{"_id":"5e7785ee8ebc3e774d53a482","slug":"people-did-not-come-out-of-the-houses-there-was-silence-on-the-markets-and-streets-srawasti-news-lko5148903104","type":"story","status":"publish","title_hn":"घरों से बाहर नहीं निकले लोग, बाजारों व सड़कों पर रहा सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घरों से बाहर नहीं निकले लोग, बाजारों व सड़कों पर रहा सन्नाटा
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जनता कर्फ्यू पर बंद रही भिनगा की बाजार।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। जनता कर्फ्यू के रूप में कोरोना वायरस को दूर भगाने के लिए लोगों का संकल्प रविवार को साफ दिखाई पड़ा। सभी वर्ग, समुदाय के लोगों ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री के आह्वान का पालन किया। इसे लेकर सभी लोग घरों में खुद ही कैद रहे। शहर, कस्बा, गांव व गली के साथ ही भारत नेपाल सीमा पर भी सन्नाटा रहा। वहीं आवश्यक सेवाओं में लगे लोग अपने कर्तव्यों का पालन करते दिखे। पुलिस सड़क पर गश्त कर रही थी तो अस्पताल में चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ मरीजों की सेवा में लगा रहा। आम लोगों ने इस जनता कर्फ्यू में अपने लिए कई काम निकाल रखे थे। कुछ लोगों को वर्षों बाद परिवार के साथ विचार साझा करने का मौका मिला तो कुछ लोगों ने टीवी देख, लूडो खेल या फिर घर की साफ सफाई करके अपना दिन बिताया। हर लोग इस मुहिम को खुले दिल से स्वीकार करते दिखे।
जनता कर्फ्यू के दौरान यह पहला अवसर देखने को मिला, जब प्रशासन के बिना किसी दबाव के लोगों ने प्रधानमंत्री के आह्वान पर खुद को घरों में बंद कर लिया। भिनगा बाजार में कलेक्ट्रेट रोड हो या फिर दहाना, ईदगाह से सीएचसी, पुरानी बाजार, पानी टंकी या इस नगर पालिका के पच्चीस वार्ड कहीं भी लोग सड़कों व गलियों पर नहीं दिखाई पड़े। यह पहला अवसर देखने को मिला, जब गलियों में भी बच्चों के खेलने की आवाज सुनाई नहीं दे रही थी। सभी वर्ग अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए दिखाई पड़े। इस दौरान पूरे दिन सड़कों और बाजारों मेें सन्नाटा पसरा दिखा।
सीमांत क्षेत्र व गांवों में भी दिखा जनता कर्फ्यू का असर
जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि भारत नेपाल सीमा के साथ ही श्रावस्ती बलरामपुर व जमुनहा बहराइच सीमा पर इस जनता कर्फ्यू का असर दिखा। भारत नेपाल सीमा पर बसे जमुनहा व तुलसीपुर बाजार में पूरी तरीके से सन्नाटा रहा। केवल पुलिस की गाड़ियां ही दिखाई दे रही थीं। जबकि जमुनहा बहराइच मार्ग को बैरीकेड लगाकर बंद किया गया था। इकौना नगर में भी इसका असर रहा। पूरे नगर में शत प्रतिशत सन्नाटा के साथ बलरामपुर श्रावस्ती बार्डर पर विशेष चौकसी की व्यवस्था थी। वैसे तो यहां सन्नाटा देखने को मिला, लेकिन कुछ यात्री जो बलरापुर रेलवे स्टेशन पर रात में उतरे थे, वह घरों को जाते दिखे। उनकी सीमा पर थर्मल जांच हुई। इसके बाद उन्हें घर जाने को मिला।
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सब्जी मंडी में भी रहा सन्नाटा
जनता कर्फ्यू का असर सब्जी मंडी पर भी देखने को मिला। यहां शनिवार से ही बाहर मंडी से आने वाले ट्रक को अनलोड करने के लिए मजदूर ही नहीं मिले, जिसके चलते ट्रक मंडी में ही खड़े रहे। वहीं स्थानीय किसान भी अपना उपज लेकर नहीं आए, जिसके चलते मंडी में सन्नाटा रहा।
बच्चों को दिया पूरा समय
इकौना की वरिष्ठ शिक्षिका आशा पांडेय ने अपने पोते, बहू व पति के साथ लूडो खेलते हुए अपने दिन को व्यतीत करने की पहल की। उनका कहना था कि यह पहला अवसर है, जब किसी राष्ट्रीय आह्वान पर वह घर में हैं। इस दिन को यादगार बनाने के लिए परिवार के सभी लोग एक साथ खेल रहे हैं।
टीवी देख कर बिताया समय
इकौना के व्यापारी जितेंद्र कंठरा अमूमन तो सुबह घर से निकल जाते हैं। दिनभर की भागदौड़, देर शाम को आना इस दौरान बच्चों को केवल औपचारिक समय ही दे पाते थे। लेकिन जनता कर्फ्यू के कारण आज सुबह से ही बच्चों के साथ हैं। उनका कहना है कि दिन की शुरुआत सुस्ती भरी रही। दस बजे तक तो दैनिक दिनचर्या ही बीती। इसी के बाद बच्चों के साथ टीवी देखने बैठ गया। उन्होंने कहा कि आज पूरा दिन बच्चों व परिवार को दिया है।
वर्षों बाद मिला परिवार के लिए बेहतर समय
भिनगा नगर निवासी मौलाना गुल मोहम्मद बहराइच के मदरसे में शिक्षक हैं। इसके साथ ही उन पर मस्जिद की अगुवाई की जिम्मेदारी है। अमूमन दिनों में उनके दिन की शुरूआत तैयार होकर बहराइच के लिए निकलना होता है। वहां मदरसे में पढ़ाने के बाद घर की वापसी। इसके बाद घर के काम। इसके साथ ही भिनगा के ईदगाह का पेशे इमाम होने के कारण कई अन्य धार्मिक जिम्मेदारी है। जिसके चलते पूरा दिन बाहर ही निकल जाता है। जनता कर्फ्यू के कारण वह वर्षों के बाद आज पहली बार पूरे दिन घर में हैं। इस दौरान घर के अन्य बुजुर्ग व बच्चों के साथ बैठ कर अपना समय लंबी चर्चा में बिताया।
बच्चों के साथ दिनभर देखा टीवी
भिनगा के सर्राफा व्यापारी दिनेश सोनी को रोजमर्रा जीवनचर्या कठिन है। सुबह नौ बजे तक दुकान जाना, देर शाम लौटना। जिसके चलते परिवार को दिन में समय नहीं दे पाते थे। लेकिन रविवार को पूरा दिन रह कर बच्चों के साथ टीवी देखे। वह इस राष्ट्रीय आह्वान का समर्थन तो करते हैं साथ ही आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों को धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।
परिवारीजनों के साथ की चर्चा
भिनगा के ईंट उद्योग व्यवसायी हरिशचंद्र गुप्त उर्फ मिठाईलाल अमूमन सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक बाहर रहते हैं। उनके सभी बच्चे व्यवसाय में लगे हैं। जिसके चलते सभी घर से निकल कर देर शाम लौटते हैं। कम ही समय मिलता है जब सभी एक साथ मिलते हों। रविवार को जनता कर्फ्यू का आह्वान का समर्थन करते हुए घर पर रहे। इस दौरान सभी बेटों के व्यवसाय में क्या हो रहा है। इसकी जानकारी ली और कुछ सुझाव दिए। ताकि उनका व्यवसाय तो ठीक चले और उनका जीवन भी ठीक से चले।
एएसपी ने किया भिनगा इकौना व गिलौला बाजार का निरीक्षण
जनता कर्फ्यू के दौरान एएसपी बीसी दुबे ने भिनगा में ईदगाह से मुख्य बाजार के साथ इकौना व गिलौला बाजार का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को घरों में रहने की सलाह दी। इसके साथ ही उन्होंने बलरामपुर श्रावस्ती बार्डर पर लगाए गए चेक पोस्ट की व्यवस्था भी जांची। जहां तैनात पुलिस व चिकितीय टीम यदाकदा आने जाने वाले लोगों की थर्मल जांच कर जाने की अनुमति दे रही थी।
भारत नेपाल सीमा भी रही सीज
जनता कर्फ्यू का असर भारत नेपाल सीमा पर भी देखने को मिला। सीमा क्षेत्र जमुनहा में एसएसबी 42वीं वाहिनी की ई कंपनी बीओपी जमुनहा के सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह नेपाल की ओर जाने वाले रास्ते पर जमे हुए दिखाई दिए। जबकि भारत नेपाल को जोड़ने वाली राप्ती नदी के ककरदरी घाट पर जहां प्रतिदिन नदी पार करने वालों का जमावड़ा लगा रहता था। वहां पूर्ण रूप से सन्नाटा था। लोगों को राप्ती पार कराने वाली नाव नदी में अकेले तैर रही थी। जबकि नोमेंस लैंड के पारंपरिक रास्ते सूने पड़े थे।
