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मधवापुर घाट पुल का अप्रोच कटा, बाढ़ से घिरे 35 हजार लोग

Sun, 14 Jul 2019 10:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jul 2019 10:45 PM IST
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Madhavpur Ghat Bridge approach cut, 35 thousand people surrounded by floods
श्रावस्ती के जमुनहा के वीरपुर गांव में भरा पानी। - फोटो : SRAWASTI
श्रावस्ती। नेपाल में तेज बरसात के कारण उफनाई राप्ती ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रविवार को राप्ती का जल स्तर बैराज पर खतरे के निशान से काफी ऊपर दर्ज किया गया। इसके चलते जमुनहा, हरिहरपुररानी व इकौना के 61 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। इससे लगभग 35 हजार लोग बाढ़ से घिर गए हैं। मधवापुर घाट पुल का अप्रोच कटने से जिला मुख्यालय से मल्हीपुर क्षेत्र का संपर्क कट गया।
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अधिकारियों को जमुनहा तहसील का दौरा करने के लिए मोटर बोट का सहारा लेना पड़ा। यही नहीं राप्ती मधवापुर के पश्चिमी छोर पर अपना रास्ता भी बदल रही है। भिनगा शहर की भी स्थिति बाढ़ के कारण अस्त व्यस्त हो गई। भिनगा कलेक्ट्रेट मार्ग पर बने गड्ढे व जलभराव के कारण छोटे वाहनों का आवागमन बाधित हो गया है।
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राप्ती का जल स्तर शनिवार दोपहर से ही बढ़ने लगा था। इसके चलते रविवार को राप्ती खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही थी। यही नहीं राप्ती की कटान की जद में सबसे पहले भिनगा व जमुनहा तहसील को जोड़ने वाला मधवापुर घाट पुल आया। बाढ़ के कारण इस पुल का अप्रोच कट रहा था। जिसे बचाने की जद्दोजहद तो की जा रही थी, लेकिन वह अस्सी फीसदी नदी में बह गया।
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यही नहीं इसी रोड पर मिश्रीपुरवा के पास पुल का अप्रोच पूरी तरह से कट गया। शनिवार रात से हुई बरसात के कारण स्थिति रविवार सुबह और भयावह हो गई। मधवापुर घाट को छोड़ सभी सड़क जलमगभन हो गई। इसके चलते डीएम को जमुनहा तहसील का दौरा करने के लिए उत्तमपुर नरैनापुर से बोट से जाना पड़ा।
रविवार सुबह दस बजे तक राप्ती का जल स्तर इतना बढ़ गया था कि जमुनहा तहसील का जिला मुख्यालय की ओर से जाने वाला मार्ग पूर्ण रूप से अवरुद्ध हो गया। इस क्षेत्र का संपर्क जमीनी तौर पर मुख्यालय से कट गया। अधिकारियों को लाने ले जाने के लिए मोटर बोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। यही नहीं जमुनहा भिनगा व इकौना तहसील के 61 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए।
यह गांव हुए प्रभावित
कथरा माफी, गजोबरी, मल्हीपुर कला, संगमपुरवा, लक्ष्मनपुर सेमरहनिया, बेलरी, सर्रा, वीरपुर, गंगाभागड़, लालबोझा दर्वेश गांव, कलकलवा, मुजेहना, अमवा, शाहपुर कला, अशरफ नगर, टिकुइया, सुल्तानजोत, मनिकापुर, मोहम्मदपुर, खजुआ झुनझुनिया, मनिका जोत, नेवादा भोजपुर, अलीनगर धर्मनगर, बरंगा, रेहली विशुनपुर, कोकल, सलारपुर, जरकुसहा, तिलकपुर, खर्च, बांसकुड़ी, गोड़धोई, मजगवां, केशवापुर, नीबाभारी, भवानी नगर, नारायणपुर, कोंड़री खुर्द, केरवनिया, सेहनिया, मध्यनगर, दहावरकला, मनिकौरा कोड़री, लालपुर खदरा, लैबुड़वा, डिंगुराजोत, राजगढ़ गुलहरिया, लखाही खास, बेलकर, मुजहनिया, गनेशीजोत, भोजपुर, खरगौरा गनेश, चक्रभंडार व खरगूपुर सहित कई अन्य गांव प्रभावित हैं।
