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ध्यान से मिलती है शांति : देवानंद
Thu, 11 Sep 2025 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Thu, 11 Sep 2025 12:38 AM IST
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बोधि वृक्ष की पूजा करते वियतनाम के अनुयायी। - संवाद
कटरा। वियतनाम के 40 अनुयायी बुधवार को बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती पहुंचे। सभी ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में बोधि वृक्ष की पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना की। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा में मौजूद अनुयायियों को संबोधित करते हुए बौद्ध भिक्षु देवानंद ने कहा कि मन को शांत रखने का समाधान ध्यान है, इससे लालसा और घृणा से मुक्ति मिलती है। उन्होंने बताया कि अगर झील की सतह पर लहरें हों, तो हम उसकी गहराई नहीं देख सकते। इसी प्रकार, जब तक मन शांत नहीं होगा, हम अपने भीतर सामंजस्य और एकता का अनुभव नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ध्यान आपको अधिक तेज, खुशहाल और अंतरज्ञानी बनाता है। जब मन वासना, लोभ, स्वामित्व और अहंकार से मुक्त होता है, तभी मन शुद्ध होता है। अनुयायियों ने कच्ची कुटी-पक्की कुटी, संघाराम बुद्ध विहार, गंध कुटी, सूर्यकुंड, सभा मंडप, कौशाम कुटी, शिवली स्तूप, राहुल कुटी, संघमित्रा कुटी, आनंद कुटी व ओड़ाझार टीला आदि स्थलों का भ्रमण किया और इतिहास की जानकारी ली।
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बौद्ध सभा में मौजूद अनुयायियों को संबोधित करते हुए बौद्ध भिक्षु देवानंद ने कहा कि मन को शांत रखने का समाधान ध्यान है, इससे लालसा और घृणा से मुक्ति मिलती है। उन्होंने बताया कि अगर झील की सतह पर लहरें हों, तो हम उसकी गहराई नहीं देख सकते। इसी प्रकार, जब तक मन शांत नहीं होगा, हम अपने भीतर सामंजस्य और एकता का अनुभव नहीं कर सकते हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि ध्यान आपको अधिक तेज, खुशहाल और अंतरज्ञानी बनाता है। जब मन वासना, लोभ, स्वामित्व और अहंकार से मुक्त होता है, तभी मन शुद्ध होता है। अनुयायियों ने कच्ची कुटी-पक्की कुटी, संघाराम बुद्ध विहार, गंध कुटी, सूर्यकुंड, सभा मंडप, कौशाम कुटी, शिवली स्तूप, राहुल कुटी, संघमित्रा कुटी, आनंद कुटी व ओड़ाझार टीला आदि स्थलों का भ्रमण किया और इतिहास की जानकारी ली।
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