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बारिश ने बढ़ाई मुश्किल, सर्द हवा से कांपे लोग

Fri, 17 Jan 2020 10:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jan 2020 10:42 PM IST
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Rain has made it difficult, people shiver with cold air
बरसात होने से भिनगा के निकट खेतों में भरा पानी। - फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। शीत लहर का सितम झेल रहे तराई वासियों पर अब माघ मास की बरसात कहर बरपा रही है। दो दिन में रुक रुक कर हुई बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जगह जगह कीचड़ व जलभराव ने जहां लोगों को परेशानी में डाल दिया, वहीं बारिश फसलों में जहर घोल रही हैं। जिले का न्यूनतम पारा ढाई डिग्री पर स्थिर रहने से लोगों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं।
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तराई में माघ के बादल छटने का नाम नहीं ले रहे हैं। बुधवार की देर रात से शुरू हुई रिमझिम बरसात रुक रुक कर शुक्रवार को भी जारी रही। लगातार हो रही इस बरसात के कारण जगह जगह कीचड़ व जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। इससे लोगों का राह चलना दूभर हो गया। कई स्थानों पर जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल रहा। बरसात के बीच चलने वाली सर्द हवाओं के कारण शुक्र्रवार को जिले का तापमान ढाई डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा।
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वहीं यह बरसात दलहनी व तिलहनी फसलों में भी जहर घोल रही है। इससे उनके बर्बाद होने का खतरा काफी बढ़ गया है। सब्जियों पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इस संबंध में फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के मौसम विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. एमबी सिंह ने बताया कि शनिवार से मौसम साफ हो सकता है। इसके बाद भी ठंड बरकरार रहेगी।
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ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी लोगों की मुश्किलें
जिले में विगत 36 घंटे से रुक रुक कर हो रही इस बरसात से ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लगातार बरसात के कारण जहां पशु पालकों के सामने अपने मवेशियों के लिए हरे चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। वहीं मवेशियों को सूखे स्थान पर बांधने की मुश्किल भी बढ़ी है। वहीं भोजन पकाने व अलाव जलाने के लिए रखी लकड़ियां व उपले भीग जाने के कारण लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। हर तरफ कीचड़ व जलभराव की समस्या से जूझ रहे लोगों के घरों की टपकती छत उनकी मुश्किल बढ़ा रही है।
क्षतिग्रस्त मार्ग बढ़ा रहे परेशानी
भिनगा नगर के खैरीमोड़ सहित भिनगा परसा मार्ग, प्राथमिक विद्यालय टंड़वा, बनकटवा, लोनियनपुरवा, खरगौरा मोड़ सेमरी मार्ग, भिनगा सेमरी मार्ग, खलवा बाजार, पुरानी बाजार, तालबघौड़ा मार्ग, भंगहा, जमुनहा, तुलसीपुर, चिचड़ी, गिलौला कस्बा, इकौना कस्बा, कटरा सहित कई अन्य स्थानों पर क्षतिग्रस्त मार्गों पर जल भराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। इससे जहां हादसों की संभावना बढ़ गई है। वहीं मार्ग से गुजरने वाले वाहनों के चलते सड़क का गंदा पानी लोगों के घरों व दुकानों में फैल रहा है।
कहीं खिले तो कहीं मुरझाए किसानों के चेहरे
तराई में हो रही बरसात ने सिरसिया क्षेत्र के किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। असिंचित तराई क्षेत्र के किसानों की मनचाही मुराद पूरी हो गई। इस बरसात से गेहूं, गन्ना व मेंथा किसानों को अपेक्षित लाभ मिलेगा। वहीं खेतों में लगी अलसी, मसूर, अरहर, मटर, चना तोरिया आदि फसलों के लिए यह बरसात नुकसान दायक साबित होगी। तेज हवाओं के साथ हो रही बरसात से जहां मसूर, अरहर व अलसी के फूल खराब होने का खतरा बढ़ा है। वहीं लाही व सरसों की फसल को भी नुकसान हो रहा है। तेज हवाओं के कारण खेतों में सरसों व मटर की फसल गिरने व जलभराव से उनके खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
आम को होगा लाभ, सब्जियों को पहुंचेगा नुकसान
बसंत ऋतु का आगमन होने को है। ऐसे में आम के पेड़ों पर बौर आने वाले हैं। इस बरसात से जहां पेड़ों पर पड़ा पाला पूरी तरह धुल गया। वहीं बागों की सिंचाई भी हो गई है। इससे इस बार आम में अच्छे बौर आने की संभावना प्रबल हुई है। वहीं इस बरसात के कारण खेतों में लगी आलू, बैगन, लौकी, कद्दू, करेला आदि सब्जियों के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। जिससे पैदावार प्रभावित होगी। जिसका किसान को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
यात्रियों की भी बढ़ी मुश्किल
जिले की सभी तहसील व ब्लॉक मुख्यालयों से जिला मुख्यालय भिनगा सहित बहराइच के लिए प्राइवेट बसों का ही संचालन हो रहा है। भिनगा के दहाना व ईदगाह बस अड्डा, सिरसिया बाजार, लक्ष्मनपुर बाजार, ताल बघौड़ा, जमुनहा में बस अड्डे के आसपास यात्रियों को सिर छिपाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं इन प्राइवेट बस अड्डों पर कीचड़ की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। ऐसे में दैनिक यात्रियों सहित अन्य को बरसात के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
खुले रहे विद्यालय नहीं आए छात्र
जिले में विगत दो दिनों से हो रही बरसात के बावजूद निजी व परिषदीय विद्यालयों में अवकाश की घोषणा नहीं की गई। ऐसे में विद्यालय सामान्य दिनों की भांति खुल रहे हैं, लेकिन बरसात के कारण विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति नहीं देखी जा रही है। शिक्षक विद्यालय समय में स्कूल खोल कर तो बैठ रहे हैं, लेकिन अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेज रहे हैं। यही हाल उच्चतर माध्यमिक, हायर सेकेंडरी व इंटरमीडिएट कालेजों का भी रहा। जहां विद्यालय तो खुले रहे लेकिन छात्र नहीं आए।

तहसीलों में भी रहा अघोषित अवकाश
तराई में लगातार हो रही बरसात के कारण सदर तहसील भिनगा, जमुनहा व इकौना में अघोषित अवकाश जैसा माहौल देखने को मिला। जहां वादकारियों की संख्या काफी कम रही। जिसे देखते हुए न्यायालयों पर भी अघोषित अवकाश जैसा माहौल रहा। जो वादकारी अपने मामलों की पैरवी के लिए न्यायालय आए भी उनको भी सामान्य तिथि लेकर वापस लौटना पड़ा। हालांकि दीवानी न्यायालय में सामान्य दिनों की भांति मामले की सुनवाई हुई। यहां भी फरियादियों की संख्या सामान्य दिनों की अपेक्षा काफी कम देखने को मिली।
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