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ध्यान से दूर होता है लोभ, वासना व अहंकार : देवानंद
Sat, 03 Jan 2026 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 03 Jan 2026 01:06 AM IST
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जेतवन परिसर में प्रार्थना करते भूटान से आए अनुयायी।- संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शुक्रवार को भूटान से आए अनुयायियों के 110 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से गंध कुटी पर दर्शन-पूजन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा में ध्यान के फायदे बताते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि भगवान बुद्ध ने ध्यान लगाकर आत्मज्ञान हासिल किया। नियमित ध्यान लगाने से मनुष्य के अंदर का अहंकार नष्ट होता है और लोभ, वासना व घृणा करने की प्रवृत्ति भी दूर होती है।
उन्होंने कहा कि ध्यान मन को शांत बनाने का समाधान है, जो लालसा और घृणा से ऊपर है। ध्यान आपको अधिक तेज, खुशहाल और अंतर्ज्ञानी बनाता है। ध्यान के दौरान हम अपने आप को जानते हैं और ध्यान के समय हम सांसारिक मोह-माया से दूर रहते हैं।
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सभा के बाद अनुयायियों ने कच्ची कुटी-पक्की कुटी, संघाराम बुद्ध विहार, गंध कुटी, सूर्यकुंड, सभा मंडप, कौशाम कुटी, शिवली स्तूप, राहुल कुटी, संघमित्रा कुटी, आनंद कुटी व ओड़ाझार टीला आदि का भ्रमण कर उसके इतिहास की जानकारी ली।
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बौद्ध सभा में ध्यान के फायदे बताते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि भगवान बुद्ध ने ध्यान लगाकर आत्मज्ञान हासिल किया। नियमित ध्यान लगाने से मनुष्य के अंदर का अहंकार नष्ट होता है और लोभ, वासना व घृणा करने की प्रवृत्ति भी दूर होती है।
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उन्होंने कहा कि ध्यान मन को शांत बनाने का समाधान है, जो लालसा और घृणा से ऊपर है। ध्यान आपको अधिक तेज, खुशहाल और अंतर्ज्ञानी बनाता है। ध्यान के दौरान हम अपने आप को जानते हैं और ध्यान के समय हम सांसारिक मोह-माया से दूर रहते हैं।
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सभा के बाद अनुयायियों ने कच्ची कुटी-पक्की कुटी, संघाराम बुद्ध विहार, गंध कुटी, सूर्यकुंड, सभा मंडप, कौशाम कुटी, शिवली स्तूप, राहुल कुटी, संघमित्रा कुटी, आनंद कुटी व ओड़ाझार टीला आदि का भ्रमण कर उसके इतिहास की जानकारी ली।