श्रावस्ती/तुलसीपुर। लंबित मांगों पर शासन स्तर से ठोस कार्रवाई न होने से नाराज लेखपालों ने आंदोलन तेज करने का एलान किया है। तीन अक्तूबर को संपूर्ण समाधान दिवस के बहिष्कार के बाद आठ अक्तूबर से ऑनलाइन कार्यों और प्रशासनिक सोशल मीडिया ग्रुपों का बहिष्कार किया जाएगा। मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो 24 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिला मंत्री आशुतोष पांडेय ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व ने मुख्य सचिव को पत्र भेजकर चरणबद्ध आंदोलन की जानकारी दी है। लेखपाल 22 सितंबर से अतिरिक्त हल्कों के बस्तों का बहिष्कार कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई।
तीन अक्तूबर को सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक धरना-प्रदर्शन के बाद एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। आठ अक्तूबर से आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, वरासत, किसान रजिस्ट्री और सत्यापन समेत ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार होगा। 10 अक्तूबर को काली पट्टी बांधकर थाना समाधान दिवस में विरोध जताया जाएगा। 12 अक्तूबर को तहसील व जिला मुख्यालयों पर रक्तदान शिविर और 14 अक्तूबर को बाइक रैली निकाली जाएगी। 17 से 23 अक्तूबर तक लेखपाल पूर्ण कार्य बहिष्कार कर तहसील मुख्यालयों पर सुबह 10 से शाम चार बजे तक धरना देंगे। इसके बाद 24 अक्तूबर से सभी शासकीय व राजस्व कार्यों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा। जमुनहा तहसील के मंत्री अमरचंद्र ने बताया कि प्रांतीय निर्देश के अनुसार तहसील में भी आंदोलन चलाया जाएगा।