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भाइयों की कलाई पर आज बधेगी राखी

Sun, 02 Aug 2020 10:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2020 10:15 PM IST
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Rakhi will be extended on brothers wrist today
श्रावस्ती। रक्षाबंधन का पर्व सोमवार को मनाया जाएगा। इसकी तैयारियों के लिए रविवार को भिनगा सहित जिले के अन्य बाजारों में राखी व मिठाई की दुकानें खुली रही। वहीं दिन भर मिठाई व राखी की दुकानों पर भीड़ लगी रही। बसों का संचालन बंद होने के कारण लोगों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। लॉकडाउन के कारण कुछ बहनों ने सोमवार सुबह ही भाइयों के घर रवाना होने की बात कही।
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कोरोना के कारण त्योहारों के रंग भी फीके पड़ गए है। इस समय त्योहार मनाने की केवल औपचारिकता ही निभाई जा रही है। वहीं रक्षा बंधन पर्व पर सरकार की ओर से बहनों को छूट दी गई है। साप्ताहिक लॉकडाउन होने के बाद भी रविवार को भिनगा नगर सहित अन्य बाजारों में राखी व मिठाई की दुकानें खुली रहीं। इसके चलते बाजारों में आवागमन तो कम रहा, लेकिन इन दुकानों पर चहल पहल देखी गई।
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लॉकडाउन के दौरान महिलाओं को राखी व मिठाई तो मिल गई, लेकिन भाई के घर जाने की सुविधा नहीं मिल पाई। साप्ताहिक लॉकडाउन के चलते बसों का संचालन बंद है। इसके चलते बहनें अपने भाइयों के घर नहीं पहुंच पा रही है।
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नहीं दिखी पुरानी रौनक
रक्षाबंधन पर पिछले वर्ष चाहे भिनगा बाजार रहा हो या फिर इकौना, गिलौला, जमुनहा व सरसिया सभी बाजारों के फुटपाथ की पटरियों पर छोटे छोटे राखी के स्टाल लग जाते थे। अमूमन इन स्टालों पर सबसे सस्ता एक रुपये का रेशम का धागा उपलब्ध रहता था। फुटपाथ पर स्थानीय बच्चे दुकान रख कर त्योहार में कुछ पैसा एकत्र कर लेते थे। इस बार त्योहार में ऐसा नहीं दिखाई पड़ रहा है।
सराफा बाजार रहा ठंडा
रक्षा बंधन में सराफा बाजार में भी पिछले वर्ष तक रौनक रहती थी। कुछ बहने अपने भाइयों के लिए चांदी की राखी खरीदती थी, तो कुछ भाई बहनों को उपहार में देने के लिए सोने वा चांदी के सामान खरीदते थें। लेकिन इस बार यह दुकानें पूरी तरह से बंद है।
लौट आई पुरानी परंपरा
रक्षा बंधन में इस वर्ष पुरानी परंपराएं लौट आई। बाजारों से चाइनीज राखी गायब होने के साथ ही पहले परंपरागत चलने वाले गजरा व फुलरा देखने को मिल रही है। इसे स्थानीय लोग ही बनाते थे।

आवागमन में भी मिलनी चाहिए थी छूट
कोरोना के कारण हो रहे साप्ताहिक लॉॅकडाउन में मिठाई व राखी खरीद में मिली छूट सराहनीय है, लेकिन इसके साथ ही आवागमन में भी छूट मिलनी चाहिए थी, ताकि हम लोग अपने गंतव्य पर पहुंच सके। यह कहना है रानी पांडे का। वही अनीता व गिरजा देवी कहती है साप्ताहिक लॉकडाउन में छूट न मिलने के कारण अब हम लोगों को सोमवार सुबह ही अपने भाइयों के घर जाना पड़ेगा।
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