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अब भूखे तक पहुंचेगा पुलिस सहायता पैकेट
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पुलिस लाइन से एसपी ने प्रारंभ किया पुलिस सहायता पैकेट वितरण का कार्य।
- फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। लॉकडाउन में भूखे लोगों तक पुलिस ने मदद का हाथ बढ़ाया है। गुरुवार को एसपी ने पुलिस लाइन से पुलिस सहायता पैकेट योजना लागू की है। इस योजना के तहत सूचना देने वाले को एक घंटे के अंदर पुलिस 16 किलो तीन सौ ग्राम खाद्य सामग्री से भरा यह पैकेट पहुंचाएगी। पैकेट सभी पुलिस अधिकारी, थाना व पीआरवी वाहन पर रखे गए हैं, ताकि मदद जल्द से जल्द पहुंच सके।
जिले में कुल बारह लाख जनसंख्या है, जिसमें नब्बे फीसदी लोग कृषि व मजदूरी कार्य से अपना जीविकोपार्जन करते हैं। लगभग दस हजार लोग गैर प्रांतों से यहां भाग कर आए हैं। अभी तक फसल भी नहीं कट पाई है, जिसके चलते आम लोगों के सामने खाने की समस्या पहले से थी। लेकिन लॉकडाउन ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। कई घरों में लोगों के पास खाने को नहीं है। इस पर एक अप्रैल से मनरेगा, श्रम विभाग में पंजीकृत व अंत्योदय कार्डधारकों को नि:शुल्क खाद्यान्न देने की व्यवस्था है। लेकिन इसके बाद भी कई ऐसे हैं जो इस श्रेणी से बच रहे हैं। तमाम दिहाड़ी मजदूर हैं, जो गैर पंजीकृत हैं।
मनरेगा में जॉबकार्ड नहीं है व अंत्योदय से कवर्ड नहीं हैं। उनके सामने भी खाने की विकट समस्या है। इसी समस्या के समाधान के लिए पुलिस मजबूती के साथ आगे आई है। गुरुवार को पुलिस लाइन में एसपी अनूप सिंह की अगुवाई में पुलिस सहायता पैकेट योजना लागू की गई। व्यापार मंडल, पेट्रोलियम संघ, किराना संघ, सब्जी मंडी संघ व सराफा व्यवसायियों की मदद से इस योजना को कार्यरूप दिया गया है। इसमें इन संघों के माध्यम से 98 क्विंटल खाद्य सामग्री एकत्र की गई।
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खाद्य सामग्रियों का पैकेट बनाया गया है। जिसमें प्रति पैकेट सोलह किलो तीन सौ ग्राम अनाज व अन्य सामान रखा गया। इन पैकेटों को एसपी सहित अन्य अधिकारियों के वाहनों की डिक्की के साथ जिले के 17 पीआरवी, सभी थानों के वाहनों पर लोड कर दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति डायल यूपी 112 पर या फिर किसी अधिकारी को भूखे होने की सूचना देता है तो यह खाद्यान्न तत्काल उसके पास पहुंचेगा।
वाहनों पर रखा गया है पैकेट
खाद्य विभाग लोगों को अप्रैल में राशन उपलब्ध करा रहा है। इसके बाद भी यदि कोई भूखा है। उसके पास खाने को अनाज नहीं है तो वह पुलिस को इसकी सूचना दे सकता है। सभी पुलिस अधिकारियों, थाने के वाहन, पीआरवी पर यह पुलिस सहायता पैकेट रखा हुआ है। प्रत्येक पैकेट में 16.300 किलोग्राम अनाज है। इसमें आटा पांच किलो, चावल पांच किलो, सरसों का तेल आधा किलो, अरहर दाल एक किलो, चीनी एक किलो, नमक आधा किलो, सोयाबीन 250 ग्राम, सब्जी मसाला चार ग्राम, आलू दो किलो, प्याज एक किलो पैक है। यह चार व्यक्तियों के लिए दस दिन का पर्याप्त अनाज है। ऐसे कुल 600 पैकेट बनाए गए हैं।
- बीसी दुबे, एएसपी
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जिले में कुल बारह लाख जनसंख्या है, जिसमें नब्बे फीसदी लोग कृषि व मजदूरी कार्य से अपना जीविकोपार्जन करते हैं। लगभग दस हजार लोग गैर प्रांतों से यहां भाग कर आए हैं। अभी तक फसल भी नहीं कट पाई है, जिसके चलते आम लोगों के सामने खाने की समस्या पहले से थी। लेकिन लॉकडाउन ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। कई घरों में लोगों के पास खाने को नहीं है। इस पर एक अप्रैल से मनरेगा, श्रम विभाग में पंजीकृत व अंत्योदय कार्डधारकों को नि:शुल्क खाद्यान्न देने की व्यवस्था है। लेकिन इसके बाद भी कई ऐसे हैं जो इस श्रेणी से बच रहे हैं। तमाम दिहाड़ी मजदूर हैं, जो गैर पंजीकृत हैं।
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मनरेगा में जॉबकार्ड नहीं है व अंत्योदय से कवर्ड नहीं हैं। उनके सामने भी खाने की विकट समस्या है। इसी समस्या के समाधान के लिए पुलिस मजबूती के साथ आगे आई है। गुरुवार को पुलिस लाइन में एसपी अनूप सिंह की अगुवाई में पुलिस सहायता पैकेट योजना लागू की गई। व्यापार मंडल, पेट्रोलियम संघ, किराना संघ, सब्जी मंडी संघ व सराफा व्यवसायियों की मदद से इस योजना को कार्यरूप दिया गया है। इसमें इन संघों के माध्यम से 98 क्विंटल खाद्य सामग्री एकत्र की गई।
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खाद्य सामग्रियों का पैकेट बनाया गया है। जिसमें प्रति पैकेट सोलह किलो तीन सौ ग्राम अनाज व अन्य सामान रखा गया। इन पैकेटों को एसपी सहित अन्य अधिकारियों के वाहनों की डिक्की के साथ जिले के 17 पीआरवी, सभी थानों के वाहनों पर लोड कर दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति डायल यूपी 112 पर या फिर किसी अधिकारी को भूखे होने की सूचना देता है तो यह खाद्यान्न तत्काल उसके पास पहुंचेगा।
वाहनों पर रखा गया है पैकेट
खाद्य विभाग लोगों को अप्रैल में राशन उपलब्ध करा रहा है। इसके बाद भी यदि कोई भूखा है। उसके पास खाने को अनाज नहीं है तो वह पुलिस को इसकी सूचना दे सकता है। सभी पुलिस अधिकारियों, थाने के वाहन, पीआरवी पर यह पुलिस सहायता पैकेट रखा हुआ है। प्रत्येक पैकेट में 16.300 किलोग्राम अनाज है। इसमें आटा पांच किलो, चावल पांच किलो, सरसों का तेल आधा किलो, अरहर दाल एक किलो, चीनी एक किलो, नमक आधा किलो, सोयाबीन 250 ग्राम, सब्जी मसाला चार ग्राम, आलू दो किलो, प्याज एक किलो पैक है। यह चार व्यक्तियों के लिए दस दिन का पर्याप्त अनाज है। ऐसे कुल 600 पैकेट बनाए गए हैं।
- बीसी दुबे, एएसपी