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Shravasti News: पोषाहार पर संकट, आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला

Wed, 19 Nov 2025 12:37 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 12:37 AM IST
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Nutrition crisis, Anganwadi centers locked
बंद आंगनबाड़ी केंद्र हड़हवा के बाहर प्रदर्शन करती महिलाएं। - फोटो : बंद आंगनबाड़ी केंद्र हड़हवा के बाहर प्रदर्शन करती महिलाएं।
गिरंट बाजार (श्रावस्ती)। गांवों में रहने वाली किशोरियों, गर्भवती महिलाओं, धात्रियों व बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य व पोषण के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की तैनाती है। बच्चाें को पढ़ाने के साथ उनके पोषण के लिए हर माह पोषाहार देने की व्यवस्था है। इसमें दलिया, चने की दाल, घी आदि शामिल है, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र विभागीय हुक्मरानों की उदासीनता की भेंट चढ़ रहे हैं। आलम ये है कि कई केंद्र जहां ताले में कैद रहते हैं वहीं बदहाली के शिकार हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पोषाहर वितरण सिर्फ कागजों पर किया जा रहा है। प्रस्तुत है गिरंट क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों की पड़ताल रिपोर्ट।
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सीन- 01, हड़व्वा
केंद्र पर ताला, तीन साल से पोषाहार न मिलने का आरोप
ग्राम पंचायत हरदत्त नगर गिरंट के मजरा हड़व्वा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की पड़ताल के दौरान यहां ताला लटकता मिला। गांव निवासी सरिता देवी, मुन्नी देवी, शांति देवी, संगीता देवी, सुमन देवी, आरती देवी, पूजा देवी, गरिमा सिंह आदि ने बताया कि कमलेश कुमारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, जो कभी नहीं आती हैं। तीन साल से पोषाहार नहीं मिला है। तीन-चार महीने पर सहायिका कभी-कभी केंद्र खोलती हैं।
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सीन- 02, डांडे कुईयां
झाड़ियों से घिरा मिला केंद्र, जर्जर हो गई छत
ग्राम पंचायत डांडे कुइयां में बना आंगनबाड़ी केंद्र झाड़ियों से घिरा दिखा। केंद्र तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध मिला। देखरेख के अभाव में आंगनबाड़ी केंद्र व उसकी छत जर्जर मिली। गांव निवासी हसीना बानो, कुसमाजहां, रुकसाना, आरती देवी, अनीता, सुषमा, रामावती आदि ने आरोप लगाया कि केंद्र से दाल, दलिया, घी आदि नहीं मिलता है। कार्यकर्ता साफिया खातून कभी गांव नहीं आती हैं।
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सीन- 03, पटपरगंज
साल में सिर्फ तीन बार मिलता है पोषाहार
ग्राम पंचायत पटपरगंज के मजरा मुलायमपुरवा में बने आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला लटकता मिला। गांव निवासी खतीजा, दिलजाना, चंद्रा आदि ने आरोप लगाते हुए बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र महीने में दो से तीन बार ही खुलता है। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मीना देवी साल में सिर्फ दो से तीन बार ही पोषाहार बांटती हैं।

सीन- 04, सिटकहना
नौ महीने पहले मिला था दलिया
ग्राम पंचायत सिटकहना में बने आंगनबाड़ी केंद्र पर भी ताला लटकता मिला। गांव निवासी राजवंती, रामदुलारी, सावित्री देवी, चंद्रावती, ललिता देवी, पूजा, जुगरती, निशा, संगीता आदि ने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनीशा देवी नौ महीने पहले आई थी और दलिया वितरित किया था। उसके बाद से केंद्र संचालन व पोषाहार नहीं मिला है।


जांच कर करेंगे कार्रवाई
आंगनबाड़ी केंद्र सिटकहना की पहले से जांच चल रही है। शेष केंद्रों का संचालन न होने व पोषाहार वितरण न होने की जानकारी नहीं है। जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विवेक कुमार शाही, सीडीपीओ
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