{"_id":"5d94ea968ebc3e01767f56ab","slug":"litracy-camp-srawasti-news-lko484833944","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाक्षरता शिविर में लोगों को दी गई कानूनी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाक्षरता शिविर में लोगों को दी गई कानूनी जानकारी
विज्ञापन
श्रावस्ती। जिला विधिक सेवा प्राधिकारी की ओर से मंगलवार को सिरसिया के प्राथमिक विद्यालय पंडितपुरवा में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। वरिष्ठ नागरिकों का संरक्षण एवं उनके अधिकार तथा उत्तर प्रदेश पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना 2014 एवं अन्य कानूनी विषयों की जानकारी पर आयोजित इस शिविर का शुभारंभ प्राधिकरण के सचिव व सिविल जज ने मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।
सिविल जज प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक इस समाज के आधार है। जिस घर में वृद्ध नहीं होंगे, वहां अनुशासन नहीं होगा। ऐसा घर जल्द ही टूट कर बिखर जायेगा। हर व्यक्ति को उनके अनुभव से लाभ लेना चाहिए।
उन्होंने पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक एवं अन्य कठिनाईयों के निदान के लिए उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 तथा तत्संबंधी नियमावली 2014 के अंतर्गत पीपीपी माडल पर समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित वृद्धा आश्रम के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
जहां वृद्ध जनों को पारिवारिक माहौल के साथ-साथ आवास, भोजन, दवा, वस्त्र आदि प्रदान की जानी वाली सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के बारे में बताते हुए कहा कि अपराध की संवेदनशीलता एवं पीड़ित को विशेष आवश्यकता के आधार पर 25 हजार से 1 लाख रुपये तक की अंतरिम सहायता विशिष्ट उपचार एवं देखभाल हेतु दी जा सकती है।
इसके साथ ही मुफ्त चिकित्सा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश पर थानाध्यक्ष अथवा क्षेत्र के मजिस्ट्रेट की ओर से जारी प्रमाण-पत्र पर पीड़ित को उपलब्ध कराई जाएगी। अध्यक्ष बाल कल्याण श्रावस्ती राजेश कुमार मिश्रा ने माता पिता, दादा को उनके बच्चों से आवश्यकतानुसार गुजारा भत्ता दिलवाने की व्यवस्था के बारे में बताया।
अधिवक्ता विष्णुदत्त अस्थाना ने वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और पौष्टिकता, आश्रय, आवश्यकताओं, उचित रियायतें आदि के बारे में जानकारी दी। उपनिरीक्षक किशोर पासवान व ओमकार नाथ चैधरी ने बुजुर्गों की सेवा करने की बात कही। इस मौके पर लेखपाल कृष्ण कुमार वर्मा, पंकज कुमार, ज्योति पांडे सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
सिविल जज प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक इस समाज के आधार है। जिस घर में वृद्ध नहीं होंगे, वहां अनुशासन नहीं होगा। ऐसा घर जल्द ही टूट कर बिखर जायेगा। हर व्यक्ति को उनके अनुभव से लाभ लेना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने पारिवारिक, सामाजिक, आर्थिक एवं अन्य कठिनाईयों के निदान के लिए उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007 तथा तत्संबंधी नियमावली 2014 के अंतर्गत पीपीपी माडल पर समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित वृद्धा आश्रम के बारे में जानकारी दी।
विज्ञापन
जहां वृद्ध जनों को पारिवारिक माहौल के साथ-साथ आवास, भोजन, दवा, वस्त्र आदि प्रदान की जानी वाली सुविधाओं के बारे में बताया। उन्होंने पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के बारे में बताते हुए कहा कि अपराध की संवेदनशीलता एवं पीड़ित को विशेष आवश्यकता के आधार पर 25 हजार से 1 लाख रुपये तक की अंतरिम सहायता विशिष्ट उपचार एवं देखभाल हेतु दी जा सकती है।
इसके साथ ही मुफ्त चिकित्सा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेश पर थानाध्यक्ष अथवा क्षेत्र के मजिस्ट्रेट की ओर से जारी प्रमाण-पत्र पर पीड़ित को उपलब्ध कराई जाएगी। अध्यक्ष बाल कल्याण श्रावस्ती राजेश कुमार मिश्रा ने माता पिता, दादा को उनके बच्चों से आवश्यकतानुसार गुजारा भत्ता दिलवाने की व्यवस्था के बारे में बताया।
अधिवक्ता विष्णुदत्त अस्थाना ने वरिष्ठ नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और पौष्टिकता, आश्रय, आवश्यकताओं, उचित रियायतें आदि के बारे में जानकारी दी। उपनिरीक्षक किशोर पासवान व ओमकार नाथ चैधरी ने बुजुर्गों की सेवा करने की बात कही। इस मौके पर लेखपाल कृष्ण कुमार वर्मा, पंकज कुमार, ज्योति पांडे सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।