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नहीं हो रही बारिश, सूख रही धान की फसल

Fri, 17 Jul 2020 09:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2020 09:48 PM IST
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Not getting rain, paddy crop drying up
श्रावस्ती। तराई में सावन मास में ही सूखे के आसार दिखाई देने लगे हैं। विगत एक सप्ताह से बरसात न होने के कारण खेतों में लगी धान की फसल सूखने लगी है। वहीं नहर में पानी न छोड़े जाने के कारण किसानों को अपनी फसल के बर्बाद होने का खतरा सताने लगा है। ऐसे में किसान फसल को बचाने के लिए निजी ट्यूबवेल व पंपिंग सेटों के सहारे खेतों की सिंचाई कर रहे हैं।
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क्षेत्र में कवि घाघ की कहावत ‘दिन में बद्दर रात निबद्दर, चले पुरवाइयां झब्बर झब्बर, घाघ कहें कुछ होनी होई कुंआ के पानी मा धोबी धोई’ इन दिनों चर्चा में है। इसके अनुसार सावन मास में यदि दिन में आसमान पर बादल छाए रहे व रात में आसमान साफ रहे, तथा तेज पूर्वा हवा चले तो यह निश्चित है कि ऐसा सूखा पड़ेगा कि धोबी को भी कपड़े धुलने के लिए कुएं के पानी का सहारा लेना पड़ेगा।
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जिले में यह स्थिति विगत एक सप्ताह से बनी हुई है। आसमान पर दिन में उमड़ घुमड़ रहे बादल बिना बरसे वापस लौट रहे हैं। इसके साथ ही रात में आसमान निर्मल होने के कारण तारे दिखाई दे रहे हैं। वहीं दिन रात पूर्वा हवा चल रही हैं। सावन मास में पूर्वा हवा के चलने से बरसात होने की संभावना कम रहती है।
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ऐसे में यदि यही हाल रहा तो सूखा पड़ना तय है। जिले में बरसात न होने के कारण जहां सिरसिया क्षेत्र में अधिकांश किसानों की ओर से अब तक धान की रोपाई नहीं की जा सकी है, वहीं जिन किसानों ने किसी तरह रोपाई कर दी है तो उनके खेतों में नमी न होने के कारण फसल सूखने लगी है। जिसे सूखने से बचाने के लिए किसान निजी ट्यूबवेल व पंपिंग सेटों का सहारा ले रहे हैं।
सरयू नहर में नहीं छोड़ा जा रहा पानी
तुलसीपुर। जिले में उपरहर माने जाने वाले गिलौला, सोनवा व इकौना थाना क्षेत्र के अधिकांश गांव में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। इसके बावजूद क्षेत्र को सिंचित बनाने वाली मुख्य सरयू नहर में अब तक पानी नहीं छोड़ा गया। इससे जमुनहा तहसील क्षेत्र के तुलसीपुर, गुजरवारा, मालभौखारा, चौगोई, भिठिया चिचड़ी, इटरौली, चंदरखा बुजुर्ग पुरखियापुर, उत्तमापुर, पिपरी, ककनधू, बैभी, सहित कई गांवों में धान की फसल सूख रही है।
किसान गुन्नू ने बताया कि क्षेत्र में लगे अधिकांश राजकीय नलकूप या तो यांत्रिक दोष या फिर विद्युत दोष के कारण खराब हैं। जिनकी मरम्मत न होने के कारण किसानों को इसकी स्थापना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसान पवन बताते हैं कि क्षेत्र के कई राजकीय नलकूप की नालियां क्षतिग्रस्त हैं। जिनकी मरम्मत न होने के कारण खेत तक पानी नहीं पहुंच रहा है। ऐसे में किसानों को नहर का ही सहारा है। जिसे सूखा देखकर किसान के चेहरे की हवाइयां उड़ रही है।
किसान गुठनी व अमजद अली बताते हैं कि उपरहर क्षेत्र के किसान नहर के सहारे खेती किसानी करते हैं। नहर का पानी आने से खेत सरोबोर रहते हैं। जिससे पैदावार अच्छी होती है। लेकिन इस बार सरयू मुख्य नहर खंड नानपारा द्वारा अभी पानी नहीं छोड़ा गया है। जिससे धान की फसल सूखने लगी हैं।

नहर में पानी छोड़ने के लिए पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद यदि ऐसा है तो तत्काल संबंधित को नहर व माइनर में पानी छोड़ने का निर्देश दिया जाएगा। - योगानंद पांडेय, अपर जिलाधिकारी
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