बाहर से आए लोगों को पुलिस ने रोका, जांच के बाद छोड़ा
इकौना के कुछ लोग मुंबई गए थे। वहां से शनिवार रात लखनऊ में ट्रेन से उतरे थे। लखनऊ से एक स्कार्पियो से सभी पंद्रह लोग बैठ कर इकौना आ रहे थे। रास्ते में कटरा पुलिस चौकी के पास एएसपी ने सभी को रोक लिया। सभी लोगों की थर्मल जांच के साथ ही अन्य चिकित्सीय परीक्षण करने के लिए भेजा गया है। परीक्षण में निगेटिव पाए जाने पर इन्हें घर भेजा जाएगा। जबकि भिनगा में कुछ मजदूर लखनऊ से देर रात आए थ। वह सुबह घर जा रहे थे। जिन्हें पुलिस ने रोक कर उनकी जांच के बाद उन्हें घर जाने को छोड़ा गया है। ऐसे ही भिनगा संयुक्त जिला चिकित्सालय में पचास अन्य लोगों की जांच की गई है। यह सभी लोग शनिवार देर रात व रविवार तड़के मुंबई व अन्य शहरों से लौट कर आए थे। किसी भी व्यक्ति के अंदर कोरोना पाजिटिव की पुष्टि नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्तैद
कोरोना वायरस को लेकर भले ही सभी लोग भयभीत हों, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसके लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। भारत नेपाल सीमा पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर में इमरजेंसी खुली है। जिसकी देखरेख के लिए डॉ. सत्या व अधीक्षक डॉ. एसबी सिंह मौजूद रहे। वहीं इसके साथ ही नर्सिंग व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ भी मौजूद थे। लेकिन कोई भी नया मरीज नहीं आया था। जबकि संयुक्त जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में सीएमएस डॉ. विजय कुमार के साथ ही एमओ व पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद था। जहां देर रात व सुबह बाहर से आने वाले लोगों की थर्मल जांच की जा रही थी।
राष्ट्रीय आह्वान के चलते विवाह का बदल दिया समय
भिनगा नगर के मोहल्ला टंड़वा में शाहिद बक्स की बेटी का विवाह भिनगा नगर के पुरानी बाजार निवासी शब्बू खां के बेटे से होना था। विवाह का समय रविवार दोपहर मुकर्रर था। लेकिन राष्ट्रीय आह्वान के चलते उन्होंने दिन में विवाह करने के बजाए रात नौ बजे के बाद बारातियों को आमंत्रित किया। इस दौरान शाहिद बक्स ने कहा कि राष्ट्र से बढ़ा कुछ भी नहीं है।
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जनता कर्फ्यू के दौरान यह पहला अवसर देखने को मिला, जब प्रशासन के बिना किसी दबाव के लोगों ने प्रधानमंत्री के आह्वान पर खुद को घरों में बंद कर लिया। भिनगा बाजार में कलेक्ट्रेट रोड हो या फिर दहाना, ईदगाह से सीएचसी, पुरानी बाजार, पानी टंकी या इस नगर पालिका के पच्चीस वार्ड कहीं भी लोग सड़कों व गलियों पर नहीं दिखाई पड़े। यह पहला अवसर देखने को मिला, जब गलियों में भी बच्चों के खेलने की आवाज सुनाई नहीं दे रही थी। सभी वर्ग अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए दिखाई पड़े। इस दौरान पूरे दिन सड़कों और बाजारों मेें सन्नाटा पसरा दिखा।
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सीमांत क्षेत्र व गांवों में भी दिखा जनता कर्फ्यू का असर
जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि भारत नेपाल सीमा के साथ ही श्रावस्ती बलरामपुर व जमुनहा बहराइच सीमा पर इस जनता कर्फ्यू का असर दिखा। भारत नेपाल सीमा पर बसे जमुनहा व तुलसीपुर बाजार में पूरी तरीके से सन्नाटा रहा। केवल पुलिस की गाड़ियां ही दिखाई दे रही थीं। जबकि जमुनहा बहराइच मार्ग को बैरीकेड लगाकर बंद किया गया था। इकौना नगर में भी इसका असर रहा। पूरे नगर में शत प्रतिशत सन्नाटा के साथ बलरामपुर श्रावस्ती बार्डर पर विशेष चौकसी की व्यवस्था थी। वैसे तो यहां सन्नाटा देखने को मिला, लेकिन कुछ यात्री जो बलरापुर रेलवे स्टेशन पर रात में उतरे थे, वह घरों को जाते दिखे। उनकी सीमा पर थर्मल जांच हुई। इसके बाद उन्हें घर जाने को मिला।
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सब्जी मंडी में भी रहा सन्नाटा
जनता कर्फ्यू का असर सब्जी मंडी पर भी देखने को मिला। यहां शनिवार से ही बाहर मंडी से आने वाले ट्रक को अनलोड करने के लिए मजदूर ही नहीं मिले, जिसके चलते ट्रक मंडी में ही खड़े रहे। वहीं स्थानीय किसान भी अपना उपज लेकर नहीं आए, जिसके चलते मंडी में सन्नाटा रहा।
बच्चों को दिया पूरा समय
इकौना की वरिष्ठ शिक्षिका आशा पांडेय ने अपने पोते, बहू व पति के साथ लूडो खेलते हुए अपने दिन को व्यतीत करने की पहल की। उनका कहना था कि यह पहला अवसर है, जब किसी राष्ट्रीय आह्वान पर वह घर में हैं। इस दिन को यादगार बनाने के लिए परिवार के सभी लोग एक साथ खेल रहे हैं।
टीवी देख कर बिताया समय
इकौना के व्यापारी जितेंद्र कंठरा अमूमन तो सुबह घर से निकल जाते हैं। दिनभर की भागदौड़, देर शाम को आना इस दौरान बच्चों को केवल औपचारिक समय ही दे पाते थे। लेकिन जनता कर्फ्यू के कारण आज सुबह से ही बच्चों के साथ हैं। उनका कहना है कि दिन की शुरुआत सुस्ती भरी रही। दस बजे तक तो दैनिक दिनचर्या ही बीती। इसी के बाद बच्चों के साथ टीवी देखने बैठ गया। उन्होंने कहा कि आज पूरा दिन बच्चों व परिवार को दिया है।
वर्षों बाद मिला परिवार के लिए बेहतर समय
भिनगा नगर निवासी मौलाना गुल मोहम्मद बहराइच के मदरसे में शिक्षक हैं। इसके साथ ही उन पर मस्जिद की अगुवाई की जिम्मेदारी है। अमूमन दिनों में उनके दिन की शुरूआत तैयार होकर बहराइच के लिए निकलना होता है। वहां मदरसे में पढ़ाने के बाद घर की वापसी। इसके बाद घर के काम। इसके साथ ही भिनगा के ईदगाह का पेशे इमाम होने के कारण कई अन्य धार्मिक जिम्मेदारी है। जिसके चलते पूरा दिन बाहर ही निकल जाता है। जनता कर्फ्यू के कारण वह वर्षों के बाद आज पहली बार पूरे दिन घर में हैं। इस दौरान घर के अन्य बुजुर्ग व बच्चों के साथ बैठ कर अपना समय लंबी चर्चा में बिताया।
बच्चों के साथ दिनभर देखा टीवी
भिनगा के सर्राफा व्यापारी दिनेश सोनी को रोजमर्रा जीवनचर्या कठिन है। सुबह नौ बजे तक दुकान जाना, देर शाम लौटना। जिसके चलते परिवार को दिन में समय नहीं दे पाते थे। लेकिन रविवार को पूरा दिन रह कर बच्चों के साथ टीवी देखे। वह इस राष्ट्रीय आह्वान का समर्थन तो करते हैं साथ ही आवश्यक सेवाओं में लगे लोगों को धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।
परिवारीजनों के साथ की चर्चा
भिनगा के ईंट उद्योग व्यवसायी हरिशचंद्र गुप्त उर्फ मिठाईलाल अमूमन सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक बाहर रहते हैं। उनके सभी बच्चे व्यवसाय में लगे हैं। जिसके चलते सभी घर से निकल कर देर शाम लौटते हैं। कम ही समय मिलता है जब सभी एक साथ मिलते हों। रविवार को जनता कर्फ्यू का आह्वान का समर्थन करते हुए घर पर रहे। इस दौरान सभी बेटों के व्यवसाय में क्या हो रहा है। इसकी जानकारी ली और कुछ सुझाव दिए। ताकि उनका व्यवसाय तो ठीक चले और उनका जीवन भी ठीक से चले।
