043 सक्रिय क्षय रोगी हैं। जिनमें से 1896 मरीजों की एचआईवी जांच की गई है।
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विश्व क्षय रोग दिवस से ही क्षय रोगियों को खोजने के लिए विशेष अभियान शुरू हो गया था। स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में यह अभियान 13 अप्रैल तक चलेगा। इसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) संभालेंगे। अभियान के दौरान जिले में विभिन्न गतिविधियों के जरिए लोगों को क्षय रोग के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। अभियान के दौरान टीबी के संभावित लोगों की एचआईवी और ब्लड शुगर की जांच होगी।
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नमूनों की माइक्रोस्कोपी सेंटर से जांच कर 24 घंटे में रिपोर्ट दी जाएगी। टीबी की पुष्टि होने पर रोगी को तत्काल ही सात दिन की दवा दे दी जाएगी। सीएचओ, आशा टीबी मरीज को हर माह दवाएं देंगी और लगातार मॉनिटरिंग करेंगी। पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मुकेश मातनहेलिया ने कहा कि जनपद में नियमित टीकाकरण से छूटे 2 साल तक के बच्चों और गर्भवती को टीके से प्रतिरक्षित करने के लिए मिशन इंद्रधनुष अभियान 4.0 चलाया जा रहा है। उन्होंने अपील की है कि टीकाकरण में स्वास्थ्यकर्मियों की मदद करें और बीमारियों को दूर भगाएं। कार्यशाला को विश्व स्वास्थ्य संगठन एसएमओ डॉ. सिजाय ने भी संबोधित किया।