राहत के लिए पहुंची एनडीआरएफ
बाढ़ से निपटने के लिए एनडीआरएफ की एक कंपनी इंस्पेक्टर मनीष चौबे की अगुवाई में जिले में पहुंच चुकी है। टीम अभी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर रही है। इसके बाद बचाव व राहत कार्य शुरू किया जाएगा।
राप्ती का जलस्तर
जमुनहा राप्ती बैराज पर सुबह छह बजे नदी का जलस्तर 128.50 मीटर नापा गया। सात बजे यह 128.52 मीटर, आठ बजे 128.46 मीटर, नौ बजे 128.40 मीटर, दस बजे 128.35 मीटर, 11 बजे 128.18 मीटर, बारह बजे 128.05 मीटर, दो बजे 127.90 मीटर, शाम तीन बजे 127.85 मीटर नापा गया। जिले में नदी के खतरे का निशान 127.70 मीटर पर है।
35 स्कूलों में भरा पानी
जमुनहा क्षेत्र के जोगिया पिपरहवा स्कूल के साथ ही लगभग 35 स्कूलों में ढाई से तीन फिट पानी भरा हुआ है। यही नहीं सोलह ऐसे स्कूल चिह्नित किए गए हैं जो टापू बने हुए हैं। यहां न तो जाया जा सकता है ओर न ही यहां से निकला ही जा सकता है।
रात में आई आंधी से गिरा पेड़
रात में आई आंधी के कारण चंदर्खा बुजुर्ग के पास पीपल का पेड़ बीच सड़क पर ही गिर गया। जिसके चलते क्षेत्र का आवागमन बाधित हो गया। मार्ग पर आवागमन करने के लिए दिन भर लोग प्रयास करते रहे। वहीं वीरपुर व रजगढ़वा में पानी भरा होने के कारण पूरा गांव जलमग्न है।
फोरलेन की स्थिति जर्जर
भिनगा से बहराइच के बीच 42 स्थानों पर फोरलेन धंस चुका है। यहां तक कि पांडेपुरवा से आगे बाएं तरफ एक ओर की फोरलेन ध्वस्त हो चुकी है। जबकि रेहरापुरवा के पास फोरलेन लगभग दो मीटर के दायरे में धंस गया है।
भिनगा लक्ष्मनपुर का मार्ग बंद
भिनगा से लक्ष्मनपुर जाने वाला मार्ग रेहली के पास बाधित हो गया है। सड़क पर तीन से चार फुट पानी बह रहा है। जिसके चलते कुछ लोग यहां यात्रियों का हाथ पकड़ कर सड़क पार कराने के लिए पचास रुपये भी ले रहे हैं। जबकि इस ओर जाने वाली बसें व अन्य साधन बंद हो चुके हैं।
तीन घर नदी में कटे
राप्ती ने कटान तेज कर दी है। रविवार को नदी ने मुस्काबाद निवासी नानबाबू वर्मा, गोमतीप्रसाद व चन्द्रप्रकाश के घरों को अपनी धारा में मिला लिया। अब नदी गांव के सतेश्वरप्रसाद, गोपीनाथ, हंशराज, दक्षराज, मदन, रामसागर, भगतराम, सत्यदेव व शत्रुघन प्रसाद सहित अन्य घरों को काट रही है।
आठ सौ बीघे फसल डूबी
जमुनहा, हरिहरपुररानी व इकौना तहसील में लगभग 800 बीघे फसल जलमगभन है। इससे सबसे ज्यादा नुकसान मेंथा की फसल को हो रहा है। यही नहीं राप्ती में कटान की जद में कृषि योग्य भूमि है। अब तक राप्ती मुस्काबाद गांव में ही लगभग डेढ़ सौ बीघा जमीन को अपनी धारा में मिला चुकी है। कई अन्य गांवों में कटान जारी है।

बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का लिया जायजा
एडीएम योगनंद पांडेय ने रविवार को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र जमुनहा में एनडीआरएफ टीम के साथ मोटर बोट से जायजा लिया। इस दौरान जिन गांवों में पानी बढ़ रहा है, वहां के लोगों को सुरक्षित स्थान पर निकलने के लिए कहा गया। इस संबंध में एडीएम ने बताया कि गांव में पानी धीरे धीरे बढ़ रहा है। इसलिए लोग सतर्क हैं। कुछ लोग सुरक्षित स्थान पर जा चुके हैं।
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