एएसपी ने किया भिनगा इकौना व गिलौला बाजार का निरीक्षण
जनता कर्फ्यू के दौरान एएसपी बीसी दुबे ने भिनगा में ईदगाह से मुख्य बाजार के साथ इकौना व गिलौला बाजार का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को घरों में रहने की सलाह दी। इसके साथ ही उन्होंने बलरामपुर श्रावस्ती बार्डर पर लगाए गए चेक पोस्ट की व्यवस्था भी जांची। जहां तैनात पुलिस व चिकितीय टीम यदाकदा आने जाने वाले लोगों की थर्मल जांच कर जाने की अनुमति दे रही थी।
भारत नेपाल सीमा भी रही सीज
जनता कर्फ्यू का असर भारत नेपाल सीमा पर भी देखने को मिला। सीमा क्षेत्र जमुनहा में एसएसबी 42वीं वाहिनी की ई कंपनी बीओपी जमुनहा के सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह नेपाल की ओर जाने वाले रास्ते पर जमे हुए दिखाई दिए। जबकि भारत नेपाल को जोड़ने वाली राप्ती नदी के ककरदरी घाट पर जहां प्रतिदिन नदी पार करने वालों का जमावड़ा लगा रहता था। वहां पूर्ण रूप से सन्नाटा था। लोगों को राप्ती पार कराने वाली नाव नदी में अकेले तैर रही थी। जबकि नोमेंस लैंड के पारंपरिक रास्ते सूने पड़े थे।
बाहर से आए लोगों को पुलिस ने रोका, जांच के बाद छोड़ा
इकौना के कुछ लोग मुंबई गए थे। वहां से शनिवार रात लखनऊ में ट्रेन से उतरे थे। लखनऊ से एक स्कार्पियो से सभी पंद्रह लोग बैठ कर इकौना आ रहे थे। रास्ते में कटरा पुलिस चौकी के पास एएसपी ने सभी को रोक लिया। सभी लोगों की थर्मल जांच के साथ ही अन्य चिकित्सीय परीक्षण करने के लिए भेजा गया है। परीक्षण में निगेटिव पाए जाने पर इन्हें घर भेजा जाएगा। जबकि भिनगा में कुछ मजदूर लखनऊ से देर रात आए थ। वह सुबह घर जा रहे थे। जिन्हें पुलिस ने रोक कर उनकी जांच के बाद उन्हें घर जाने को छोड़ा गया है। ऐसे ही भिनगा संयुक्त जिला चिकित्सालय में पचास अन्य लोगों की जांच की गई है। यह सभी लोग शनिवार देर रात व रविवार तड़के मुंबई व अन्य शहरों से लौट कर आए थे। किसी भी व्यक्ति के अंदर कोरोना पाजिटिव की पुष्टि नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मुस्तैद
कोरोना वायरस को लेकर भले ही सभी लोग भयभीत हों, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसके लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। भारत नेपाल सीमा पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मल्हीपुर में इमरजेंसी खुली है। जिसकी देखरेख के लिए डॉ. सत्या व अधीक्षक डॉ. एसबी सिंह मौजूद रहे। वहीं इसके साथ ही नर्सिंग व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ भी मौजूद थे। लेकिन कोई भी नया मरीज नहीं आया था। जबकि संयुक्त जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी वार्ड में सीएमएस डॉ. विजय कुमार के साथ ही एमओ व पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद था। जहां देर रात व सुबह बाहर से आने वाले लोगों की थर्मल जांच की जा रही थी।
राष्ट्रीय आह्वान के चलते विवाह का बदल दिया समय
भिनगा नगर के मोहल्ला टंड़वा में शाहिद बक्स की बेटी का विवाह भिनगा नगर के पुरानी बाजार निवासी शब्बू खां के बेटे से होना था। विवाह का समय रविवार दोपहर मुकर्रर था। लेकिन राष्ट्रीय आह्वान के चलते उन्होंने दिन में विवाह करने के बजाए रात नौ बजे के बाद बारातियों को आमंत्रित किया। इस दौरान शाहिद बक्स ने कहा कि राष्ट्र से बढ़ा कुछ भी नहीं है।