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राप्ती नदी लाल निशान से ऊपर

Tue, 19 Oct 2021 11:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 19 Oct 2021 11:27 PM IST
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श्रावस्ती। नेपाल के साथ ही जिले में हुई बरसात से एकबार फिर राप्ती का जलस्तर सोमवार देर रात खतरे के लाल निशान को पार कर गया। नदी खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे बाढ़ का पानी तटवर्तीय इलाकों के खेतों व गांवों में घुसने से धान की फसल के खेत में ही सड़ जाने की चिंता ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है।
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नेपाल के पहाड़ी इलाकों के साथ ही जिले में रविवार दोपहर से ही बरसात के कारण नदी का जलस्तर सोमवार देर रात एक बार फिर से खतरे के लाल निशान को पार कर गया। जमुनहा के राप्ती बैराज पर लिए गए माप में नदी का जलस्तर मंगलवार सुबह दस बजे 128.20 मीटर मापा गया। यह खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर था। यहां खतरे का लाल निशान 127.70 मीटर पर है। बैराज से पानी निकलने की स्थिति 59161 क्यूसेक प्रति घंटा है।
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यह पानी तेजी से आगे बढ़ता हुआ तटवर्तीय इलाकों से बाढ़ का खतरा पैदा कर रहा है। नदी से सटे जमुहा, हरिहरपुररनी व इकौना के सुलतान जोत, चहलवा, लक्ष्मनपुर कोठी, नेवादा, डेहरिया, मोहम्मदपुर, धर्मनगर, गाजोबारी, मोहनपुर, टेपरा, वीरपुर लौकिहा, हंसनापुर, बरंगा, अशरफ नगर, लक्ष्मनपुर सेमरहनीय समेत दो दर्जन से अधिक गांवों के रास्तों पर दो से ढाई फिट पानी भरा हुआ है। जबकि राप्ती नदी के तलहटी स्थित खेतों में भी पानी भर जाने से वहां कटी पड़ी धान की फसल सड़ने लगी है। मंगलवार को नदी के तटीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर परेशान किसान पानी में डूबी फसल को निकालते हुए भी देखे गए।
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जिन स्थानों पर फसलें जलभराव के कारण डूबी हुई हैं, वहां 40 से 50 प्रतिशत तक का नुकसान हो सकता है। जहां फसल सिर्फ भीग गई हैं। वहां लगभग 25 प्रतिशत तक नुकसान संभावित है। ऐसे में किसानों को चाहिए कि वह फसल को कहीं ऊंचे स्थान पर फैला दें। ताकि फसल की नमी कम हो। इससे नुकसान को कम किया जा सकता है।

डॉ. आरपीएस रघुवंशी, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष कृषि विज्ञान केंद्र श्रावस्ती
जिले में चल रही तेज हवाओं के साथ होने वाली बरसात के कारण धान की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। यदि बरसात थमी तो कुछ नुकसान की भरपाई संभव है। यदि दोबारा बरसात हुई तो 60 से 70 प्रतिशत धान की फसल को नुकसान हो सकता है। इसकी भरपाई के लिए किसान अपने फसल का बीमा कराएं। जिन किसानों ने किसान क्रडिट कार्ड बनवा रखा है और उनके द्वारा फसल बीमा का पैसा दिया गया है तो उन्हें नुकसान की क्षतिपूर्ति मिलेगी। मौजूदा समय करीब बीस हजार किसानों की फसल का बीमा है। जिन्हें इसका लाभ दिलाया जाएगा।
डॉ. अवधेश कुमार यादव जिला कृषि अधिकारी
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