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अब स्थायी शिविरों में रहेगी नेपाली एपीएफ
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श्रावस्ती। भारत की सीमा पर नेपाल ने अपनी आर्म्ड पुलिस फोर्स पहले ही अस्थायी तौर पर तैनात की थी। इस फोर्स को रहने के लिए चीन में निर्मित टेंट दिए गए थे लेकिन अब नेपाल भारतीय सीमा पर स्थायी आर्म्ड पुलिस फोर्स के लिए स्थायी चौकी बनाने जा रहा है। इसके लिए नेपाल सीमा पर नोमेंस लैंड के आसपास जमीन की तलाश कर रहा है। यही नहीं अब नेपाल सीमा पर बनने वाली स्थायी चौकियों की संख्या में भी वृद्धि करने जा रहा है।
भारत व नेपाल के बीच रोटी-बेटी का संबंध है। इन्हीं संबंधों के कारण भारत व नेपाल की सीमा हमेशा खुली रहती थी। नोमेंस लैंड पर लगे सीमा स्तंभ ही दोनों देशों की हदें बताते थे। भारत के लोग जब भी चाहते थे, अपने परिवारीजनों से मिलने नेपाल चले जाते थे। वहीं नेपाल के नागरिक भी जब-तब अपने परिवारीजनों से मिलने भारत आ जाया करते थे लेकिन अब चीन के कारण दोनों देशों के बीच तल्ख हुए रिश्ते और कटु होते जा रहे हैं।
पहले जहां दोनों देशों की सीमाएं एक-दूसरे के लिए खुली हुई थीं, वहीं नेपाल ने कुछ दिन पूर्व ही सीमा पर अपनी आर्म्ड पुलिस फोर्स तैनात कर दी थी। चीन द्वारा निर्मित टेंटों में बैठी नेपाल आर्म्ड पुलिस की तैनाती उस समय अस्थायी तौर पर मानी गई थी लेकिन अब नेपाल-भारत सीमा पर स्थायी आर्म्ड पुलिस फोर्स चौकी का निर्माण करने जा रहा है। इसके लिए नेपाल का राजस्व विभाग नोमेंस लैंड के निकट ही जमीन की तलाश कर रहा है।
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इसी प्रकार शुक्रवार को श्रावस्ती से सटे जमुनहा क्षेत्र में नोमेंस लैंड के निकट नेपाल का राजस्व विभाग एलानिया परती (सरकारी भूमि) की तलाश करने के लिए पैमाइश कर रहा था। नेपाली अधिकारियों के अनुसार भारतीय पैमाने के मुताबिक एपीएफ स्थायी चौकी के लिए कम से कम 43,600 वर्ग फीट भूमि की जरूरत है। जहां यह जमीन सरकारी तौर पर नहीं मिल पा रही है, वहीं स्थानीय किसानों से इतनी भूमि एपीएफ को दान देने की भी गुजारिश राजस्व अधिकारी कर रहे हैं।
प्रति किलोमीटर एक स्थायी चौकी निर्माण की योजना
भारत सीमा पर नेपाल ने प्रति एक किलोमीटर या पूर्व में स्थित स्थायी चौकी के बीच एक नई चौकी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस पैमाने से श्रावस्ती की नेपाल सीमा से लगभग 45 किलोमीटर की लंबाई जुड़ती है। यहां करीब 25 से 30 चौकी के लिए भूमि चिह्नित की जा रही है। ऐसे ही बलरामपुर जिले से नेपाल की सीमा 60 किलोमीटर, पीलीभीत से 45 किलोमीटर, लखीमपुर से 63 किलोमीटर, सिद्धार्थनगर से 68 किलोमीटर, महाराजगंज से 68 किलोमीटर व बहराइच से 63 किलोमीटर जुड़ती है।
पहले से बढ़ी हैं स्थायी चौकी
भारत व नेपाल के बीच तल्ख हुए रिश्तों के बाद नेपाल ने भारतीय सीमा पर 250 अस्थायी आर्म्ड पुलिस फोर्स कैंप स्थापित किए थे। ये कैंप अस्थायी चौकी के रूप में कार्यरत हैं। इन्हें स्थायी करने के साथ-साथ अब दूरियां घटाने की कवायद हो रही है।
भारत नेपाल सीमा पर पहले से ही चौकसी बरती जा रही है। सीमा क्षेत्र की हर गतिविधि पर निगाह है।
-बीसी दुबे, एएसपी
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भारत व नेपाल के बीच रोटी-बेटी का संबंध है। इन्हीं संबंधों के कारण भारत व नेपाल की सीमा हमेशा खुली रहती थी। नोमेंस लैंड पर लगे सीमा स्तंभ ही दोनों देशों की हदें बताते थे। भारत के लोग जब भी चाहते थे, अपने परिवारीजनों से मिलने नेपाल चले जाते थे। वहीं नेपाल के नागरिक भी जब-तब अपने परिवारीजनों से मिलने भारत आ जाया करते थे लेकिन अब चीन के कारण दोनों देशों के बीच तल्ख हुए रिश्ते और कटु होते जा रहे हैं।
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पहले जहां दोनों देशों की सीमाएं एक-दूसरे के लिए खुली हुई थीं, वहीं नेपाल ने कुछ दिन पूर्व ही सीमा पर अपनी आर्म्ड पुलिस फोर्स तैनात कर दी थी। चीन द्वारा निर्मित टेंटों में बैठी नेपाल आर्म्ड पुलिस की तैनाती उस समय अस्थायी तौर पर मानी गई थी लेकिन अब नेपाल-भारत सीमा पर स्थायी आर्म्ड पुलिस फोर्स चौकी का निर्माण करने जा रहा है। इसके लिए नेपाल का राजस्व विभाग नोमेंस लैंड के निकट ही जमीन की तलाश कर रहा है।
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इसी प्रकार शुक्रवार को श्रावस्ती से सटे जमुनहा क्षेत्र में नोमेंस लैंड के निकट नेपाल का राजस्व विभाग एलानिया परती (सरकारी भूमि) की तलाश करने के लिए पैमाइश कर रहा था। नेपाली अधिकारियों के अनुसार भारतीय पैमाने के मुताबिक एपीएफ स्थायी चौकी के लिए कम से कम 43,600 वर्ग फीट भूमि की जरूरत है। जहां यह जमीन सरकारी तौर पर नहीं मिल पा रही है, वहीं स्थानीय किसानों से इतनी भूमि एपीएफ को दान देने की भी गुजारिश राजस्व अधिकारी कर रहे हैं।
प्रति किलोमीटर एक स्थायी चौकी निर्माण की योजना
भारत सीमा पर नेपाल ने प्रति एक किलोमीटर या पूर्व में स्थित स्थायी चौकी के बीच एक नई चौकी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस पैमाने से श्रावस्ती की नेपाल सीमा से लगभग 45 किलोमीटर की लंबाई जुड़ती है। यहां करीब 25 से 30 चौकी के लिए भूमि चिह्नित की जा रही है। ऐसे ही बलरामपुर जिले से नेपाल की सीमा 60 किलोमीटर, पीलीभीत से 45 किलोमीटर, लखीमपुर से 63 किलोमीटर, सिद्धार्थनगर से 68 किलोमीटर, महाराजगंज से 68 किलोमीटर व बहराइच से 63 किलोमीटर जुड़ती है।
पहले से बढ़ी हैं स्थायी चौकी
भारत व नेपाल के बीच तल्ख हुए रिश्तों के बाद नेपाल ने भारतीय सीमा पर 250 अस्थायी आर्म्ड पुलिस फोर्स कैंप स्थापित किए थे। ये कैंप अस्थायी चौकी के रूप में कार्यरत हैं। इन्हें स्थायी करने के साथ-साथ अब दूरियां घटाने की कवायद हो रही है।
भारत नेपाल सीमा पर पहले से ही चौकसी बरती जा रही है। सीमा क्षेत्र की हर गतिविधि पर निगाह है।
-बीसी दुबे, एएसपी