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नव सृजित वार्डों के विकास में रुचि नहीं ले रहा नगर पालिका
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श्रावस्ती। नगर से सटे गांवों को जोड़कर नगर पालिका परिषद बनी भिनगा के नवसृजित वार्ड के निवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहां पहले से मिल रही सुविधाएं भी अब कम कर दी गई हैं। यहां न तो आवागमन के लिए बेहतर मार्ग हैं और न ही जलनिकासी की कोई व्यवस्था ही है। गंदगी के बीच लगे हैंडपंप से जहां लोग पानी लेने को विवश हैं, वहीं गलियों में बह रहे घरों के गंदे पानी के बीच से ही लोग आमद-रफ्त करने को लाचार हैं।
सुविधा के नाम पर वार्डवासियों को तमाम दुश्वारियों के सिवाय कुछ भी मयस्सर नहीं हो रहा है। अमर उजाला ने जब मौका मुआयना किया तो लोगों का दर्द छलक पड़ा। वार्डवासियों ने दिक्कतों का निवारण न होने पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
वार्ड निवासी पंकज चौधरी का कहना है कि ग्राम पंचायत टड़वा बनकटवा का मजरा रहा मटखनवा अब नगर पालिका परिषद भिनगा का कृष्णानगर वार्ड बन चुका है। नगर में शामिल होने के बाद यहां तैनात सफाई कर्मी वापस चले गए। इसके बाद से नगर पालिका के सफाई कर्मी वार्ड की सफाई करने नहीं आते जिससे यहां गंदगी का अंबार लगा है।
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वार्ड निवासी सूर्या चौधरी का कहना है कि मटखनवा आने के लिए जलनिगम, रोडवेज बस अड्डा, परसा मार्ग स्थित ईट भट्ठा, कहारन पुरवा, टड़वा विद्यालय के निकट व लोनियनपुरवा से गुजरना पड़ता है। ग्राम प्रधान ने परसा व बस अड्डा मार्ग पर खड़ंजा लगवाया था जो इन दिनों जलभराव के चलते धंस गया है क्योंकि इनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
वार्ड निवासी कमलेश का कहना है कि पहले यहां कई हैंडपंप लगवाए गए थे जिनसे गिरने वाले पानी के निकलने का प्रबंध नहीं किया गया था। ऐसे में हैंडपंप के आसपास अब भी कीचड़ व जलभराव की समस्या बनी हुई है। वहीं कई हैंडपंपों की मरम्मत न होने के कारण वार्ड में पेयजल की समस्या है जिस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
वार्ड निवासी जनक दुलारी का कहना है कि जलनिगम से गांव तक इंटरलाकिंग कराई जा रही थी जिसे बीच में ही रोक दिया गया है। इसे गांव तक न बनवाए जाने के कारण लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं बस अड्डा जाने वाला मार्ग भी धंस गया है। इन दोनों मार्गों पर कीचड़ व जलभराव के कारण राह चलना दूभर है।
वार्ड निवासी निशा का कहना है कि गांव में न तो पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था है और न ही पानी निकलने के लिए नाली ही बनवाई गई है। सफाई कर्मियों के न आने के कारण गलियों में हमेशा कीचड़ व जलभराव बना रहता है। ऐसे में अक्सर लोग इसमें गिरकर घायल होते रहते हैं। इसकी शिकायत के बावजूद कोई सुनने वाला नहीं है।
वार्ड निवासी जगपता का कहना है कि कहने को इसे नगर का दर्जा मिला है जबकि सच्चाई यह है कि यहां पहले से मिल रहीं सुविधाएं भी छीन ली गई हैं। अब लोग बिजली, पानी व सड़क सहित मूलभूत सुविधा सहूलियतों के लिए भी तरस रहे हैं। जन प्रतिनिधि गांव का कायाकल्प करवा देने का वादा ही भूल गए। नगर से अच्छा तो गांव ही था।
