फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shravasti News ›   shravasti

पांच गांवों में फाइलेरिया के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान

Wed, 02 Feb 2022 11:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 02 Feb 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
shravasti
श्रावस्ती। जिले के तीन विकास खंडों के पांच गांवों में फाइलेरिया के मरीजों को दवा खिलाने और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू हो रहा है। इस दौरान ग्रामीणों को फाइलेरिया के बारे में जानकारी देते हुए मच्छरों से बचाव के उपाय भी बताए जाएंगे। इस विशेष अभियान में क्षेत्रीय आशा कार्यकर्ता के साथ ही गांव के किसी एक व्यक्ति और गैर सरकारी संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा।
विज्ञापन

यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि यह विशेष अभियान सिरसिया ब्लॉक के पिपराहवा, ललपुर अयोध्या, इकौना ब्लॉक के पांडेपुरवा, कसजदरा और मल्हीपुर ब्लॉक के बहरवा गांव में चलाया जाएगा। इसके तहत आशा कार्यकर्ता को प्रतिदिन गांव के 25 घरों का सर्वे कर शत-प्रतिशत पात्र लोगों को दवा खिलानी है।
विज्ञापन

फाइलेरिया से बचाव की दवा दो साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और गंभीर रूप से बीमार लोगों को नहीं खिलानी है। आशा कार्यकर्ता के सहयोगी के रूप में गांव का एक व्यक्ति रहेगा, जो कि दवा खिलाते हुए फोटो खींचेगा अैर उसे व्हाट्सएप ग्रुप पर अपलोड करेगा। इसके अलावा विभाग द्वारा आशा को एक बुकलेट दी जा रही है। जिसमें सर्वे वाले घर के प्रत्येक सदस्य का नाम, पता, उम्र, मोबाइल नंबर, जेंडर, दवा खिलाने की तारीख आदि विवरण दर्ज करना होगा। इस कार्य के लिए आशा और और उसके सहयोगी को प्रतिदिन 125 रुपए का पारिश्रमिक का भुगतान भी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम प्रधान के सहयोग से साफ सफाई कराया जाएगा। झाड़ियों को साफ कराने के साथ ही जिन गड्ढों में पानी भरा है उन्हें बंद कराया जाएगा। मच्छरों और उनके लार्वा को नष्ट करने के लिए फॉगिंग कराई जाएगी। ग्रामीणों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करने और दवा को लेकर उनकी शंकाओं के समाधान के लिए गांवों में नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा। माइक के माध्यम से जागरूकता भरे संदेशों का प्रचार किया जाएगा।
एसीएमओ व फाइलेरिया कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश मातनहेलिया बताते हैं कि फाइलेरिया बीमारी क्यूलैक्स फैंटीगंस मादा मच्छर के जरिए फैलती है। जब यह मच्छर किसी फाइलेरिया से ग्रसित व्यक्ति को काटता है तो वह संक्रमित हो जाता है। जब यह मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो फाइलेरिया के विषाणु रक्त के जरिए उसके शरीर में प्रवेश कर उसे भी फाइलेरिया से ग्रसित कर देते हैं। ज्यादातर संक्रमण अज्ञात या मौन रहते हैं और लंबे समय बाद इनका पता चल पाता है। इस बीमारी का कारगर इलाज नहीं है। सही रोकथाम ही इसका समाधान है।

फाइलेरिया संक्रमित मच्छरों के काटने के बाद व्यक्ति को बहुत सामान्य लक्षण दिखते हैं, जैसे कि अचानक बुखार आना (आमतौर पर बुखार 2-3 दिन में ठीक हो जाता है), हाथ-पैरों में खुजली होना, एलर्जी और त्वचा की समस्या, स्नोफीलिया, हाथों में सूजन, पैरों में सूजन के कारण पैर का बहुत मोटा हो जाना, अंडकोष में सूजन आदि। फाइलेरिया का पता लगाने के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed