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प्रवासी श्रमिकों ने जानी उत्पादन तकनीक
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श्रावस्ती। आचार्य नरेंद्र देव कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या की ओर से जिले के प्रवासी श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार से आईटीआई भिनगा में प्रवासी श्रमिकों को प्रशिक्षण दिलाने की शुरुआत की गई।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार ने रोपण सामग्री की महत्ता एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सब्जियों सहित फल एवं फूल में अच्छी गुणवत्ता के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए। कटिंग व ट्यूबर (कंदीय) फसल जैसे ग्लेडियस, डहेलिया, सब्जी व मसाले जैसे हल्दी, अदरख, जिमीकंद इत्यादि के बीज के रूप में कंदों का उत्पादन करके बेचने से एक रोजगार व व्यवसाय स्थापित किया जा सकता है।
वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार ने बताया कि सागौन की टहनी से कटिंग तैयार करके अच्छी गुणवत्ता वाले पौध तैयार किए जा सकते हैं। फल वाले वृक्षों की टहनी से कटिंग आदि के माध्यम से नए पौध तैयार किए जा सकते हैं। इसके साथ ही नर्सरी के रूप में भी रोजगार स्थापित किया जा सकता है।
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डॉ. उमेश कुमार ने अच्छी गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री तैयार करने की विधि, पोषण एवं जल प्रबंधन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। डॉ. मानवेंद्र बहादुर सिंह ने रोपण सामग्री तैयार करने के लिए उपयोगी यंत्रों आदि के बारे में जानकारी बताया। कृषि तकनीक अधिकारी शेर अली ने रोपण सामग्री के आर्थिक विश्लेषण एवं आय के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर काफी संख्या में प्रवासी श्रमिक मौजूद रहे।
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कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार ने रोपण सामग्री की महत्ता एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सब्जियों सहित फल एवं फूल में अच्छी गुणवत्ता के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए। कटिंग व ट्यूबर (कंदीय) फसल जैसे ग्लेडियस, डहेलिया, सब्जी व मसाले जैसे हल्दी, अदरख, जिमीकंद इत्यादि के बीज के रूप में कंदों का उत्पादन करके बेचने से एक रोजगार व व्यवसाय स्थापित किया जा सकता है।
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वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनय कुमार ने बताया कि सागौन की टहनी से कटिंग तैयार करके अच्छी गुणवत्ता वाले पौध तैयार किए जा सकते हैं। फल वाले वृक्षों की टहनी से कटिंग आदि के माध्यम से नए पौध तैयार किए जा सकते हैं। इसके साथ ही नर्सरी के रूप में भी रोजगार स्थापित किया जा सकता है।
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डॉ. उमेश कुमार ने अच्छी गुणवत्ता वाली रोपण सामग्री तैयार करने की विधि, पोषण एवं जल प्रबंधन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। डॉ. मानवेंद्र बहादुर सिंह ने रोपण सामग्री तैयार करने के लिए उपयोगी यंत्रों आदि के बारे में जानकारी बताया। कृषि तकनीक अधिकारी शेर अली ने रोपण सामग्री के आर्थिक विश्लेषण एवं आय के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर काफी संख्या में प्रवासी श्रमिक मौजूद रहे।