एडीएम योगानंद पांडे ने बताया कि वार्ड में व्याप्त अव्यवस्था की जानकारी नहीं है। किन कारणों से सड़क निर्माण अधूरा छोड़ा गया, सफाई कर्मी क्यों नहीं जाते, इसकी जांच कराई जाएगी। इन तमाम समस्याओं के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सुविधा के नाम पर वार्डवासियों को तमाम दुश्वारियों के सिवाय कुछ भी मयस्सर नहीं हो रहा है। अमर उजाला ने जब मौका मुआयना किया तो लोगों का दर्द छलक पड़ा। वार्डवासियों ने दिक्कतों का निवारण न होने पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
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वार्ड निवासी पंकज चौधरी का कहना है कि ग्राम पंचायत टड़वा बनकटवा का मजरा रहा मटखनवा अब नगर पालिका परिषद भिनगा का कृष्णानगर वार्ड बन चुका है। नगर में शामिल होने के बाद यहां तैनात सफाई कर्मी वापस चले गए। इसके बाद से नगर पालिका के सफाई कर्मी वार्ड की सफाई करने नहीं आते जिससे यहां गंदगी का अंबार लगा है।
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वार्ड निवासी सूर्या चौधरी का कहना है कि मटखनवा आने के लिए जलनिगम, रोडवेज बस अड्डा, परसा मार्ग स्थित ईट भट्ठा, कहारन पुरवा, टड़वा विद्यालय के निकट व लोनियनपुरवा से गुजरना पड़ता है। ग्राम प्रधान ने परसा व बस अड्डा मार्ग पर खड़ंजा लगवाया था जो इन दिनों जलभराव के चलते धंस गया है क्योंकि इनकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
वार्ड निवासी कमलेश का कहना है कि पहले यहां कई हैंडपंप लगवाए गए थे जिनसे गिरने वाले पानी के निकलने का प्रबंध नहीं किया गया था। ऐसे में हैंडपंप के आसपास अब भी कीचड़ व जलभराव की समस्या बनी हुई है। वहीं कई हैंडपंपों की मरम्मत न होने के कारण वार्ड में पेयजल की समस्या है जिस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
वार्ड निवासी जनक दुलारी का कहना है कि जलनिगम से गांव तक इंटरलाकिंग कराई जा रही थी जिसे बीच में ही रोक दिया गया है। इसे गांव तक न बनवाए जाने के कारण लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं बस अड्डा जाने वाला मार्ग भी धंस गया है। इन दोनों मार्गों पर कीचड़ व जलभराव के कारण राह चलना दूभर है।
वार्ड निवासी निशा का कहना है कि गांव में न तो पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था है और न ही पानी निकलने के लिए नाली ही बनवाई गई है। सफाई कर्मियों के न आने के कारण गलियों में हमेशा कीचड़ व जलभराव बना रहता है। ऐसे में अक्सर लोग इसमें गिरकर घायल होते रहते हैं। इसकी शिकायत के बावजूद कोई सुनने वाला नहीं है।
वार्ड निवासी जगपता का कहना है कि कहने को इसे नगर का दर्जा मिला है जबकि सच्चाई यह है कि यहां पहले से मिल रहीं सुविधाएं भी छीन ली गई हैं। अब लोग बिजली, पानी व सड़क सहित मूलभूत सुविधा सहूलियतों के लिए भी तरस रहे हैं। जन प्रतिनिधि गांव का कायाकल्प करवा देने का वादा ही भूल गए। नगर से अच्छा तो गांव ही था।
एडीएम योगानंद पांडे ने बताया कि वार्ड में व्याप्त अव्यवस्था की जानकारी नहीं है। किन कारणों से सड़क निर्माण अधूरा छोड़ा गया, सफाई कर्मी क्यों नहीं जाते, इसकी जांच कराई जाएगी। इन तमाम समस्याओं के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।