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बारिश के बीच प्रतीकात्मक रूप में रावण दहन
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श्रावस्ती। अधर्म व अत्याचार पर धर्म की विजय का संदेश देने वाला विजयदशमी का पर्व बुधवार को जिले में परंपरागत रूप से मनाया गया। लगातार हो रही बरसात के कारण जहां कुछ स्थानों पर प्रतीकात्मक रूप से रावण का पुतला दहन किया गया। वहीं कुछ स्थानों पर गुरुवार को इसकी औपचारिकता पूरी की गई।
जिले में विजय दशमी की तैयारियों पर बरसात ने पानी फेर दिया। इकौना, गिलौला, सिरसिया, जमुनहा सोनवा, बदला, मल्हीपुर एवं मुख्यालय भिनगा सहित जिले के अन्य हिस्सों में इस बार परंपरागत ढंग से दशहरा न मना कर सिर्फ प्रतीकात्मक रूप से मनाया गया। जमुनहा व तुलसीपुर स्थित मैदान में जलभराव के कारण रावण का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। भिनगा के अलक्षेंद्र इंटर कालेज मैदान में गुरुवार को 25 फुट का रावण दहन हुआ। जिसे देखने के लिए गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष लोगों की संख्या कम रही।
रामलीला स्थल से भगवान श्रीराम व रावण अपनी सेनाओं के साथ युद्ध करते हुए रावण वध स्थल पहुंचे। जहां विभीषण के कहने पर प्रभु श्रीराम ने रावण की नाभि पर बाण मारा। रावण वध के दौरान दशहरा स्थल पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस, पीएसी व होमगार्ड के जवान तथा रामलीला व दुर्गा पूजा समिति के सुरक्षा सहायक मौजूद रहे।
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जिले में विजय दशमी की तैयारियों पर बरसात ने पानी फेर दिया। इकौना, गिलौला, सिरसिया, जमुनहा सोनवा, बदला, मल्हीपुर एवं मुख्यालय भिनगा सहित जिले के अन्य हिस्सों में इस बार परंपरागत ढंग से दशहरा न मना कर सिर्फ प्रतीकात्मक रूप से मनाया गया। जमुनहा व तुलसीपुर स्थित मैदान में जलभराव के कारण रावण का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया। भिनगा के अलक्षेंद्र इंटर कालेज मैदान में गुरुवार को 25 फुट का रावण दहन हुआ। जिसे देखने के लिए गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष लोगों की संख्या कम रही।
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रामलीला स्थल से भगवान श्रीराम व रावण अपनी सेनाओं के साथ युद्ध करते हुए रावण वध स्थल पहुंचे। जहां विभीषण के कहने पर प्रभु श्रीराम ने रावण की नाभि पर बाण मारा। रावण वध के दौरान दशहरा स्थल पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस, पीएसी व होमगार्ड के जवान तथा रामलीला व दुर्गा पूजा समिति के सुरक्षा सहायक मौजूद रहे।
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