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Shravasti News: खतरे के निशान को चूम कर शांत हुई राप्ती

Tue, 01 Jul 2025 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Tue, 01 Jul 2025 12:52 AM IST
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Rapti became calm after kissing the danger mark
सिसवारा घाट पुल के अप्रोच को कटान से बचाने के लिए डाली जा रही ईंट।
श्रावस्ती। जिले में भले ही किसान बारिश की आस में आसमान निहार रहे हों, लेकिन नेपाल सहित पहाड़ों पर होने वाली बारिश से सोमवार को राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। इससे कछार के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा। हालांकि नदी के स्थिर हो जाने से बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया, लेकिन नदी गिलौला स्थित सिसवारा घाट पुल के अप्रोच पर कटान कर रही है। इसे बचाने के लिए ईंट के रोड़े बोरी में भरकर डाले जा रहे हैं।
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नेपाल सहित पहाड़ों पर होने वाली बारिश के कारण राप्ती नदी का जलस्तर रविवार रात 10 बजे से अचानक बढ़ने लगा। जमुनहा के राप्ती बैराज पर 126.50 सेंटीमीटर रहा नदी का जलस्तर रात दो बजे बढ़कर खतरे के निशान 127.70 सेंटीमीटर के करीब पहुंच गया। यहां नदी का जलस्तर रात दो बजे से सोमवार शाम तीन बजे तक 127.65 सेंटीमीटर पर स्थिर रहा। इस दौरान नेपाल के कुसुम से राप्ती में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बैराज पर शाम तीन बजे नदी का जलस्तर पांच सेंटीमीटर घटने के बाद कछारवासियों ने राहत की सांस ली। अचानक बढ़े व घटे जलस्तर के कारण राप्ती नदी अपने तट पर कटान करने लगी है। इसकी चपेट में आने से गिलौला के सिसवारा घाट पुल का अप्रोच कटने लगा है। पुल निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था राज्य सेतु निगम के सुपरवाइजर प्रमोद कुमार ने बताया कि अप्रोच को कटने से बचाने के लिए ईंट के रोड़े बोरी में भर कर डाले जा रहे हैं।
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