{"_id":"60e33d8e8ebc3ebf2103c257","slug":"scorching-sun-s-heat-electricity-is-also-cheating-srawasti-news-lko585609362","type":"story","status":"publish","title_hn":"झुलसा रही सूरज की तपन, बिजली भी दे रही धोखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झुलसा रही सूरज की तपन, बिजली भी दे रही धोखा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रावस्ती। तराई में सूरज की किरणें आग उगल रही हैं। मौसम का पारा 35 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर है। ऐसे में लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। वहीं इसके विपरीत दोपहर व रात में होने वाली बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं की नींद हराम कर रखा है। जरूरत के वक्त आपूर्ति बाधित होने के कारण रोजेदारों सहित हर वर्ग के उपभोक्ता बेहाल हैं।
जिले में मौसम का मिजाज विगत कई दिनों से पूरी तरह गर्म बना हुआ है। तपती दोपहरी में घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। सुबह से ही आग उगल रही सूरज की किरणें शाम तक राहगीरों की राह रोक रही हैं। चिलचिलाती धूप व पूर्वा हवा के कारण बढ़ी उमस से लोगों को छांव व पंखों के नीचे भी पसीना आ रहा है। इसके चलते सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मुख्य मार्ग व बाजार में सन्नाटा दिखाई दे रहा है। लोग गर्मी से बचने के लिए हर संभव प्रयास करते देखे जा रहे हैं।
वहीं बरसात न होने के कारण खेतों में लगी धान की फसल व नर्सरी को बचाने के लिए किसानों द्वारा उनकी सिंचाई की जा रही है। जिससे फसलों की लागत बढ़ती जा रही है। भीषण उमस भरी गर्मी के कारण सिर्फ इंसान ही नहीं पशु पक्षी भी परेशान देखे जा रहे हैं। गर्मी से बेहाल लोगों की परेशानी बिजली और बढ़ा रही है। सुबह बाधित होने वाली ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति दोपहर बाद बहाल हो रही है। वहीं रात में होने वाली बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं की नींद हराम कर रखी है। सुबह शाम होने वाली बिजली कटौती से भीषण गर्मी के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में मौसम का मिजाज विगत कई दिनों से पूरी तरह गर्म बना हुआ है। तपती दोपहरी में घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। सुबह से ही आग उगल रही सूरज की किरणें शाम तक राहगीरों की राह रोक रही हैं। चिलचिलाती धूप व पूर्वा हवा के कारण बढ़ी उमस से लोगों को छांव व पंखों के नीचे भी पसीना आ रहा है। इसके चलते सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मुख्य मार्ग व बाजार में सन्नाटा दिखाई दे रहा है। लोग गर्मी से बचने के लिए हर संभव प्रयास करते देखे जा रहे हैं।
विज्ञापन
वहीं बरसात न होने के कारण खेतों में लगी धान की फसल व नर्सरी को बचाने के लिए किसानों द्वारा उनकी सिंचाई की जा रही है। जिससे फसलों की लागत बढ़ती जा रही है। भीषण उमस भरी गर्मी के कारण सिर्फ इंसान ही नहीं पशु पक्षी भी परेशान देखे जा रहे हैं। गर्मी से बेहाल लोगों की परेशानी बिजली और बढ़ा रही है। सुबह बाधित होने वाली ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति दोपहर बाद बहाल हो रही है। वहीं रात में होने वाली बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं की नींद हराम कर रखी है। सुबह शाम होने वाली बिजली कटौती से भीषण गर्मी के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन