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नेपाली लोग भी दर्ज करवा रहे मतदाता सूची में नाम

Mon, 15 Nov 2021 11:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Nov 2021 11:15 PM IST
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Nepali people are also registering names in the voter list
श्रावस्ती के सीमा क्षेत्र जमुनहा में भारतीय पहचान पत्र दिखाते नेपाली नागरिक। - फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। भारत नेपाल सीमा पर बसे गांवों में पुनरीक्षण अभियान के दौरान नेपाल में रहने वाले नेपाली नागरिक भी अपना नाम मतदाता सूचियों में दर्ज करवा रहे हैं। क्षेत्रीय निवासियों ने इसकी शिकायत भारत निर्वाचन आयोग को भेजे एक पत्र में की है। इससे पूर्व भी सीमा क्षेत्र में नेपाली नागरिकों द्वारा वोटर लिस्ट में नाम बढ़वा कर आधार व निर्वाचन कार्ड बनवाने का मामला उजागर हो चुका है। इसकी रोकथाम न होने से अगले साल प्रस्तावित चुनाव में नेपाली नागरिकों के भी हिस्सेदारी करने आशंका क्षेत्र के लोग जताने लगे हैं।
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भारत नेपाल के बीच खुली सीमा के चलते सामाजिक आर्थिक व सामरिक संबंध वर्षाें से बना हुआ है। इसका लाभ दोनों देश के नागरिक सालों से उठा रहे हैं। बेटी-रोटी के संबंध व्यापार के साथ ही आपसी भाईचारा बढ़ाने में भी मददगार साबित होता है। क्षेत्र लोगों का कहना है कि पुनरीक्षण कार्य के दौरान नेपाली नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम बढ़वा रहे हैं। इसके लिए वह पहले से बनवाए गए आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। जमुनहा तहसील के बासगढ़ी निवासी राजेंद्र नरायण मिश्रा ने कुछ दिन पूर्व भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक से भी इसकी शिकायत की थी। एसएसबी की 62वीं वाहिनी की जांच में भी भारतीय सीमा में रह रहे 200 ऐसे नेपाली नागरिक चिह्नित हुए जिनमें से 53 लोगों के पास भारत का आधार कार्ड व 14 लोगों के पास वोटर कार्ड पाए गए थे। ऐसी ही जांच बहराइच जिले में भी हुई थी। जांच में 58 लोग ऐसे चिह्नित हुए थे। जिनके पास भारत व नेपाल दोनों ही देशों की नागरिकता पाई गई थी। इन लोगों के पास निर्वाचन कार्ड भी पाया गया था।
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भौगोलिक स्थिति का मिलता लाभ
नेपाल से श्रावस्ती, बहराइच व बलरामपुर की तकरीबन 250 किमी सीमा लगी है। श्रावस्ती का भरथा रोशनगढ़, असनहरिया, घोड़दौवरिया, तुरषमा आदि ऐसे गांव हैं। जिनका आधा हिस्सा भारत में व आधा हिस्सा नेपाल में है। इन गांवों के अधिसंख्य लोग भारत व नेपाल दोनों देशों के नागरिक हैं। ऐसे ही कोटिया, रोशनपुरवा, बाहूपुरवा आदि गांवों के लोगों के तो यहां खेत भी हैं। नेपाल के नरयनापुर, गंगापुर, खोदवा व भगवानपुर के तमाम लोगों के पास भारत का मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड भी है।
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सीमावर्ती गांवों क्षेत्रों से इस तरह की शिकायत सामने आती रहती है। इसकी रोकथाम के लिए प्रशासन के साथ ही क्षेत्र के निवासियों को भी जागरूकता के साथ आगे आकर ऐसे बाहरी व्यक्तियों के नाम व पता की जानकारी एसडीएम कार्यालय को मुहैया कराए। इसकी जांच करा कर ऐसे सभी अपात्रों के नाम सूची से कटवाने के साथ ही संबंधित बीएलओ के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। -कमलेश चंद्र, एडीएम
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