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लगातार बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या, हो रही मौत
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श्रावस्ती। वैश्विक महामारी कोरोना जिले में विकराल रूप धारण कर चुकी है। इसकी चपेट में आने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि सैकड़ों ग्रसित हैं। इस महामारी ने कोरोना वॉरियर्स को भी अपनी चपेट में ले रखा है। इसे रोकने के लिए वीकेंड लाकडाउन सहित मास्क व सामाजिक दूरी अनिवार्य की गई है।
इसके बावजूद न तो लोग इसके प्रति गंभीर दिख रहे हैं। और न ही कोरोना प्रोटोकॉल का कहीं अनुपालन होता दिखाई दे रहा है। प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सिमटी हुई है जिसके चलते कोरोना का संकमण एक के बाद एक को अपनी चपेट में ले रहा है।
कोविड 19 ने दुनिया को अपनी चपेट में ले रखा है जिसने विकास व अर्थव्यवस्था पर गहरा चोट किया है। देश व प्रदेश ही नहीं जिले में भी औसतन प्रतिदिन पांच से दस लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। इसमें चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी व आमजन सहित वर्तमान व पूर्व विधायक शामिल हैं। जबकि अब तक जिले में कोराना से ग्यारह लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद लोग इससे सबक लेने को तैयार नहीं हैं।
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जिले में कोई भी तहसील, ब्लाक व बाजार अछूता नहीं है जहां दस पांच लोग कोरोना संक्रमित न हो। जिले की सभी बाजारों को कंटेनमेंट जोन व हाटस्पाट बनाया गया है। जहां सामाजिक दूरी के साथ ही मास्क की अनिवार्यता की गई है। इतना ही नहीं यहां अनावश्यक लोगों का आवागमन भी प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद लोग इसके प्रति कितने गंभीर हैं। यह बताने के लिए यह तस्वीरें पर्याप्त हैं। यह सभी तस्वीर मुख्यालय भिनगा के ईदगाह तिराहा से अस्पताल चौराहे के मध्य नई बाजार का है। जहां एक किलोमीटर की दूरी छह स्थान कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।
इसके बावजूद यहां लोगों को बेखौफ बगैर मास्क आते जाते देखा जा सकता है। इन्हें न तो खुद की चिंता है और न ही अपने परिवार की। लोगों की लापरवाही कोरोना के संक्रमण को फैलाने में घटक बन सकती है। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही जिले के आला अधिकारी। यही कारण है कि नगर तो नगर ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की चेन तोडने के लिए जिले में यह घोषणा कराई गई थी कि कोई भी दुकानदार बगैर मास्क न तो दुकान पर बैठेगा और न ही किसी ग्राहक को सामान ही देगा। दुकान पर सैनेटाइजर को अनिवार्य करते हुए सामाजिक दूरी का पालन करने का निर्देश दिया गया था। जिसका जिले में अनुपालन होता नहीं दिख रहा है।
चौक चौराहों पर तैनात पुलिस व राजस्व कर्मी सिर्फ कागजी कोरम पूरा कर रहे हैं। इससे तहसील परिसर भी अछूता नहीं है। जहां अधिवक्ता सहित मुंशी व वादकारी नियमों की अनदेखी करते नजर आ रहे हैं। तहसीलों में अवकाश के दिन भी अनावश्यक रूप से मुंशी आदि को देखा जा सकता है।
अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे ने बताया कि बगैर मास्क टहलने वालों पर कार्रवाई के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही जो लोग कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रहे हैं। उनसे जुर्माना भी वसूल किया जा रहा है।
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इसके बावजूद न तो लोग इसके प्रति गंभीर दिख रहे हैं। और न ही कोरोना प्रोटोकॉल का कहीं अनुपालन होता दिखाई दे रहा है। प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक ही सिमटी हुई है जिसके चलते कोरोना का संकमण एक के बाद एक को अपनी चपेट में ले रहा है।
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कोविड 19 ने दुनिया को अपनी चपेट में ले रखा है जिसने विकास व अर्थव्यवस्था पर गहरा चोट किया है। देश व प्रदेश ही नहीं जिले में भी औसतन प्रतिदिन पांच से दस लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। इसमें चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस, अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी व आमजन सहित वर्तमान व पूर्व विधायक शामिल हैं। जबकि अब तक जिले में कोराना से ग्यारह लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद लोग इससे सबक लेने को तैयार नहीं हैं।
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जिले में कोई भी तहसील, ब्लाक व बाजार अछूता नहीं है जहां दस पांच लोग कोरोना संक्रमित न हो। जिले की सभी बाजारों को कंटेनमेंट जोन व हाटस्पाट बनाया गया है। जहां सामाजिक दूरी के साथ ही मास्क की अनिवार्यता की गई है। इतना ही नहीं यहां अनावश्यक लोगों का आवागमन भी प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद लोग इसके प्रति कितने गंभीर हैं। यह बताने के लिए यह तस्वीरें पर्याप्त हैं। यह सभी तस्वीर मुख्यालय भिनगा के ईदगाह तिराहा से अस्पताल चौराहे के मध्य नई बाजार का है। जहां एक किलोमीटर की दूरी छह स्थान कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।
इसके बावजूद यहां लोगों को बेखौफ बगैर मास्क आते जाते देखा जा सकता है। इन्हें न तो खुद की चिंता है और न ही अपने परिवार की। लोगों की लापरवाही कोरोना के संक्रमण को फैलाने में घटक बन सकती है। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही जिले के आला अधिकारी। यही कारण है कि नगर तो नगर ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की चेन तोडने के लिए जिले में यह घोषणा कराई गई थी कि कोई भी दुकानदार बगैर मास्क न तो दुकान पर बैठेगा और न ही किसी ग्राहक को सामान ही देगा। दुकान पर सैनेटाइजर को अनिवार्य करते हुए सामाजिक दूरी का पालन करने का निर्देश दिया गया था। जिसका जिले में अनुपालन होता नहीं दिख रहा है।
चौक चौराहों पर तैनात पुलिस व राजस्व कर्मी सिर्फ कागजी कोरम पूरा कर रहे हैं। इससे तहसील परिसर भी अछूता नहीं है। जहां अधिवक्ता सहित मुंशी व वादकारी नियमों की अनदेखी करते नजर आ रहे हैं। तहसीलों में अवकाश के दिन भी अनावश्यक रूप से मुंशी आदि को देखा जा सकता है।
अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे ने बताया कि बगैर मास्क टहलने वालों पर कार्रवाई के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही जो लोग कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रहे हैं। उनसे जुर्माना भी वसूल किया जा रहा है।