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बैकफुट पर शिक्षा विभाग: रिक्शा चालक को भेजा 51 लाख का रिकवरी नोटिस निरस्त; अंगूठा छाप को बताया था फर्जी शिक्षक

Mon, 23 Dec 2024 03:28 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, श्रावस्ती
अमर उजाला नेटवर्क, श्रावस्ती Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Mon, 23 Dec 2024 03:28 PM IST
सार

श्रावस्ती में शिक्षा विभाग बैकफुट पर आ गया है। रिक्शा चालक को भेजा 51 लाख का रिकवरी नोटिस निरस्त कर दिया गया है। अंगूठा छाप को फर्जी शिक्षक बताया था। 

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recovery notice of 51 lakh was cancelled who sent to rickshaw driver in Shravasti
पीड़ा बताता मनोहर यादव - फोटो : संवाद

विस्तार

यूपी के श्रावस्ती में रिक्शा चालक को शिक्षक बताकर 51 लाख की रिकवरी भेजने के मामले में नया मोड़ आ गया है। अमर उजाला पर खबर छपने के बाद शिक्षा विभाग बैक फुट पर आ गया है। बीएसए ने तत्काल इसका संज्ञान लिया और नोटिस को निरस्त कर दिया। यानी विभाग ने माना कि उसकी गलती से नोटिस गया था। 

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पीड़ित मनोहर लाल यादव ने कहा कि अधिकारियों ने तो हमारी जिंदगी बर्बाद करने का ही सोच लिया था। हम लोग काफी परेशान थे। खाना-पीना मुहाल हो गया था। लेकिन, अमर उजाला ने सच्चाई दिखाकर हमें बचा लिया। हमारी वसूली की नोटिस निरस्त कर दी गई है।  

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बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार ने रिक्शा चालक मनोहर लाल यादव निवासी गोडपुरवा को फर्जी शिक्षक बताकर इनके नाम नोटिस जारी किया था। 51 लाख 63 हजार 53 रुपए की वसूली की बात कही थी। अमर उजाला की खबर के बाद बीएसए ने नोटिस निरस्त कर दिया है। अब अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर तहसील के सीहमई कारीरात निवासी मुख्य आरोपी देवमणि पुत्र राम दुलारे के नाम दोबारा नोटिस जारी हुआ है। 
 
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यह है पूरा मामला 

मामला भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गोड़पुरवा का है। गांव निवासी मनोहर यादव दिल्ली में रहकर हाथ रिक्शा चलाता है। वह निरक्षर भी है। उसका परिवार गांव में रहता है। शुक्रवार को उसे डाकिए के जरिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक नोटिस मिला। 
 
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सहायक शिक्षक के पद पर नौकरी कर रहे थे

11 दिसंबर 2024 को जारी इस नोटिस में कहा गया कि आप सुरेंद्र प्रताप सिंह पुत्र मैन बहादुर सिंह निवासी सीहमई कारीरात, तहसील अकबरपुर, जनपद अंबेडकरनगर के छद्म नाम व पते का प्रयोग करके बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन उच्च प्राथमिक विद्यालय, नव्वापुरवा, विकासखंड जमुनहा, श्रावस्ती में सहायक शिक्षक के पद पर नौकरी कर रहे थे। 
 

आप द्वारा कूटरचित अभिलेख का प्रयोग करके नौकरी करने की पुष्टि हुई है। आपकी नियुक्ति समाप्त कर दी गई है। साथ ही आपके विरुद्ध थाना कोतवाली भिनगा पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। आप ने जून 2020 तक बेसिक शिक्षा विभाग से 51 लाख 63 हजार 53 रुपये नगद वेतनादि का भुगतान प्राप्त किया है। 
 

राजकोष में जमा करा दें 51 लाख

निर्देशित किया जाता है कि यह पैसा एक सप्ताह के भीतर कोषागार श्रावस्ती के राजकोष में जमा करा दें। जमा रशीद ले लें। अन्यथा भू-राजस्व वसूली की भांति आपसे वसूली की जाएगी। नोटिस मिलने के बाद पीड़ित और उसके परिवार का रो-रो कर बुरा हाल था।
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