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पुलिस व प्रशासन ने गरीबों की मदद को बढ़ाया हाथ

Sat, 28 Mar 2020 09:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2020 09:21 PM IST
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Police and administration extended help to the poor
श्रावस्ती में जरूरतमंद को खाद्यान्न् सामग्री देते पीआरवी कर्मी। - फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। पुलिस का चेहरा अभी तक लोगों ने उत्पीड़न व वसूली तक के लिए ही जाना था। लेकिन इस संकट की घड़ी में जिले में सभी स्वयं सेवी संस्थाएं व अन्य लोग चुप बैठे हैं। वहीं पुलिस जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रही है। लगभग प्रतिदिन ही गरीबों के फोन पर पुलिस नि:शुल्क उनके घरों तक राशन पहुंचा रही है। फोन करने वाले वह लोग हैं जो दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। काम न मिलने के कारण घरों के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। किसी के बच्चे भूख से रो रहे हैं तो किसी की गर्भवती पत्नी की हालत भूख से खराब है।
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बदला निवासी मोबिन जो दिहाड़ी मजदूर है। कई दिनों से उसे काम नहीं मिला था। जो अनाज था, उसे धीरे-धीरे खाकर खत्म कर दिया। शनिवार को सुबह बच्चे भूख से बिलखने लगे। लेकिन घर में बनाने के लिए कुछ भी नहीं था। पड़ोसी की सलाह पर मोबीन ने बदला चौकी प्रभारी किसलय मिश्रा को फोन पर घर में ख्,ाने के लिए कुछ न होने की सूचना दी थी। इस सूचना के कुछ देर बाद चौकी प्रभारी ने मोबीन के घर जाकर चावल, सब्जी, तेल, आटा व अन्य सामान कई दिनों के लिए उपलब्ध कराया।
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गर्भवती महिला के परिवार को दी खाद्य सामग्री
पंकज कुमार गुप्ता निवासी गौशपुर थाना सोनवा की पत्नी गर्भवती है। वह भी रोजमर्रा काम करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा था। लगातार कई दिनों से बंदी के कारण उसके घर में खाने के लिए कुछ नहीं बचा। इस पर उसने डायल 112 पर फोन करके मदद की गुहार लगाई थी। उसने पीआरवी 1943 पर तैनात कर्मचारी हेड कांस्टेबल राजकुमार व कांस्टेबल शरद गुप्ता को सूचना दी कि भूख से उसके परिवार की हालत खराब है। इस सूचना के बाद दोनों पुलिस कर्मी व चालक बशीर अहमद मौके पर पहुंच कर पंकज को वहीं दुकान से खाद्य सामग्री चावल, आटा, दाल, दूध, बिस्किट, मसाला आदि खरीदकर दिया। इसके साथ उसे कुछ नगद भी दी, ताकि वह अपनी गर्भवती पत्नी का ध्यान रखे।
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एमपी के लोगों की एसडीएम ने की मदद
एसडीएम जमुनहा को कुछ लोगों ने फोन करके बताया कि 40 लोग मध्य प्रदेश के सागर जिला निवासी यहां काम के सिलसिले में आए थे। अचानक बंदी होने के बाद सभी फंस गए हैं। उनके पास कुछ भी खाने के लिए नहीं है। यह लोग कई दिनों से बिना खाए हुए ही पड़े हैं। इस सूचना पर एसडीएम जमुनहा आरपी चौधरी पहुंचे। जहां कोटेदार अर्जुन लाल वर्मा के यहां से राशन मंगवा कर सभी 40 लोगों में वितरित किया। साथ ही उनकी कोरोना की जांच कराई, जिसमें निगेटिव पाए गए।

दो दिन भूखे पड़े रहे, फिर पैदल ही घर को चल पड़े
लखीमपुर निवासी घुमंतू परिवार के सफी अपनी बहन रिहाना, बेटे नफीस, मुजना सहित चार छोटे बच्चे हाशमी, शबनम, अरबिया व अकरम के साथ तहसील इकौना के पीछे ग्राम खांवा पोखर में रहकर यहां कपड़ा बेचने का काम करते थे। गांव में कई दिनों तक रहे। दो दिन पहले इनके पास जमा अनाज व अन्य खाने की वस्तुएं समाप्त हो गईं। इसी के बाद भूखे व प्यासे इन लोगों ने पैदल ही अपने घर लखीमपुर जाने का फैसला किया। शुक्रवार को सभी बौद्ध परिपथ से होते हुए निकले थे कि मोहनीपुर तिराहे के पास वहां मौजूद मीडिया कर्मियों को अपनी आप बीती सुनाने लगे। इसी बीच डीएम यशु रुस्तगी व एसपी अनूप सिंह मौके पर पहुंच गए। इन घुमंतू की आप बीती सुन कर डीएम ने उन्हें 14 अप्रैल तक राशन दिलवाने की बात कहकर यही रहने का आश्वस्त किया। लेकिन घुमंतू परिवार यहां रहने के लिए तैयार नही हुए। सभी परिवार इतने भयभीत थे कि वह किसी भी हाल में अपने घर जाना चाहते थे। इस पर डीएम ने एसडीएम को सभी घुमंतू को तत्काल भोजन उपलब्ध कराने व उन्हें पीआरवी वाहन से बहराइच सीमा तक भेजवाया।
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