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Shravasti News: पढ़ाई में अभिरुचि बढ़ाने के लिए स्कूलों में अखबार अनिवार्य

Sun, 28 Dec 2025 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती Updated Sun, 28 Dec 2025 12:18 AM IST
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Newspapers are mandatory in schools to increase interest in studies
श्रावस्ती। बच्चों में मोबाइल के प्रति बढ़ रहे रुझान व पढ़ाई में कम हो रही अभिरुचि पर सरकार ने गहरी चिंता जताई है, इसे देखते हुए सभी विद्यालयों में समाचार पत्रों के पठन-पाठन को अनिवार्य कर दिया है।
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अपर मुख्य सचिव माध्यमिक व बेसिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन ने सभी मंडलों के संयुक्त निदेशक शिक्षा, उपशिक्षा निदेशक, सभी डीआईओएस व बीएसए को पत्र जारी कर तत्काल स्कूलों में अखबार के पठन-पाठन की व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है।
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अपर मुख्य सचिव ने अपने पत्र के जरिये कहा है कि छात्रों में पठन संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए समाचार पत्रों का पठन-पाठन जरूरी है। अखबारों के पठन-पाठन से बच्चों में पढ़ने की अभिरुचि बढ़ेगी और स्क्रीन टाइम कम होगा। ऐसे में सभी विद्यार्थियों से दैनिक रूप से समाचार पत्रों का पठन-पाठन भी करवाया जाए।
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उन्होंने कहा है कि सभी विद्यालयों व पुस्तकालयों में हिंदी व अंग्रेजी के स्तरीय समाचार मौजूद रहें। प्रार्थना सभा के दौरान 10 मिनट तक समाचार पत्र का वाचन हो और राेटेशन के आधार पर विद्यार्थी संपादकीय लेख के मुख्य अंश, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय व खेल जगत से जुड़ीं खबरें पढ़ें।

प्रतिदिन पांच नए व कठिन शब्दों का चयन कर उन्हें प्रार्थना सभा में बताया जाए और विद्यालय के डिस्प्ले बोर्ड पर इसे लिखा भी जाए। बच्चों को मासिक या त्रैमासिक स्तर पर समाचार पत्र तैयार करने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाए। कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों से सप्ताह में एक बार संपादकीय विषय पर समूह चर्चा कराकर उनके मौलिक विचार लिए जाएं।




प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मिलेगी मदद
अपर मुख्य सचिव ने अपने पत्र के माध्यम से कहा है कि समाचार पत्रों को पढ़ने से बच्चों का सामान्य ज्ञान व सम-सामयिक विषयों पर पकड़ मजबूत होगी, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मददगार होगी। इसके साथ ही शब्द भंडार समृद्ध होगा, भाषा ज्ञान में भी सुधार होगा। विविध दृष्टिकोणों व विश्लेषणों को पढ़ने से विद्यार्थियों में क्रिटिकल थिंकिंग व सही-गलत का भेद करने की समझ विकसित होगी। डिजिटल स्क्रीन की तुलना में अखबार पढ़ने से एकाग्रता व धैर्य में वृद्धि होगी। अखबार पढ़ने से विद्यार्थी स्थानीय समुदाय, आयोजनों व सार्वजनिक परियोजनाओं के बारे में जागरूक भी होंगे।
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