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उजड़ रहे परिवारों को बचाने में पुलिस पड़ी सुस्त
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श्रावस्ती। जिंदगी में छोटी-छोटी बातों पर गृहस्थ जीवन में जहर घुल जाता है। सोशल मीडिया का बढ़ता दायरा और घर में फोन पर सिमटता संसार। इन्हीं की वजह से जरा-जरा सी बातें बड़ी फजीहत का रूप धारण कर रही हैं। बातचीत बंद होने के बाद बढ़ता हुआ शक का घेरा। इस सब का हश्र यह है कि घर के झगड़े दहलीज लांघकर थाने पहुंच रहे हैं। ऐसे मामलों को अभी तक पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में सुलझाया जाता था। अब धीरे धीरे यह व्यवस्था शिथिल पड़ गई। जिन पीड़ितों के मामले यहां लंबित है, वह न्याय के लिए भटक रहे है।
टूट रह रिश्तों को बिखेरने से बचाने के लिए वर्ष 2019 में पुलिस परामर्श केंद्र की स्थापना की गई थी। यहां पूरे जिले से टूट रहे परिवारों के मामले सामने आने लगे। धीरे धीरे यहां अधिकारियों ने रुचि दिखाई तो काउंसलरों ने टूटते परिवार की डोर को पुन: जोड़ने का काम किया। सितंबर 2021 तक जिले में 779 परिवारों को टूटने से बचा लिया गया। इसके बाद भी यह क्रम कुछ धीरे धीरे चलता रहा।
प्रत्येक रविवार को टूटने के कगार पर पहुंच चुके परिवारों को एक मंच मिलता रहा। अधिकारियों ने भी ऐसे फरियादियों को सुन कर इस केंद्र पर भेजना प्रारंभ कर दिया, ताकि मुकदमेबाजी से पहले वह अपने टूटते संबंधों को बचा सके। धीरे धीरे यहां मामले ज्यादा हो गए, लेकिन अधिकारियों की रुचि कम होती चली गई। अब स्थिति यह है कि पीड़ित समय पर आ जाते है, लेकिन विपक्षी आते ही नहीं। जबकि विपक्षी को केंद्र भेजने की जिम्मेदारी थाना प्रभारियों को दी गई थी। ऐसे में कई नोटिसों के बाद भी विपक्षी के न आने से पीड़िताओं के हौसले पस्त होते जा रहे है।
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पारिवारिक विवादों के निस्तारण में परामर्श केंद्र की भूमिका
थाना 2019 2020 2021
भिनगा कोतवाली 00 03 10
इकौना 21 18 10
गिलौला 01 06 10
सोनवा 03 04 02
सिरसिया 11 18 09
मल्हीपुर 04 05 11
महिला थाना 227 121 111
नवीन मार्डन थाना 00 00 05
परिवार परामर्श केंद्र 84 65 20
कुल 351 240 188
नोट - (आंकडे़ सितंबर 2021 तक हैं। सभी मामलों में पति पत्नी विवाद समाप्त कर वह एक साथ रहने को राजी हुए।)
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टूट रह रिश्तों को बिखेरने से बचाने के लिए वर्ष 2019 में पुलिस परामर्श केंद्र की स्थापना की गई थी। यहां पूरे जिले से टूट रहे परिवारों के मामले सामने आने लगे। धीरे धीरे यहां अधिकारियों ने रुचि दिखाई तो काउंसलरों ने टूटते परिवार की डोर को पुन: जोड़ने का काम किया। सितंबर 2021 तक जिले में 779 परिवारों को टूटने से बचा लिया गया। इसके बाद भी यह क्रम कुछ धीरे धीरे चलता रहा।
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प्रत्येक रविवार को टूटने के कगार पर पहुंच चुके परिवारों को एक मंच मिलता रहा। अधिकारियों ने भी ऐसे फरियादियों को सुन कर इस केंद्र पर भेजना प्रारंभ कर दिया, ताकि मुकदमेबाजी से पहले वह अपने टूटते संबंधों को बचा सके। धीरे धीरे यहां मामले ज्यादा हो गए, लेकिन अधिकारियों की रुचि कम होती चली गई। अब स्थिति यह है कि पीड़ित समय पर आ जाते है, लेकिन विपक्षी आते ही नहीं। जबकि विपक्षी को केंद्र भेजने की जिम्मेदारी थाना प्रभारियों को दी गई थी। ऐसे में कई नोटिसों के बाद भी विपक्षी के न आने से पीड़िताओं के हौसले पस्त होते जा रहे है।
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पारिवारिक विवादों के निस्तारण में परामर्श केंद्र की भूमिका
थाना 2019 2020 2021
भिनगा कोतवाली 00 03 10
इकौना 21 18 10
गिलौला 01 06 10
सोनवा 03 04 02
सिरसिया 11 18 09
मल्हीपुर 04 05 11
महिला थाना 227 121 111
नवीन मार्डन थाना 00 00 05
परिवार परामर्श केंद्र 84 65 20
कुल 351 240 188
नोट - (आंकडे़ सितंबर 2021 तक हैं। सभी मामलों में पति पत्नी विवाद समाप्त कर वह एक साथ रहने को राजी हुए।)