{"_id":"616f1198faa6c5003c7b4059","slug":"shravasti-news-srawasti-news-lko6007753190","type":"story","status":"publish","title_hn":"संचारी रोग नियंत्रण के लिए जागरूकता वैन रवाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संचारी रोग नियंत्रण के लिए जागरूकता वैन रवाना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती। संचारी रोग नियंत्रण के लिए जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में संचारी रोग नियंत्रण जागरूकता वैन को सीडीओ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीडीओ ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि गर्भवती महिलाओं व बच्चों में संचारी रोगों का खतरा अधिक होता है। बुखार होने पर तत्काल मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र ले जाएं। बिना चिकित्सक की सलाह के दवाओं का सेवन न करें। झोलाछाप से बचें, पानी व अन्य तरल पदार्थ जैसे नारियल पानी, शिकंजी, ताजे फलों का रस आदि का अधिक सेवन करें। सभी विभाग आपस में सामंजस्य बनाकर इस अभियान को सफल बनाएं।
जिले में संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत दिमागी बुखार और संचारी रोगों की रोकथाम की जाएगी। अभियान में स्वास्थ्य, नगर विकास, पंचायती राज, ग्राम विकास, पशु पालन, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, समाज कल्याण, कृषि, सिंचाई, उद्यान व सूचना विभाग एक साथ मिलकर कार्य करेंगे। एक नवंबर तक चलने वाले दस्तक अभियान के तहत घर घर जाकर आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सफाई, कचरा निस्तारण, जलभराव रोकने, मच्छरों से बचाव आदि के प्रति लोगों को जागरूक करेंगी।
सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने कहा कि दिमागी बुखार से घबरायें नहीं, इसका शीघ्र इलाज करायें। बुखार होने पर बच्चों को बिना किसी देरी के उपचार के लिये सरकारी अस्पताल में ले जायें। कोई भी बुखार दिमागी बुखार हो सकता है। इससे सावधान रहने की जरूरत है। दिमागी बुखार व संचारी रोगों से बचाव के लिए दरवाजे एवं खिड़कियों पर जाली लगाएं, नियमित मच्छरदानी का प्रयोग करें, मच्छर रोधी उपाय अपनाएं। नालियों में जलभराव रोके व उनकी नियमित सफाई करें। खुले में शौच न करें, शौचालय का प्रयोग करें, कुपोषित बच्चों का विशेष ध्यान रखें, बच्चों को जेई के दोनों टीके अवश्य लगवाएं। इस दौरान एसीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ, सीवीओ डा. जयइन्द्र सिंह, अधिशासी अधिकारी इकौना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत दिमागी बुखार और संचारी रोगों की रोकथाम की जाएगी। अभियान में स्वास्थ्य, नगर विकास, पंचायती राज, ग्राम विकास, पशु पालन, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, समाज कल्याण, कृषि, सिंचाई, उद्यान व सूचना विभाग एक साथ मिलकर कार्य करेंगे। एक नवंबर तक चलने वाले दस्तक अभियान के तहत घर घर जाकर आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सफाई, कचरा निस्तारण, जलभराव रोकने, मच्छरों से बचाव आदि के प्रति लोगों को जागरूक करेंगी।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. एपी भार्गव ने कहा कि दिमागी बुखार से घबरायें नहीं, इसका शीघ्र इलाज करायें। बुखार होने पर बच्चों को बिना किसी देरी के उपचार के लिये सरकारी अस्पताल में ले जायें। कोई भी बुखार दिमागी बुखार हो सकता है। इससे सावधान रहने की जरूरत है। दिमागी बुखार व संचारी रोगों से बचाव के लिए दरवाजे एवं खिड़कियों पर जाली लगाएं, नियमित मच्छरदानी का प्रयोग करें, मच्छर रोधी उपाय अपनाएं। नालियों में जलभराव रोके व उनकी नियमित सफाई करें। खुले में शौच न करें, शौचालय का प्रयोग करें, कुपोषित बच्चों का विशेष ध्यान रखें, बच्चों को जेई के दोनों टीके अवश्य लगवाएं। इस दौरान एसीएमओ डॉ. मुकेश मातनहेलिया, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ, सीवीओ डा. जयइन्द्र सिंह, अधिशासी अधिकारी इकौना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन