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Shravasti News: बेरोकटोक चल रहे बिना पंजीकरण के नर्सिंग होम
Wed, 02 Aug 2023 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Wed, 02 Aug 2023 12:14 AM IST
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श्रावस्ती। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक महज औपचारिकता है। यहां लिए फैसलों पर विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता है। नतीजन जिले में गैर पंजीकृत व मानक विहीन नर्सिंग होम व पैथोलॉजी मरीजों की जान ले रहे हैं।
लक्ष्मणपुर बाजार में संचालित एक नर्सिंग होम में मरीज की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। मरीज के परिवारीजनों के हंगामे पर पहुंची स्वास्थ्य टीम को पता चला कि नर्सिंग होम बिना पंजीकरण चल रहा है। ऐसा ही एक मामला सिरसिया का भी कुछ दिन पूर्व आया। यहां प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी। इसी प्रकार जमुनहा में भी इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई।
यह वह मामले हैं, जिन पर परिवारीजनों के दबाव में प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी। वहीं कई मामले बिना किसी कार्रवाई के दब गए।स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी के लिए गठित जिला स्वास्थ्य समिति बैठक व समीक्षा के नाम पर केवल औपचारिकता कर रही है। विगत तीन माह पूर्व डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में गैर पंजीकृत नर्सिंग होम व पैथोलॉजी के साथ ही अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच का आदेश दिया गया था।
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सोमवार देर शाम कृतिका शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में फिर एक बार यही निर्णय हुआ। यह सब तब है जब जिले में मातृ शिशु मृत्यु दर अन्य जिलों की अपेक्षा पहले से ही ज्यादा है। यहां प्रोत्साहन के बाद भी पुरुष नसबंदी की स्थिति चिंताजनक है।
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लक्ष्मणपुर बाजार में संचालित एक नर्सिंग होम में मरीज की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। मरीज के परिवारीजनों के हंगामे पर पहुंची स्वास्थ्य टीम को पता चला कि नर्सिंग होम बिना पंजीकरण चल रहा है। ऐसा ही एक मामला सिरसिया का भी कुछ दिन पूर्व आया। यहां प्रसव के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी। इसी प्रकार जमुनहा में भी इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई।
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यह वह मामले हैं, जिन पर परिवारीजनों के दबाव में प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी। वहीं कई मामले बिना किसी कार्रवाई के दब गए।स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी के लिए गठित जिला स्वास्थ्य समिति बैठक व समीक्षा के नाम पर केवल औपचारिकता कर रही है। विगत तीन माह पूर्व डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में गैर पंजीकृत नर्सिंग होम व पैथोलॉजी के साथ ही अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच का आदेश दिया गया था।
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सोमवार देर शाम कृतिका शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में फिर एक बार यही निर्णय हुआ। यह सब तब है जब जिले में मातृ शिशु मृत्यु दर अन्य जिलों की अपेक्षा पहले से ही ज्यादा है। यहां प्रोत्साहन के बाद भी पुरुष नसबंदी की स्थिति चिंताजनक है।